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नव-वधू के लिए आयुर्वेदिक प्री ब्राइडल पैकेज: Pre Bridal Package
Pre Bridal Package

Pre Bridal Package: दादी-नानी के जमाने में शादी तय होते ही लड़कियां शरीर पर उबटन मलना शुरू कर देती थीं, ताकि दूल्हे की नजर दुलहन पर ही टिकी रहे। हालांकि, अब समय बदल गया है, लेकिन घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक उपचार आज भी बरकरार हैं। यदि आप भी शादी वाले दिन नेचुरल ग्लो पाना चाहती हैं तो प्री-ब्राइडल आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट लेकर देखिए।

हर लड़की ये जानती है कि शादी के दिन वो सबसे खूबसूरत दिखने वाली है, फिर भी वो इस दिन के लिए खास तैयारी करके रखती है। इन सभी तैयारियों में सबसे अहम होती है त्वचा और बालों की देखभाल, जिसके लिए अकसर लड़कियां पार्लर या सैलून बुक करती हैं लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा भरोसा अपनी मम्मी के बताए हुए नुस्खों पर ही रहता। बात बस ये रहती है कि इन सारे तामझाम से बचने के लिए वे झटपट केमिकल युक्त ट्रीटमेंट ले लेती हैं। जबकि इनका असर कुछ समय के लिए ही रहता है। यदि आप बाहरी त्वचा के साथ भीतर से भी बेहतर महसूस करना चाहती हैं तो आयुर्वेदिक सौन्दर्य चिकित्सा को अपनाएं।

आयुर्वेदिक नववधू सौंदर्य चिकित्सा

यह एक तरह का प्री-ब्राइडल ब्यूटी ट्रीटमेंट है, जिसमें आयुर्वेद के पंचकर्म की स्नेहन और स्वेदन विधि को प्रयोग में लाया जाता है। पंचकर्म दरअसल, शरीर की शुद्धिकरण की एक प्रक्रिया है। इसमें पांच अलग-अलग तरह की चिकित्सा प्रयोग में लाई जाती हैं।
सौंदर्य चिकित्सा में स्नेहन और स्वेदन के अतिरिक्त अन्य दूसरी विधियों को भी शामिल किया गया है, जिनमें सबसे प्रमुख उद्वर्तन और लेपनम हैं। सौंदर्य चिकित्सा को तीन हिस्सों, चेहरा, बाल और शरीर में बांट दिया जाता है। यह ट्रीटमेंट 3 हफ्ते का होता है।

चेहरे के लिए चिकित्सा

Pre Bridal Package
The skin of the face is extremely sensitive, so the bride is diagnosed first

चूंकि, चेहरे की त्वचा अत्यंत संवेदनशील होती है इसलिए सबसे पहले दुल्हन को डायग्नोज किया जाता है। इससे उसकी त्वचा के बारे में चिकित्सक को अनुमान लग जाता है। पिम्पल्स और एक्ने वाली त्वचा की लड़कियों को स्किन ट्रीटमेंट के साथ दवाइयां भी दी जाती है।
चेहरे के लिए चिकित्सक चावल और हर्ब्स को दूध में पकाकर हल्का ठंडा कर लेते हैं। फिर इस मिश्रण का एक गोला बनाकर उसे मलमल के कपड़े में डाल देते हैं, जिसकी एक पोटली तैयार हो जाती है। अब इस पोटली को चिकित्सक दुलहन के चेहरे पर रगड़ते हैं। इसकी कम से 3 से 7 सिटिंग्स दी जाती हैं। एक सिटिंग के 2500 से 3000 तक फीस ली है। इसके बाद स्नेहन और स्वेदन किया जाता है। पिगमेंटेशन और टैनिंग में चिकित्सक, दुलहन को ‘प्रकृतिÓ यानी बॉडी कॉन्स्टिट्यूशन देते हैं। इसका अर्थ है वात-पित्त-कफ को ध्यान में रखकर ट्रीटमेंट देते हैं। चेहरे के लिए कुंकुमादि तैलम का इस्तेमाल होता है, जिसका असर कम से कम 3 महीने तक रहता है।

फुल बॉडी के लिए चिकित्सा

आमतौर पर प्री-ब्राइडल में बॉडी पॉलिशिंग की जाती है। आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट में भी बॉडी पॉलिशिंग के तौर पर दुलहन को स्नेहन, उद्वर्तन, स्वेदन और लेपनम दिया जाता है। आइए जानें इन्हें करने की विधि-

