Mira Nair with son
Mira Nair with son

न्यूयॉर्क मेयर बने जोहरान ममदानी, जीत के बाद मंच पर मां मीरा नायर ने गले लगाकर दी बधाई

भारतीय मूल के जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के पहले दक्षिण एशियाई मूल के मेयर बने। जीत के बाद मां मीरा नायर ने मंच पर आकर उन्हें भावुक होकर गले लगाया।

जोहरान ममदानी मंगलवार को न्यूयॉर्क शहर के मेयर चुने गए। इस जीत ने उन्हें शहर का पहला दक्षिण एशियाई मूल का मेयर मेयर बना दिया है। जोहरान ने खुद को ‘डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट’ बताते हुए आम नागरिकों के मुद्दों को केंद्र में रखा। उन्होंने एक्स-गवर्नर एंड्रयू कुओमो और कर्टिस स्लिवा जैसे बड़े नेताओं को हराकर यह मुकाम पाया। लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सोशल मीडिया पर एक और नाम ट्रेंड करने लगा, वह है मीरा नायर। वजह साफ है, मीरा नायर जोहरान की मां हैं। सिनेमा प्रेमियों के लिए यह गर्व का पल है कि भारतीय सिनेमा की सबसे मशहूर महिला निर्देशक के बेटे जोहरान अब दुनिया के सबसे प्रभावशाली शहरों में से एक का नेतृत्व करने जा रहे हैं। जीत के बाद मां मीरा नायर ने मंच पर आकर बेटे को गले लगा लिया। पिता महमूद ममदानी भी मौजूद रहे। मेयर पत्नी के साथ ‘धूम मचा ले’ गाने पर झूमते नजर आए।

Mira Nair and son
Mira Nair and son

सलाम बॉम्बे, द नेमसेक की डायरेक्टर हैं मीरा नायर

मीरा नायर का जन्म 15 अक्टूबर 1957 को राउरकेला, उड़ीसा में हुआ। उनके पिता अमृत लाल नायर भारतीय प्रशासनिक सेवा में थे, जबकि उनकी माँ प्रवीण नायर एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता थीं। उनका करियर 1979 में एक डॉक्यूमेंट्री से शुरू हुआ, जिसमें दिल्ली की जामा मस्जिद के आसपास रहने वाले लोगों की जिंदगी को दिखाया गया था। फिर 1988 में आई उनकी पहली फीचर फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ ने इतिहास रच दिया। इसने 25 से ज्यादा पुरस्कार और ऑस्कर में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म के लिए नॉमिनेशन जीता।

इसके बाद उन्होंने ‘मॉनसून वेडिंग’, ‘द नेमसेक’, और ‘द रिलक्टेंट फ़ंडामेंटलिस्ट’ जैसी फिल्मों से अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की। मीरा को कभी हैरी पॉटर एंड द ऑर्डर ऑफ द फीनिक्स और ट्वाइलाइट जैसी फिल्मों को डायरेक्ट करने का ऑफर मिला था। लेकिन उन्होंने भारतीय कहानियां कहने के अपने सपने को चुनते हुए इसे ठुकरा दिया।

कई पुरस्कार जीत चुकी हैं

मीरा नायर अब तक कई अहम फीचर फिल्में बना चुकी हैं और अपने काम के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं। उन्हें पद्म भूषण, गोल्डन लायन और कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। 1988 में उन्हें ऑडियंस अवॉर्ड मिला। उनकी फिल्म The Reluctant Fundamentalist को IFFI Centenary Award से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें यूनेस्को अवॉर्ड, गोल्डन लायन और न्यू जनरेशन अवॉर्ड जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुए हैं।

दूसरे पति के बेटे हैं जोहरान

मीरा ने पहली शादी अपने फोटोग्राफी शिक्षक मिशेल एपस्टीन से की थी। हालांकि 10 साल बाद यह रिश्ता 1987 में टूट गया। कुछ वक्त तक वह शादी को लेकर संदेह में रहीं, लेकिन ज़िंदगी ने फिर एक खूबसूरत मोड़ दिया। वह 1989 में अपनी फिल्म मिसिसिपी मसाला की रिसर्च के सिलसिले में युगांडा गईं और वहीं उनकी मुलाकात अफ्रीकी-भारतीय लेखक और प्रोफेसर महमूद ममदानी से हुई। जल्द ही दोनों का रिश्ता दोस्ती से प्यार में बदल गया और 1991 में शादी कर ली।

इसी दौरान जन्म हुआ उनके बेटे जोहरान ममदानी का। आज वही बेटा दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक शहर का नेता बन चुका है। 18 अक्टूबर 1991 को कंपाला (युगांडा) में जन्मे जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क के ब्रॉन्क्स हाई स्कूल ऑफ साइंस से स्कूली शिक्षा हासिल की। इसके बाद उन्होंने मेन स्थित बोउडॉइन कॉलेज से अफ्रीकाना स्टडीज़ में स्नातक किया।

Filmmaker Mira Nair with son Zohran mamdani
Filmmaker Mira Nair with son Zohran mamdani

ईमानदारी और सादगी का प्रतीक हैं जोहरान

जोहरान ने 11 साल दुबई में काम किया, फिर अमेरिका लौटकर सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया। वे हमेशा उन आवाजों के साथ खड़े रहे जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं जैसे प्रवासी समुदाय, और युवा वर्ग। उनकी राजनीति में ईमानदारी और सादगी झलकती है। एक पुराने इंटरव्यू में सलाम इंडिया डायरेक्टर मीरा नायर ने बताया था कि उनका बेटा बिलकुल देसी है, वो भारत और युगांडा में पला है और उसको इन्हीं देशों से प्यार है। वो हिंदुस्तानी संस्कृति के बहुत क़रीब है।

अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...