Summary: सिर्फ 100 रुपये में फिल्म, बिना सब्सक्रिप्शन — आमिर खान का मिडल क्लास को खास तोहफा
आमिर खान ने ‘सितारे ज़मीन पर’ को यूट्यूब पर रिलीज़ कर मिडल क्लास दर्शकों को सीधा टारगेट किया है। यह सिर्फ एक फिल्म रिलीज़ नहीं, बल्कि दर्शकों से सीधे जुड़ने की एक नई और सुलभ डिजिटल रणनीति है।
Aamir Khan Movie Offer: बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान ने एक बार फिर अपने हटके फैसले से सभी को चौंका दिया है। इस बार उन्होंने ना कोई मल्टीप्लेक्स चुना, ना कोई बड़ा ओटीटी प्लेटफॉर्म — बल्कि अपनी नई फिल्म ‘सितारे ज़मीन पर’ को सीधे अपने यूट्यूब चैनल ‘Aamir Khan Talkies’ पर रिलीज़ कर दिया। और सबसे दिलचस्प बात? दर्शक इसे सिर्फ 100 रुपये में देख सकते हैं।
जब आज के ज़माने में एक फिल्म देखने के लिए या तो ओटीटी का सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है या फिर मल्टीप्लेक्स में 300 से 500 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, आमिर का यह फैसला बिल्कुल नए रास्ते खोलता है खासकर मिडल क्लास परिवारों के लिए, जो इन दिनों बढ़ती महंगाई के बीच हर खर्च को तौलकर खर्च कर रहे हैं।
आमिर की मिडल क्लास से है पुरानी नज़दीकी
आमिर की फिल्मों की खासियत रही है कि वो आम इंसान की भावनाओं, संघर्ष और उम्मीदों को छूती हैं। ‘लगान’, ‘तारे ज़मीन पर’, ‘दंगल’ जैसी फिल्मों ने हर वर्ग को छुआ, लेकिन सबसे ज्यादा इनसे जुड़ा भारत का मिडल क्लास रहा जो न सिर्फ मेहनती है, बल्कि सिनेमा से भावनात्मक जुड़ाव रखता है।
इसलिए जब आमिर ने एक क्रिएटिव स्किट के ज़रिए ‘सितारे ज़मीन पर’ की यूट्यूब रिलीज़ की घोषणा की और बताया कि इसे 100 रुपये में घर बैठे देखा जा सकता है तो मिडल क्लास ऑडियंस के लिए यह किसी तोहफे से कम नहीं लगा।
बिना सब्सक्रिप्शन, बिना झंझट
आज के डिजिटल युग में ज्यादातर ओटीटी प्लेटफॉर्म्स सालाना या मासिक सब्सक्रिप्शन के मॉडल पर चलते हैं। कई बार लोग एक फिल्म या शो के लिए सब्सक्रिप्शन लेने को तैयार नहीं होते। आमिर का मॉडल यहां पर बिल्कुल साफ और सुलभ है फिल्म देखो, सिर्फ एक बार पेमेंट करो, और बिना किसी लॉगइन या ऐप इंस्टॉल किए यूट्यूब पर इंजॉय करो।
ये सीधा-सा तरीका उन लोगों को भी जोड़ता है, जो अभी तक ओटीटी की दुनिया से बाहर थे या तकनीक में सहज नहीं थे जैसे कई बुजुर्ग या छोटे शहरों के दर्शक।
आमिर का रिस्क या दूरदर्शिता?
बॉलीवुड की अधिकांश फिल्में आज भी ओटीटी डील्स और थिएटर कलेक्शन के जरिए कमाई करती हैं। ऐसे में आमिर का ये फैसला रिस्की लग सकता है लेकिन यही तो उनकी खासियत है। वे हमेशा ‘अलग सोचो’ की नीति पर चलते हैं। हो सकता है, ये मॉडल आगे चलकर इंडस्ट्री के लिए नया ट्रेंड बन जाए एक ऐसा रास्ता जहां फिल्ममेकर सीधे ऑडियंस से जुड़ें, बिचौलियों को हटाकर।
दर्शकों से सीधा कनेक्शन
इस पूरे फैसले में एक और बात खास है आमिर का दर्शकों पर भरोसा। उन्होंने सिर्फ पैसे नहीं, भरोसा कमाने की कोशिश की है। जब वह खुद वीडियो में कहते हैं, “हमने 100 करोड़ का ऑफर ठुकरा दिया,” तो यह साफ है कि ये सिर्फ फिल्म रिलीज़ नहीं, एक सोच है जहां सिनेमा और दर्शक के बीच कोई दीवार न रहे।
क्यों है यह कदम खास?
आमिर का यह कदम सिर्फ एक डिजिटल रिलीज नहीं, बल्कि ऑडियंस से सीधे जुड़ने का एक नया तरीका है। यूट्यूब पर फिल्म को 100 रुपये में उपलब्ध करवाना दर्शकों के लिए बेहद सुलभ है। यह फैसला न सिर्फ आमिर के एक्सपेरिमेंटल नेचर को दिखाता है, बल्कि बॉलीवुड की डिजिटल स्ट्रैटेजी में भी नया ट्रेंड सेट कर सकता है।

