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हाल ही में खुशी उस समय चर्चा में आईं, जब नैनोब्लेडिंग आइब्रो आर्टिस्ट आरती बग्गा ने खुशी का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। इस वीडियो में खुशी अपनी आइब्रो पर नैनो ब्लेडिंग करवाती हुई दिख रही हैं।
Nanoblading Eyebrows: आपकी खूबसूरती और लुक्स में आइब्रो का भी अहम रोल होता है। सच मानें तो इस छोटे से बदलाव से आप अपने चेहरे को ट्रांसफॉर्म कर सकती हैं। ब्यूटी के मामले में आइब्रो को इग्नोर करना आपको भारी पड़ सकता है। अगर आपकी आइब्रो भी पतली हैं तो आप नैनोब्लेडिंग का सहारा ले सकती हैं। बॉलीवुड की कई सेलेब्स इस तकनीक की मदद ले चुकी हैं। बीते साल बॉलीवुड एक्ट्रेस खुशी कपूर भी नैनोब्लेडिंग करवाती दिखीं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब नैनोब्लेडिंग आइब्रो आर्टिस्ट आरती बग्गा ने खुशी का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। क्या है आइब्रो को शेप करने की नैनो ब्लेडिंग, आइए जानते हैं।
आईब्रो को शेप देती है नैनो ब्लेडिंग
नैनो ब्लेडिंग एक तरह का कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट है, जिसकी मदद से आप अपनी आईब्रो को मनचाही शेप दे सकते हैं। इससे आपको रोज आइब्रो बनाने की झंझट से छुटकारा मिल सकता है। नैनो ब्लेडिंग एक सेमी परमानेंट कॉस्मेटिक टैटू तकनीक है, जिसमें बारीक नैनो सुई का उपयोग किया जाता है। इस सुई की मदद से भौहों को मनचाही शेप दी जाती है। अगर आपकी आइब्रो पतली या हल्की हैं तो इस कॉस्मेटिक टैटू तकनीक से आप उन्हें गहरा और मोटा करवा सकती हैं। इसके लिए बारीक सुई और पिगमेंटेड इंक काम में ली जाती है। इसमें टैटू को ऐसे स्ट्रोक दिए जाते हैं कि आईब्रो काफी नेचुरल नजर आती हैं।
होंठों पर भी करवा सकते हैं नैनो ब्लेडिंग
आइब्रो के साथ ही आप अपने होंठों पर भी नैनो ब्लेडिंग करवा सकते हैं। यह भी एक सेमी परमानेंट प्रक्रिया है। जिस तरह भौंहों में ब्लैक, ग्रे या डार्क ब्राउन इंक टैटू बनाया जाता है। ठीक वैसे ही होठों में सेमी परमानेंट लिप लाइनर लगाया जाता है। इसमें होठों से मिलती जुलती इंक भरी जाती है। इतना ही नहीं अगर आपके होठों का कलर डार्क है तो आप इसे भी चेंज करवा सकती हैं। इसकी मदद से भी आप होंठों को मोटा करवा सकती हैं। साथ ही होठों को नई शेप भी दी जा सकती है।
अंतर है नैनो ब्लेडिंग और माइक्रोब्लेडिंग में
अक्सर लोग नैनो ब्लेडिंग और माइक्रोब्लेडिंग को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं। हालांकि दोनों में कुछ अंतर हैं। नैनो ब्लेडिंग में माइक्रोब्लेडिंग की तुलना में काफी बारीक सुइयों का उपयोग किया जाता है। यही कारण है कि नैनो ब्लेडिंग करवाना ज्यादा आसान है। इससे दर्द कम होता है और खून आने की आशंका भी कम रहती है। इसके रिजल्ट भी काफी अच्छे आते हैं। साथ ही यह माइक्रोब्लेडिंग की तुलना में ज्यादा नेचुरल नजर आती है। नैनो ब्लेडिंग और माइक्रोब्लेडिंग में जो सबसे बड़ा अंतर है, वो है इसके रिजल्ट का। नैनो ब्लेडिंग तीन साल तक रहती है। वहीं माइक्रोब्लेडिंग केवल 12 महीने तक ही अपना असर दिखाती है।
ये बातें जानना है जरूरी
नैनो ब्लेडिंग करवाने जा रही हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। जैसे सबसे पहले परफेक्टिंग सेशन लें। जिससे ट्रीटमेंट के बाद में चेहरे में होने वाले बदलावों का रिजल्ट देखा जा सकता है। नैनो ब्लेडिंग करवाने से पहले आइब्रो न बनवाएं न ही आइब्रो वैक्स करवाएं। किसी प्रकार का कोई फेशियल भी नहीं करवाएं। ट्रीटमेंट से कम से कम 24 घंटे पहले शराब, कैफीन, पेनकिलर दवाओं आदि का सेवन न करें। आपको धूप से भी खुद को बचाना चाहिए। घर से निकलने से पहले चेहरे को अच्छे से कवर करें। ट्रीटमेंट से पहले पैच टेस्ट जरूर करवाएं।
ट्रीटमेंट के बाद रहें सावधान
आइब्रो पर नैनो ब्लेडिंग करवाने के बाद भी हर किसी को कुछ सावधानियां रखनी चाहिए। सबसे जरूरी है जितना हो सके आईब्रो को सूखा रखें। नमी के लिए अपने आर्टिस्ट की बातई मॉइस्चराइजिंग क्रीम लगाएं। कम से कम 7 दिन गर्म पानी से नहीं नहाएं। न ही आइब्रो के आसपास मेकअप करें।
