Bobby and Dharmendra deol
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Summary: धर्मेंद्र को गुस्सा कम आता है लेकिन उस दिन आया

उस आदमी ने धर्मेंद्र के पैरों में गिरकर कहा, ‘सर, मैं आपसे प्यार करता हूं, माफ कर दीजिए।’ बाद में धर्मेंद्र ने माफ भी किया।

Dharmendra Fan Incident Story: दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र हमेशा से ही लोगों के बीच अपार लोकप्रियता का आनंद लेते रहे हैं। आज भी, 89 साल की उम्र में, उनका आकर्षण जरा भी कम नहीं हुआ है। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नजर डालें तो ढेरों कमेंट्स मिलते हैं, जहां लोग न सिर्फ उनके शानदार करियर की तारीफ करते हैं बल्कि उनकी फिटनेस और उम्र के साथ आने वाली गरिमा की भी सराहना करते हैं। लेकिन कई बड़े सितारों की तरह धर्मेंद्र को भी कभी-कभी जुनूनी फैंस का सामना करना पड़ा। ऐसे मौकों पर कई बार उनका गुस्सा भी भड़का।

हाल ही में यूट्यूबर राज शमानी से बातचीत के दौरान, बॉबी देओल ने अपने बचपन का एक वाकया याद किया जब उनके पिता धर्मेंद्र ने एक फैन को पीट दिया था। बॉबी ने कहा,“उन्होंने कभी किसी को खास महसूस कराने से रोका नहीं। वे जिस भी इंसान से मिलते हैं, उसे बेहद खास और सम्मानित महसूस कराते हैं। इतना प्यार देते हैं और यह बहुत दुर्लभ गुण है। लेकिन कई बार ऐसा हुआ जब कुछ फैंस ने बेवकूफी की और उन्होंने उन्हें पीट दिया।” यह सुनकर होस्ट भी हैरान रह गए।

बॉबी ने उस घटना को समझाते हुए कहा, “जब नए फैन आते हैं तो उन्हें पता नहीं होता कि कैसे बर्ताव करना है। वे बहुत ज्यादा उत्साहित हो जाते हैं। कभी कुछ गलत बोल देते हैं या गलत तरह से पेश आ जाते हैं। मैं वहीं खड़ा देख रहा था और सोच रहा था, ‘पापा ऐसा क्यों कर रहे हैं?’ आखिरकार उस आदमी ने उनके पैरों में गिरकर कहा, ‘सर, मैं आपसे प्यार करता हूं, माफ कर दीजिए।’ पापा भी यह करना नहीं चाहते थे, लेकिन शायद उस फैन ने कुछ ऐसा कह दिया था जिसने उन्हें सचमुच आहत किया।”

इसके बावजूद, धर्मेंद्र का असली स्वभाव सामने आया। बॉबी ने आगे बताया, “फिर पापा उसे घर ले आए। उसे बैठाया, दूध पिलाया, खाना खिलाया और यहां तक कि कपड़े भी दिए। वो ऐसे ही इंसान हैं। वो शब्दों से नहीं, एक्शन से अधिक दिखाते हैं। अगर किसी ने पापा को दुखी कर दिया, तो फिर बस! लोग अक्सर मेरे भाई (सनी देओल) के ‘ढाई किलो का हाथ’ की बातें करते हैं, लेकिन आपने पापा का हाथ देखा ही नहीं। उनका हाथ तो बीस किलो का लगता है।”

उसी बातचीत में बॉबी ने अपने बचपन की सख्त और सुरक्षित परवरिश के बारे में भी बताया। धर्मेंद्र को अपने बच्चों की सुरक्षा का इतना ख्याल था कि उन्होंने बॉबी को बाहर जाने तक की इजाज़त नहीं दी। उन्हें चेतावनी दी गई थी कि उस समय के कुख्यात बच्चा-अपहरणकर्ता रंगा-बिल्ला बच्चों के पीछे पड़े रहते हैं। इसी वजह से बॉबी का बचपन घर की चारदीवारी तक ही सीमित हो गया। बॉबी ने कहा, “मेरे पापा मुझे घर से बाहर बिल्कुल नहीं निकलने देते थे। स्कूल से लौटकर बस घर में रहना होता था। मैंने साइकिल चलाना भी अपने घर के अंदर ही सीखा। कॉलेज के दिनों में जब मेरे दोस्त हाउस पार्टियां करने लगे तो मुझे वहां जाने की अनुमति नहीं थी। मेरा नाइट कर्फ्यू रात 9 बजे का था। मैं अपने दोस्तों के घर जाता, उनकी पार्टी सेट करने में मदद करता और फिर वहां से निकल आता।”

ढाई दशक से पत्रकारिता में हैं। दैनिक भास्कर, नई दुनिया और जागरण में कई वर्षों तक काम किया। हर हफ्ते 'पहले दिन पहले शो' का अगर कोई रिकॉर्ड होता तो शायद इनके नाम होता। 2001 से अभी तक यह क्रम जारी है और विभिन्न प्लेटफॉर्म के लिए फिल्म समीक्षा...