एक्टर Kareena Kapoor को आए दिन सोशल मीडिया पर बुड्ढी और उम्रदराज जैसे शब्दों को सामना करना पड़ता है। यूजर्स उन्हेें ट्रोल करते हैं। एक्टर आमिर खान के साथ लाल सिंह चड्डा में लीड रोल निभा रही हैं। इस फिल्म के लिए भी उन्हें ऐसे ही ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है।
यह उम्र के पड़ाव हैं
यह जिंदगी है जनाब। हम पैदा होते हैं तो हम बच्चे होते हैं, फिर हम जवान होते हैं फिर अधेड़ और फिर बूूढ़े हो जाते हैं। यह उम्र के पड़ाव हैं। जीवन बढऩे के साथ-साथ हम इन पड़ावों का सामना करते हुए आगे की ओर निकलते जाते हैं। कुछ ऐसा ही उम्र का एक पड़ाव बूढ़ा होना भी है। फिर ऐसा क्या और क्यों हुआ कि करीना को बुुढ्ढी कहकर ट्रोल किया जाने लगा। इतनी हद तक कि लगने लगा कि शायद इस शब्द में ही कहीं कोई खोट है। लेकिन सोचिए क्या सच में बूढ़़ा होना कोई बुरी बात है।
उनसे तो सीखा जा सकता है
करीना ने हाल ही में अपना ४१ वां बर्थडे सेलिब्रेट किया है। वह खुद अपनी उम्र को स्वीकार करती हैं। करीना दो बच्चों की मां हैं। उनकी फिटनेस लाजवाब है। वह योगा के जरिए अपनी सेहत का भरपूर ध्यान रखती हैं। करीना वह एक्टर हैं जिन्होंने अपनी पहली प्रेगनेंसी के दौरान भी काम करना जारी रखा। अपने काम से उन्होंने कोई ब्रेक नहीं लिया। सेहत और अपनी सुंदरता का ध्यान कैसे रखना चाहिए यह तो उनसे सीखना चाहिए।
मुझे अच्छा लगता है बड़ा होना
करीना को अपनी बढ़ती उम्र को लेकर भी कोई चिंता नहीं है। वह अपनी उम्र के साथ सहज हैं। वह कई इंटरव्यूज में स्वीकार कर चुकी हैं कि अपनी उम्र का बढऩा उन्हें अच्छा लगता है। उन्हें लगता है कि उम्र का बढऩा उन्हें और भी समझदार बना रहा है।
स्क्रीनशॉट किया साझा

ऐसा पहली बार नहीं है कि करीना को इंटरनेट यूजर्स ने उम्र की वजह से ट्रोल किया हो। हां उन्होंने जवाब पहली बार दिया है। इंस्टाग्राम पर उन्होंने एक स्क्रीनशॉट साझा किया और लिखा कि क्या बूढ्डी एक इंसल्ट है। मेरे लिए तो यह एक शब्द है। एक शब्द जिसका अर्थ होता है बूढ़ा होना। हां मेरी उम्र बढ़ रही है मैं समझदार हो रही हूं। लेकिन तुम कौन हो। न तुम्हारा चेहरा है न उम्र है न कोई शक्ल।
उनकी बेस्ट फ्रैंड ने भी दिया साथ
सच है कि सोशल मीडिया पर हम कुछ भी लिखने से पहले कुछ सोचनाा ही नहीं चाहते। करीना की बेस्ट फ्रैंड अमृता ने भी उनका स्क्रीनशॉट साझा किया। उन्होंने लिखा कि वे भी आए दिन वेट गेन को लेकर ट्रोलिंग का शिकार होती हैं। वे कहती हैं प्रेगनेंसी की वजह से मैंने वेट गेन किया है। लेकिन हद है कि हमारी प्रॉब्लम से दूसरों को इतनी समस्या क्यों होने लगती है।
बूढ़ा होना किस्मत की बात
हम सभी लोगों ने कोरोना वायरस के कहर को अपनी जिंदगियों में देखा है। बहुत सारे लोगों के अपने इस वायरस की चपेट में आए। सैकंड फेज में तो एक समय वो भी आया था जब लगता था कि पता नहीं कल क्या होगा। कल हम जिंदा भी रहेंगे या नहीं। ऐसे में बूढ़े होने की अहमियत तो समझ ही सकते हैं हम। हर किसी को बूढ़ा होना मय्यससर भी नहीं होता। शक्ल पर झुर्रिया यूं ही नहीं आ जाती। तर्जुेबे की चमक उन झुर्रियों को और भी खूबसूरत बनाती है। ऐसे में किसी को ताना मारने के लिए इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। बूड़ा होना एक प्रकिया है। तर्जुबों से आपका एक संवाद है। अपनी आंखों से नकारात्मकता का चश्मा हटाकर लोगों को देखना शुरु करें। करीना को देखें समझें कि कैसे दो बच्चों की मां एक अभिनेत्री के तौर पर खुद के सपनों को कैसे पंख दे रही है। तो क्या हुआ कि करीना की उम्र हो चली है। लेकिन अपनी उम्र को धता बताकर वो आगे बढ़ रही है। ंजान लीजिए आप कि बुड्डा होना हर किसी के बस की बात नहीं। बहुत खूबसूरत होता है बूढ़ा होना। प्लीज इस शब्द का इस्तेमाल यों ही मत कर दीजिए।
