Jaipur woman's 'Ola bike ride' experience goes viral
Jaipur woman's 'Ola bike ride' experience goes viral

Summary: ओला बाइक राइड का अनुभव वायरल, जयपुर महिला ने शेयर किया जिंदगी का अनमोल सबक

जयपुर की आयुषी नामक महिला ने अपने ऑफिस से घर लौटते समय अनुभव किए गए ओला बाइक राइड का अनुभव सोशल मीडिया पर साझा किया, जो वायरल हो गया। राइड के दौरान ड्राइवर का पेट्रोल खत्म हो गया और महिला ने उसे नजदीकी पेट्रोल पंप तक पैदल जाने में मदद की। इसके बाद ड्राइवर ने किराया बढ़ा लिया, जिससे महिला को लगा कि उसकी सहानुभूति की कद्र नहीं हुई।

Jaipur Ola Ride Incident: अक्सर सोशल मीडिया पर कई अजीबों- गरीब चीजें सामने आती हैं, इसमें कुछ ऐसी होती हैं, जिन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। इसी बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर एक महिला का पोस्ट खूब वायरल हो रहा है। पोस्ट में जयपुर की एक महिला ने ‘ओला बाइक राइड’ से जुड़ा अपना एक्सपीरियंस सोशल मीडिया पर शेयर किया। इस दौरान ड्राइवर ने जो महिला के साथ किया उसने उसका दिल दुखा दिया, तो यह पोस्ट सोशल मीडिया पर अब खूब वायरल हो रहा है।

दरअसल, इस वायरल पोस्ट को लिंक्डइन पर शेयर किया गया है, जहां आयुषी नाम की महिला ने अपनी कहानी पोस्ट की। उन्होंने बताया कि ऑफिस से घर लौटते वक्त उन्होंने एक ओला बाइक बुक की थी, लेकिन सफर के बीच में ही ड्राइवर ने बाइक रोक दी, क्योंकि पेट्रोल खत्म हो गया था।

Woman who walked with the driver learned a valuable life lesson
Women shares her ola bike ride experience

फिर शरुआत हुई जीवन के एक अनमोल सबक की! महिला ने अपनी पोस्ट शेयर करते हुए लिखा – कल दफ्तर से घर लौटते वक्त मैंने ओला बाइक ली। रास्ते में ही ड्राइवर ने बाइक रोक दी। पेट्रोल खत्म हो गया था। अब मेरे पास दो रास्ते थे: पहला कि राइड खत्म कर दूं या दूसरी कैब बुक करके आगे बढ़ जाऊं। या फिर उसके साथ चलकर नजदीकी पेट्रोल पंप तक जाऊं। मैंने दूसरा रास्ता चुना।

हम लगभग 1 किलोमीटर साथ चले, लेकिन मैंने सोचा- बेचारे के लिए कितना मुश्किल होगा। कम से कम मुझे भी शाम की सैर मिल जाएगी। उसने पेट्रोल भरवाया, फिर हमने सफर जारी रखा। उसने मुझे घर छोड़ दिया। किराया 101 रुपये हुआ… मैंने पेमेंट किया और घर की तरफ चलने लगी। वो पीछे से बोला- मैडम, 108 रुपये होता है। मैं थोड़ी हैरान हुई कैसे? अभी तो ₹101 दिखा रहा था। वो बोला – पता नहीं, शायद बढ़ गया। मैंने पूछा- क्या पेट्रोल पंप तक जाने की वजह से? वो बोला- हां, शायद। मैंने 7 रुपये और दिए, और चुपचाप घर चली आई।

घर आकर मां के सामने रो पड़ी। 7 रुपये की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए कि उस पल लगा – मेरी सहानुभूति गायब हो गई। मैं उसके साथ उसके संकट में चली, देर हुई तो भी कुछ नहीं कहा, लेकिन बदले में उसने उसी सफर का पैसा मांग लिया जो उसकी गलती की वजह से हुआ था।भाई हंसने लगा- सात रुपये के लिए रो रही हो? वो समझ नहीं पाया। मुद्दा पैसे का नहीं था।

महिला ने अपनी मां को घर जा के रोते हुए सारी बात बताई। तब मां ने एक बात कही, जिसने मेरा नजरिया बदल दिया- कई बार लोग अपनी परेशानियों में इतने उलझे होते हैं कि उन्हें अपने आस-पास की अच्छाई नजर ही नहीं आती। उस दिन मैंने तीन बातें सीखी। सहानुभूति लेन-देन नहीं होती, जो लोग संघर्ष में जी रहे होते हैं, वो अक्सर दूसरों की दयालुता महसूस नहीं कर पाते। तुम्हारी अच्छाई की कीमत होती है भले कोई उसे देख न पाए।मैं अब भी यही मानती हूं। दया को चुनो।

Told the whole story to her mother while crying
Debate On Social media

सोशल मीडिया पर इस वायरल पोस्ट को हजारों लाइक्स और सैकड़ों कमेंट्स मिल चुके हैं। एक यूजर ने लिखा- ये आंखें खोल देने वाला अनुभव है। दूसरे ने कहा- एम्पैथ्स की यही दिक्कत है। हमें अपनी उम्मीदें कम करनी होती हैं। वहीं एक यूजर ने ड्राइवर का पक्ष रखते हुए लिखा- अगर आपने 7 रुपये नहीं दिए होते तो ऐप में उसका बैलेंस माइनस दिखता। उसके लिए यही काम उसकी रोजी-रोटी है।

एक अन्य यूजर ने लिखा- मैं रोज रैपिडो से ऑफिस जाती हूं और हर दिन किसी न किसी नए अनुभव से सीखने को मिलता है। ये छोटी-छोटी बातें हमें इंसानियत सिखाती हैं।

मेरा नाम नमिता दीक्षित है। मैं एक पत्रकार हूँ और मुझे कंटेंट राइटिंग में 3 साल का अनुभव है। मुझे एंकरिंग का भी कुछ अनुभव है। वैसे तो मैं हर विषय पर कंटेंट लिख सकती हूँ लेकिन मुझे बॉलीवुड और लाइफ़स्टाइल के बारे में लिखना ज़्यादा पसंद...