फिटकरी एक रंगहीन, क्रिस्टलीय पदार्थ हैं, जो बरसों से बतौर देसी इलाज कई बीमारियों और रसोईघर में इस्तेमाल होता रहा है। रसायन विज्ञान की बात करें, तो इसमें इसे पोटैशियम एल्युमिनियम सल्फेट के नाम से जाना जाता है। इसका कारण है इसमें पाए जाने वाले औषधीय गुण। मामूली सी दिखने वाली फिटकरी सेहत के साथ.साथ सुंदरता के लिए भी बहुत कारगर मानी जाती है। फिटकरी में जहां एंटी.बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं, जो स्किन और बालों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं और रोजाना फिटकरी को स्किन पर लगाने से चेहरे पर रंगत आती है। साथ ही झुर्रियों की परेशानी में भी राहत मिल सकती है। तो वहीं दूसरी तरफ फिटकरी में अस्ट्रिन्जन्ट और हेमोस्टेटिक गुण पाए जाते हैं, जो घाव को भरने में मदद कर सकते हैं। एक छोटी सी फिटकरी कई तरह के इंफेक्शन और घावों को काफी तेजी से ठीक कर सकती है। साथ ही फिटकरी दांतो की बदबू खत्म करने और दांतों के कीड़ों को खत्म करने में भी मदद कर सकती है। आयुर्वेद में भी फिटकरी के बहुत से औषधीय गुण बताए गए हैं। तो आइए जानते हैं, फिटकरी से मिलने वाले फायदों के बारे में, जो हमारी दिनचर्या के लिए काफी कारगर साबित होते हैं। 
चेहरे की झुर्रियां
कम उम्र में ही झुर्रियों की समस्या आपको परेशान कर रही है तो फिटकरी आपके लिए आसान उपाय हो सकता है। इससे मुंहासों आदि की समस्या से भी बचा जा सकता है लेकिन इसके अलावा डाइट को भी सही बनाए रखें। इसके लिए सबसे पहले चेहरे को अच्छी तरह से पानी से धो लें। अब फिटकरी को पानी से गीला करें और पूरे चेहरे पर इससे मसाज करें। अच्छी तरह से सर्कुलेट करने के बाद इसे सूखने दें और जब ये सूख जाए तो साफ पानी से चेहरे को धो लें।
चेहरे के बंद पोर्स
चेहरे के बंद पोर्स खोलने के लिए आप एक चम्मच फिटकरी पाउडर में ऑलिव ऑयल की कुछ बूंदें मिलाकर चेहरे पर लगाएं। चेहरे पर इस पेस्ट को लगाते हुए इसे हल्के हाथों से रगड़ें। ऐसा करने से चेहरे से डेड स्किन हटने के साथ त्वचा संबंधी कई रोगों से भी छुटकारा मिलता है। 
फटी एड़ियां
फिटकरी हमें फटी एड़ियों की समस्या से राहत दिलाने में भी मदद करती है। सबसे पहले फिटकरी को तवे पर इतना गर्म करें कि पिघलकर नरम और भुरभुरी हो जाए। अब उसे ठंडा होने पर नारियल के तेल में मिलाकर फटी एड़ियों पर लागाएं ये एड़ियों को साफ.सुथरी और मुलायम बनाने में मदद कर सकती है। 
पैरों की सूजन
किसी वजह से अगर आपके पैरों में सूजन आ गई है तो फिटकरी का इस्तेमाल फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे पैरों की टैनिंग भी दूर की जा सकती है और फटी एडिय़ों की समस्या भी कम हो सकती है। पैरों की सूजन, बदबू या किसी तरह के फंगल इंफेक्शन को दूर करने के लिए फिटकरी मिले पानी में 10.15 मिनट तक पैर डालें और बाद में पैरों को अच्छी तरह से साफ पानी से धोकर पोंछ लें, इससे आपको आराम मिलेगा। यह प्रक्रिया रोजाना दिन में एक बार ज़रूर करें, ताकि आपको आराम मिल सके। 
दांतों और मसूड़ों की समस्याओं को करे ठीक
