Summary: रहस्यमयी गुफा में मिला दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी जाल, दो प्रजातियां रहती हैं साथ
वैज्ञानिकों ने एक रहस्यमयी गुफा में दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी जाल खोजा है, जहां 1.11 लाख से ज्यादा मकड़ियां साथ रहती हैं।
World Largest Spider Web: क्या आपने कभी सोचा है कि हजारों मकड़ियां एक ही जगह मिलकर रह सकती हैं? सुनने में अजीब लगता है, लेकिन वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसी खोज की है जिसने सबको हैरान कर दिया है। दरअसल एक गुफा में दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी जाल पाया गया है। यह जगह इतनी रहस्यमय है कि वहां न धूप पहुंचती है, न सांस लेने लायक हवा फिर भी हजारों मकड़ियां ज़िंदा हैं। तो चलिए जानते हैं आखिरकार दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी का जाल किस जगह पर मिला है।
अल्बानिया-ग्रीस की गुफा में मिला दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी जाल
साइंटिस्ट्स ने अल्बानिया और ग्रीस की सीमा पर स्थित एक गहरी गुफा में दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी जाल खोजा है, जो करीब 1,140 वर्ग फीट क्षेत्र में फैला हुआ है। इस जाल में लगभग 69,000 घरेलू मकड़ियां और 42,000 ड्वार्फ वीवर स्पाइडर्स एक साथ रहती हैं। शोध में पाया गया कि ये मकड़ियां midges नाम की छोटे कीड़ों को खाती हैं, जो सल्फर खाने वाले सूक्ष्म जीवों पर निर्भर रहते हैं। यानी गुफा के अंदर का पूरा खाद्य चक्र सल्फर पर आधारित है। दिलचस्प बात यह है कि इन मकड़ियों के शरीर में पाए जाने वाले माइक्रोबायोम की क्वॉलिटी सामान्य मकड़ियों की तुलना में काफी कम पाई गई।
रहस्यमयी जाल का पता कैसे चला?

आप सोच रहे होंगे कि इस विशाल मकड़ी जाल के बारे में वैज्ञानिकों को कब पता चला। दरअसल, इसकी पहली झलक साल 2022 में मिली थी, जब Czech Speleological Society के गुफा विशेषज्ञों ने इसे देखा था। इसके बाद 2024 में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक टीम वहां पहुंची और उन्होंने गुफा से नमूने इकट्ठे किए। अब इस खोज की वैज्ञानिक रूप से पुष्टि हो चुकी है, और इसे अब तक की सबसे बड़ी और रहस्यमय मकड़ी कॉलोनियों में से एक माना जा रहा है।
इतना बड़ा जाल आखिर बनाया किसने?
वैज्ञानिकों ने पता लगाया कि यह बड़ा जाल Barn Funnel Weaver नाम की मकड़ियों ने बनाया है। इन मकड़ियों ने सबसे पहले जाल की बुनियाद तैयार की, और बाद में Sheetweb Spider नाम की दूसरी मकड़ियां वहां आकर रहने लगीं। यह पूरा जाल हजारों छोटे-छोटे कीप जैसे जालों से मिलकर बना है, जो आपस में जुड़कर एक बहुत बड़ा जाल बनाते हैं।
बिना धूप और जहरीली गैसों में भी ज़िंदा
यह मकड़ी कॉलोनी सल्फर केव नाम की एक गुफा में मिली है। इस गुफा में न धूप आती है और न ताज़ी हवा। यहां की हवा में हाइड्रोजन सल्फाइड गैस बहुत ज्यादा होती है, जो ज़्यादातर जीवों के लिए जहरीली और जानलेवा मानी जाती है। फिर भी, हजारों मकड़ियां इस खतरनाक माहौल में जिंदा रह रही हैं, जो वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य है। यह जाल गुफा के उस हिस्से में फैला है जो हमेशा अंधेरे में रहता है, और यह हिस्सा एंट्रेस से करीब 50 मीटर अंदर है।
जेनेटिक बदलाव से बनी नई मकड़ियों की प्रजाति

यह शोध Subterranean Biology नाम के जर्नल में छपा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पहली बार है जब दो अलग-अलग तरह की मकड़ियों को एक साथ जाल बुनते और कॉलोनी बनाते देखा गया है। वहीं मॉलिक्यूलर टेस्ट से पता चला कि गुफा में रहने वाली मकड़ियां, बाहर रहने वाली उसी प्रजाति की मकड़ियों से जेनेटिक रूप से अलग हो चुकी हैं।इसका मतलब है कि उन्होंने इस विषैले और अंधेरे माहौल में खुद को ढाल लिया है और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बना ली है।