स्नेहन
स्नेहन का अर्थ है ऑयल मसाज। इसमें मुख्यत: बादाम, अभ्यंग या सिद्ध तेल का प्रयोग किया जाता है। अभ्यंग तेल गरम मसाले डालकर तैयार किया जाता है। उसी तरह सिद्ध तेल विशेष प्रकार की जड़ी-बूटियों से बनाया जाता है। यह ट्रीटमेंट करीब 1 घंटे तक चलता है।

उद्वर्तन
उद्वर्तन का अर्थ है उबटन। यह कोई आम उबटन नहीं होता है। इसमें कई प्रकार की जड़ी-बूटियां और फूलों का अर्क रहता है। स्नेहन यानी तेल मालिश के बाद इस उबटन जो कि सूखा पाउडर होता है, को शरीर पर पर मसला जाता है। यह प्रकिया त्वचा पर एंटी एजिंग का इफेक्ट देती है।

स्वेदन
स्वेदन का अर्थ है स्टीम देना। मालिश और उबटन के बाद दुल्हन को स्टीम दी जाती है। इससे त्वचा के रोमछिद्रों को खोलने में मदद मिलती है। दरअसल, यह विधि ऑयल ग्लैंड्स में सीबम के अत्यधिक उत्पादन को कम करता है। साथ ब्लैक और वाइट हैड्स की समस्या को भी कम करते हैं।

लेपनम
लेपनम का अर्थ है बॉडी रैप। यह प्रक्रिया शरीर के उस हिस्से पर की जाती है, जहां आपको किसी प्रकार का दर्द या एलर्जी होती है। दुलहन के लिए ट्रीटमेंट बहुत जरूरी होता है, क्योंकि ये शादी की सारी थकान को दूर कर देता है।
दुलहन के लिए जो लेप तैयार किया जाता है, उसमें एलोवेरा, पपीता का पल्प, शहद और गुलाब जल मिलाया जाता है। गुलाब जल की जगह कई बार गुलाब की पत्तियां भी इस्तेमाल कर ली जाती हैं। इस लेप को दुलहन के पूरे शरीर में लगाया जाता है। लगभग 30 से 45 मिनट इस लेप को शरीर पर रहने दिया जाता है और उसके इसे साफ कर दिया जाता है।

बालों के लिए सौंदर्य चिकित्सा

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This treatment lasts for about 7 days

यह ट्रीटमेंट तकरीबन 7 दिन का रहता है। इसमें शिरो स्नेहन और शिरो स्वेदन मुख्य रूप से किया जाता है। लेपनम की विधि केवल दुलहन के बालों की स्थिति को देखकर की जाती है। आइए जानें बालों के लिए आयुर्वेद में कौन-कौन सी चिकित्सा पद्धति प्रयोग में लाई जाती हैं-
शिरो स्नेहन
शिरो स्नेहन का संबंध हमारे सिर से है। शिर या शीर्ष का अर्थ होता है सिर। कम से कम 45 मिनट तक दुलहन के बालों पर अभ्यंग तैलम से मालिश होती है। ये दुलहन की इच्छा पर निर्भर करता है कि वो किस तेल से सिर पर मालिश करना चाहती है। यह आमतौर पर की जाने वाली मालिश से एकदम अलग होती है। इसमें दुलहन को लिटा दिया जाता और उसके सिर के ठीक ऊपर धातु का एक बर्तन होता है, जिससे तेल की धारा उसके सिर पर गिरती रहती है।

शिरो स्वेदन
शिरो स्वेदन में मालिश के बाद स्टीम दी जाती है। उसके बाद बालों को सूखने दिया जाता है। आप चाहें तो इसके बाद बालों पर हेयर पैक भी लगवा सकते हैं। हेयर पैक में शिकाकाई, आंवला, ब्राह्मïी और रीठा मिक्स रहता है। पैक के बाद आयुर्वेदिक शैंपू से हेड वॉश कर दिया जाता है।

सारांश : आयुर्वेदिक सौन्दर्य चिकित्सा कभी ली जा सकती है। खासतौर से जिनकी त्वचा बेहद संवेदनशील है, उनके लिए यह बहुत लाभकारी होता है। इस पूरे पैकेज की कीमत 2,500 से 30,000 हजार रहती है। आप चाहें तो अपनी इच्छानुसार कोई एक या दो चिकित्सा भी ले सकते हैं।

डॉक्टर राजश्री कुलकर्णी
(एमडी आयुर्वेद) से बातचीत पर आधारित

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