मलाला युसुफज़ई ने कहा है कि ‘अपनी बेटियों का सम्मान करें। वे सम्माननीय हैं’।मलाला के इसी कथन पर और उनकी जिंदगी से प्रेरित है यह शो ।इसमें लड़कियों को आज भी किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
क्या है खास-
जिन्दगी का नया शो एक बेटी के संघर्ष की कहानी ‘मैं बुशरा’ एक जवान, पढ़ी-लिखी और आत्मविश्वासी औरत, बुशरा वारसी की कहानी, जो अपने पिता को यह साबित करके दिखना चाहती है की बेटियाँ बेटों जीतनी काबिल नहीं तो उनसे ज्यादा सक्षम होतीं है । इस शो में हुनरमंद मावरा होसैन ने बुशरा की मुख्य भूमिका निभायी है और इसमें कलाकारों का एक समूह है, जिसमें शामिल हैं अफ्फ़ान वाहीद, सबा हमीद और फैज़ल कुरैशी। ‘मैं बुशरा’ ज़िन्दगी पर हर सोमवार से शनिवार रात 8 बजे प्रसारित होगा।
क्या है कहानी-
मैं बुशरा एक ऐसी लड़की के संघर्ष को दर्शाता है, जो हर मुश्किल के बावजूद, सदियों पुरानी मान्यताओं को तोड़ने के लिए और सम्मान और शान के साथ रहने के लिए कृतसंकल्प है। एक ऐसे मध्यमवर्गीय पिता नसीर (वसीम अब्बास) की बेटी, जो सिर्फ एक बेटा चाहता है, बुशरा एक ऐसे घर से हैं जो बेटियों के बजाए बेटों के वर्चस्व में यकीन रखता है। बुशरा और उसकी बहनें न चाहते हुए भी इस मानसिकता की शिकार हैं बुशरा लगातार इस मानसिकता को दूर करने की और अपने परिवार के सामने अपनी अहमियत साबित करने की कोशिश करती है। बुशरा अपने लक्ष्य ऊँचे रखने में और उन्हें हासिल किए बगैर न रुकने में यकीन रखती है, लेकिन उसका परिवार ही उसकी कामयाबी के आड़े आ जाता है। उसके खिलाफ उनके पूर्वाग्रहों के बावजूद, बुशरा जिन्हें प्यार करती है उनकी मदद करने के लिए अपनी खुद की ज़िन्दगी और हसरतों की क़ुरबानी देकर ज़रूरत से ज़्यादा करती है।
क्या बुशरा को अपने परिवार की सहायता करने की कोशिशों के लिए सराहा जायेगा? क्या वो अपने पिता और परिवार के सामने यह साबित कर सकेगी कि वो किसी भी तरह से बेटे से कम नहीं है? ‘मैं बुशरा’ में लकीर के फकीरों से भरी दुनिया में अपने सपनों को पूरा करने के बुशरा के संघर्ष को देखिये सोमवार से शनिवार रात 8 बजे सिर्फ ज़िन्दगी पर!
यह भी पढ़े-
कपिल शर्मा ने दिखाया अंग्रेजीपंती को अंगूठा
टीवी की इस बहू ने कभी इम्तियाज़ अली को छेड़ा था
रेमो डिसूजा लायेंगे डांस प्लस सीजन 2 में देश की अगली डांसिंग सनसनी
36 साल बाद मिलेगी भारत को पी टी उषा जैसी दूसरी उड़नपरी
गुस्सा आने पर सारा खाना अकेले खा जाती हूँ-आरती सिंह
सफलता को सिर पर नहीं चढ़ने देना चाहिए -अमन वर्मा
अपने घर की लेडी डॉन मैं ही हूँ-उर्वशी शर्मा
आप हमें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।