एंटी.बैक्टीरियल गुणों से भरपूर फिटकरी दांतों और मसूड़ों की समस्याओं को ठीक करती है। अगर मुंह से बदबू आ रही हो तो फिटकरी को पानी में मिला दें और फिर उस पानी को माउथवॉश की तरह से इस्तेमाल करें। 
रक्त के बहाव को रोके
रक्त के बहाव को कम करने के लिए फिटकरी बहुत काम की चीज है। किसी चोट के कारण रक्त का बहाव हो तो उस स्थान पर फिटकरी लगाना फायदेमंद होता है। इसके अलावा फिटकरी लगाने से बैक्टीरिया भी नहीं पनपते, जिससे घाव जल्दी ठीक हो जाता है। 
पसीने की बदबू दूर करने के लिए
अगर आपको भी बहुत पसीना आता है और आपके शरीर और कपड़ों से पसीने से बदबू भी आती है तो फिटकरी का इस्तेमाल आपके लिए खासतौर पर फायदेमंद रहेगा। फिटकरी का एक महीन चूर्ण बना लें और नहाने से पहले फिटकरी के इस चूर्ण की कुछ मात्रा पानी में डाल दें। इसके बाद इस पानी से नहाने से आपकी बदबू की समस्या दूर हो जाएगी।
सिर की गंदगी और जुंओं को मारने का घरेलू उपाय
अगर आपके सिर में जुंएं पड़ गई हैं तो फिटकरी के पानी से बाल धोना फायदेमंद रहेगा। इसके एंटी.बैक्टीरियल गुण के चलते जुंएं मर जाती हैं और सिर की दूसरी गंदगी भी धुल जाती है।
 
पानी साफ करें
पानी साफ करने के लिए. फिटकरी का इस्तेमाल बरसों से होता आया है। दरअसल, फिटकरी पानी की अशुद्धियां दूर करने में बहुत ही उपयोगी है। 6 मिलीग्राम फिटकरी से एक लीटर पानी को साफ किया जा सकता है। ध्यान रहे कि पानी मे फिटकरी के ज्यादा मात्रा घुलने से इसके नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।
यूरीन संबंधी समस्या
अगर आप यूरीन संबंधी समस्या या इंफेक्शन से परेशान हैं, तो फिटकरी के पानी से संबंधित स्थान की सफाई करना बेहतर होगा। इससे बैक्टीरिया खत्म हो जाएंगे और इंफेक्शन फैलने के बजाए वह ठीक हो जाएगा।
सामान्य फ्लू अथवा अस्थमा रोगियों के लिए लाभदायक
फिटकरी से मौसमी बुखार का उपचार भी संभव है। अगर आपको बार बार खांसी की समस्या रहती हैं, तो इसके इस्तेमाल से आपको खांसी के साथ साथ दमा से भी राहत मिल सकती है। सर्दी के कारण पैदा होने वाली समस्याओं जैसे खांसी और बलगम आदि में फिटकरी का चूर्ण शहद में मिलाकर लेने से जल्दी राहत मिलती है। इसके अलावा सांस संबंधी समस्या में भी फिटकरी को भूनकर खाना फायदेमंद होता है।
फिटकरी के कई प्रकार होते हैं जिन्हें अलग-अलग चीज़ों में इस्तेमाल किया जाता है 
1. सोडा एलम
ये एक इनऑर्गैनिक कंपाउंड है जिसका इस्तेमाल बेकिंग पाउडर बनाने में किया जाता है। ये खाने के लिए भी बिल्कुल सुरक्षित है जिस वजह से इसका इस्तेमाल खाने को एसिडिक फ्लेवर देने के लिए किया जाता है। 
2. पोटैशियम एलम
इसे फिटकरी का सबसे पुराना रूप कहा जा सकता है फिटकरी का ये प्रकार वॉटर फिल्ट्रेशन के अलावा डियोड्रेंट और आफ्टरशेव लोशन में भी इस्तेमाल किया जाता है। 
3. क्रोम एलम
लेदर टैनिंग में इस्तेमाल होने वाली फिटकरी की ये टाइप क्रोमियम पोटैशियम सल्फेट के नाम से भी जानी जाती है।
4. सिलिनेट एलम
इसका इस्तेमाल एंटिसेप्टिक क्रीम्स वगैरह में होता है।
5. एल्यूमिनियम सल्फेट
तकनीकी रूप से तो ये फिटकरी नहीं है लेकिन इसे भी फिटकरी का एक प्रकार ही माना गया है। इसे आमतौर पर पेपरमेकर एलम के नाम से जाना जाता है।
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