कोबरा से भी 100 गुना खतरनाक है इस जीव का जहर, 'अदृश्य' होकर ले लेता है जान!
जब भी बात जहरीले जीवों की होती है, तो सबसे नाम सांपों का नाम आता है, उसमें भी किंग कोबरा का नाम दिमाग में सबसे पहले आता है। यह दुनिया का सबसे लंबा विषैला सांप है, जो एक बार में इतना जहर छोड़ता है कि 20 लोगों की जान ले सकता है। एक किंग कोबरा 18.5 फीट तक लंबा हो सकता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा छोटा-सा समुद्री जीव भी है, जिसका जहर सांपों से 100 गुना अधिक जहरीला है।
irukandji jellyfish Poison: जब भी बात जहरीले जीवों की होती है, तो सबसे नाम सांपों का नाम आता है, उसमें भी किंग कोबरा का नाम दिमाग में सबसे पहले आता है। यह दुनिया का सबसे लंबा विषैला सांप है, जो एक बार में इतना जहर छोड़ता है कि 20 लोगों की जान ले सकता है। एक किंग कोबरा 18.5 फीट तक लंबा हो सकता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा छोटा-सा समुद्री जीव भी है, जिसका जहर सांपों से 100 गुना अधिक जहरीला है और इसके जहर का कोई इलाज भी नहीं है? तो चलिए आज आपको बताते कि आखिर कौन इतना जहरीला जीव।
क्या है इरुकांजी जेलीफिश?

दरअसल, हम बात कर रहे हैं इरुकांजी जेलीफिश की, जो अपने छोटे आकार और पारदर्शी शरीर के बावजूद दुनिया के सबसे खतरनाक जीवों में से एक है। इरुकांजी जेलीफिश ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी समुद्री इलाकों में पाई जाती है। यह दिखने में सिर्फ 1 सेंटीमीटर की होती है और इसका शरीर पारदर्शी होता है, जिससे यह पानी में लगभग अदृश्य दिखाई देती है। यही कारण है कि इसे पहचानना और इससे बचना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन इसका असली खतरा इसका जहर है, जो इंसान के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। अपने तेज विष की वजह से ही इसे दुनिया की सबसे जहरीली जेलीफिश का दर्जा हासिल है। इरुकांजी जेलीफिश ने अगर डंक मार दिया, तो बहुत तेज़ और असहनीय दर्द होता है, जो कई दिनों तक रह सकता है। इसे इरुकांजी सिंड्रोम के नाम से जाना जाता है, जिससे पीड़ित की मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ सकता है। उसे डिप्रेशन और आत्महत्या के ख्याल आने लगते हैं।
इस वजह से है इतनी खतरनाक जेलीफिश

इस फिश की सबसे खतरनाक बात यह है कि यह इतनी छोटी और पारदर्शी होती है कि पानी में इसे देख पाना लगभग नामुमकिन है। लोग जब समुद्र में तैरने जाते हैं तो यह उन्हें बिना दिखे डंक मार देती है और जब तक उन्हें इसका एहसास होता है तब तक जहर शरीर में फैल चुका होता है। इसके डंक मारने से कुछ ही देर में व्यक्ति की मौत हो सकती है। हालांकि, ये समंदर की गहराइयों में पाई जाती हैं। जहां तक सूरज की किरणों का पहुंच पाना संभव नहीं हैं। यह एक कभी न मरने वाला जीव है। इनके दो हिस्से कर दिए जाए तो भी ये मरती नहीं हैं। उन दो हिस्सों से अलग-अलग जैलीफिश का जन्म होता है।
जेलीफिश समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र का अहम हिस्सा है। यह समुद्र में छोटी मछलियों और प्लवकों को नियंत्रित रखने में मदद करती है, जिससे जैव विविधता बनी रहती है। कहा जाता है कि जैलीफिश के पास दिमाग नहीं होता। बेहद खूबसूरत दिखने वाली जैलीफिश की मूंछें इंसान की स्किन से टच हो जाए तो तुरंत इलाज कराना पड़ता है, क्योंकि उनकी मूंछें बेहद जहरीली होती है।
नहीं है इसके जहर का कोई तोड़
सबसे खौफनाक बात ये भी है कि इरुकांजी जेलीफिश के विष का कोई तोड़ नहीं है।
अब तक इसके लिए कोई एंटीडोट नहीं बना है। ये समुद्री जेलीफिश आकार में बहुत ही छोटी होती है और लगभग 1 सेंटीमीटर तक बढ़ सकती है, चूंकि इरुकांजी का शरीर पारदर्शी होता है, तो ये अदृश्य ही होती है।
