आज के समय में जब महिलाओं के प्रति समाज में सेट हुए नियम बदल रहे हैं, महिलाओं व लड़कियों के लिए एक सकारात्मक रोल मॉडल होना बहुत ही आवश्यक हो गया है। खास कर आज के सोशल मीडिया व बुलीइंग समाज के बीच रहने के लिए।
एक प्रेरणा दायक, सपोर्टिव महिला का किसी भी अन्य महिला पर बहुत ख़ास प्रभाव पड़ सकता है। एक आंटी चाहे वह बुआ हो, मासी हो या अन्य कोई भी रिश्तेदार आप की मां और दोस्त के बीच का परफेक्ट मिश्रण है। वह एक जवान लड़की की जड़ों का हिस्सा भी है और उसे अपनी मर्जी से कुछ भी करने को प्रोत्साहित भी करती हैं। लेकिन ये रिश्ते कितने अपने कितने सपोर्टिव या कितने फनी होते हैं जानिए इस लेख के माध्यम से। सबसे पहले आज हम बात करते हैं बुआ की। बुआ एक अनोखा रिश्ता, जो असल में पापा की बहन होती है।लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बुआओं की भी अलग-अलग कैटेगरी है, जैसे हाथ की सब उंगलियां बराबर नहीं होतीं, वैसे ही सब बुआओं का स्वभाव भी अलग अलग होता है।
सबसे पहली कैटेगरी है
पार्टी करने वाली बुआ :
यदि भतीजा भतीजी आकर अपनी बुआ से कहें “बुआ आज मेरा ब्रेकअप हो गया।” ऐसे में आपको जानकर आश्चर्य होगा कि पार्टी वाली बुआ फॉरेन कहेंगी,” चलो इसी खुशी में पार्टी करते हैं।” कोई भी पार्टी इन के बिना शुरू नहीं की जा सकती है या फिर हम यह भी कह सकते हैं कि यह स्वयं ही एक पार्टी होती हैं। केवल एक ही शब्द इनके व इनके भतीजे व भतीजियों के बीच का प्यार भरा रिश्ता बता सकता है और वह शब्द है फन। यह आप के किसी भी फंक्शन को मौज व मस्ती से भर देती हैं। पार्टी वाली बुआ आप के साथ समय बिताने में बिल्कुल भी संकोच नहीं करती हैं। बच्चे भी इन के साथ बहुत खुल जाते हैं और किसी प्रकार के नियमों को भी नहीं मानते। जब यह बुआ आप के घर आ जाती हैं तो यह बात तो पक्की है कि आप की शाम रोजाना की तरह बोरिंग व चुप चाप नहीं बीतने वाली है। बल्कि अब वह चुटकुलों व अन्य मस्ती भरी गतिविधियों से भरपूर होगी।
आधुनिक कूल बुआ
इस प्रकार की बुआ कूल बनने की कोशिश नहीं करती हैं बल्कि वह स्वयं ही कूल होती हैं और उनकी यही अदा आप को भी कूल बनाती है। यह बुआ किसी प्रकार के कूल बनने के नियमो में नहीं घुसती हैं। यह पॉप कल्चर से जुड़ी होती हैं और अपने पैरो पर भी खड़ीं होती हैं। यह आंटिया अपनी भतीजी को इंस्टाग्राम पर व स्नैपचैट पर फॉलो करने में किसी प्रकार की शर्म नहीं मानती हैं। हालांकि इनको दूसरों की निजता की कद्र करनी भी आती है। यह बे फालतू की टिप्पणियां आप की फोटो पर नहीं करेंगी और जब भी आप को हंसी मजाक की जरूरत होगी तो आप को सबसे आगे यही बुआ मिलेंगी।
दुआओं वाली बुआ
दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई रिकॉर्ड्स तोड़ें। इस फिल्म में एक किरदार था कम्मो बुआ जिसे सब ने बहुत पसंद किया था। यह बुआ हर समय अपनी भतीजी के सपोर्ट में खड़ी रहती थी।यह वह बुआ होती हैं जो हमेशा आप की यानी अपने भतीजे या भतीजी की साइड रहती हैं। आप इनको पहली बार मिलते ही इनके फैन बन जाते हैं। यह बुआ आप के हर कार्य में आप को सपोर्ट करती हैं और आप के लिए एक तरह की चीरलीडर बन जाती हैं। यदि आप जिंदगी में बेहतर निर्णय नहीं ले पा रहे हैं और आप को कई बार हार या निराशा भी हाथ लगती है तो यह बुआ आप में विश्वास रखती हैं कि कभी न कभी आप अवश्य जीत हासिल करेंगे। यह आंटी आप को अपने सोशल मीडिया पर भी मेंशन करती रहेंगी और आप को भी अपने दोस्तो से इन्हे परिचित कराने में किसी प्रकार की शर्म नहीं आएगी।
ममतामयी बुआ
यह बुआ बिल्कुल आप की मां की जैसी होती हैं। यह अपने भतीजे व भतीजी को भी उतना ही प्यार व दुलार करती हैं जितना कि वह अपने बच्चों को करती हैं। वह स्वयं भी एक मां होती हैं और आप को अपने ही बच्चों में गिन लेती है । यह बुआ आप के गलती करने पर आप को डांटने में भी नहीं डरती हैं और हो सकता है कभी इनके साथ आपकी लड़ाई भी हो जाए। आप इनके साथ अपनी सारी बातें व कहानियां शेयर कर सकते हैं। आप में व उनके बच्चों में केवल रिश्ते का फर्क होता है प्रेम व दुलार का नहीं। इन बुआ ने आप को बचपन में नहलाया होगा, खिलाया होगा, आप के जन्मदिन पर आप के लिए केक बनाया होगा। और आप सुख, दुख हर हालत में इनके पास जाना ही पसंद करेंगे।
अकल बांटने वाली बुआ
यह बुआ अपने घर की सबसे अधिक अकल वाली स्त्री मानी जाती हैं. जिस मुकाम पर आकर सबके अकल के बल्ब फ्यूज़ होते हैं उस समय इनका बल्ब जलता है। यह बड़े ही इतना तो बोलते हैं अरे तुम्हारी अकल घास चरने चली गयी है क्या। खुद ही अपनी पीठ थपथपाते हुए और सामने वाले को बेवकूफ करार दे देती हैं। घर की बहू बेटी इनके सामने कुछ बोलने से अच्छा, वहां से चुपचाप खिसकना समझती हैं। वह अलग बात है कि ऐसी बुआयें अकसर: हास्य का पात्र बनती हैं।
फनी बुआ
अभी हाल में ही रिलीज हुई मूवी घूमकेतु जिसमें नवाज़ुद्दीन सिद्धकी ने घूमकेतु का रोल निभाया है उनकी एक बुआ, संतो बुआ भी एक बुआओं का एक टाइप है। जो ऐसी डकार लेती है कि सारा घर भाग जाता है। उनकी डकार सुनकर सब लोग परेशान हो जाते हैं। ऐसी बुआयें जब भी छींकतीं हैं या डकार लेतीं हैं आसपास बैठे लोग चुपचाप खिसक लेते हैं। वह सब को रोकती रह जाती हैं।
शिकायतों की पोटली बुआ
भाभी तुम्हें क्या अकल नहीं है? तुमने आंखों पर पट्टी बांध रखी हैं”! मुंह बनाते हुए बुआ जी ने कहा!
“क्या हुआ दीदी क्यों नाराज हो रही हो”?
मेरा मुंह मत खुलवाओ। ऐसा भी क्या बहू प्रेम हो गया कि बहू सुबह से घर से निकल जाए, और सास सारा दिन काम करें।”
“दीदी यह तो कोई नाराज होने की बात नहीं। अपनी नेहा भी तो शादी के बाद काम करती है। तो हमारी बहू शामली क्यों नहीं”?
“लगता है तुम्हारी बहू ने तुम पर जादू कर दिया है! आगे से नहीं आने वाली मैं तुम्हारे घर । ना मान ना सम्मान ऊपर से बहस पर बहस करे जा रही हो”!
ऐसा कुछ कुछ आपने भी अपने किसी बुआ को या बुआ सास को नाराज होते हुए देखा होगा? ऐसी बुआओं की शिकायतों की पोटली कभी खत्म नहीं होती। छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बात पर हमेशा मुंह बना रहता है। ऐसी बुआओं से हर कोई दूर भागता है।
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