जब आप एक रिश्ते में बंध जाते हैं तो आपका जीवन कई प्रकार से बदल जाता है। आप अब अकेले नहीं बल्कि हर चीज अपने पार्टनर के साथ शेयर करते हैं। आपको सोना भी अपने पार्टनर के साथ होता है जो एक रोमांटिक पल है। इसमें आप न केवल अच्छा फिजिकल रिलेशन बनाते हैं बल्कि इससे आप मानसिक रूप से भी एक दूसरे के साथ काफी स्ट्रॉन्ग बॉन्डिंग शेयर करते हैं। लेकिन कभी कभार ऐसे हालात भी बन जाते हैं जिसमें आपका पार्टनर आपकी नींद डिस्टर्ब कर सकता है। इस स्थिति में हो सकता है आपका पार्टनर जोर जोर से खर्राटे मार रहा हो या फिर नींद में उसकी बोलने की आदत हो। इस स्थिति में आप उससे अलग सोने का प्रयास करते हैं और इसे ही स्लीप डाइवोर्स कहा जाता है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
क्या होता है स्लीप डाइवोर्स ?
जब कपल एक दूसरे के साथ रहते तो हैं लेकिन एक दूसरे की हरकतों से परेशान हो कर वह एक साथ सो नहीं पाते हैं। जैसे आपका पार्टनर बहुत जोर जोर से खर्राटे मार रहा है या काम के कारण रात में देर तक जाग रहा है तो इस स्थिति में आप उनसे अलग सोने का निर्णय बना सकते हैं और इसे ही स्लीप डाइवोर्स कहते हैं।
स्लीप डाइवोर्स कपल्स के लिए लाभदायक है या नहीं?
स्लीप डाइवोर्स के अपने लाभ हैं और अपनी हानियां-
- जो लोग काम से पूरा दिन थक जाते हैं और रात में उन्हें चैन की नींद नहीं मिलती है तो उनके मानसिक स्वास्थ्य और प्रोडक्टिविटी बहुत प्रभावित हो सकती है। इस केस में स्लीप डायवर्स लाभदायक है क्योंकि इसमें आपको पूरी नींद लेना का मौका मिलेगा।
- लेकिन कुछ कपल्स का मानना होता है कि स्लीप डाइवोर्स से उनके बीच दूरियां आ जायेंगी। हालांकि इस स्थिति को आप अपने अनुसार बदल सकते हैं। अगर आपको चैन की नींद चाहिए और अलग सोना चाहते हैं तो आप अलग सोने का निर्णय बना सकते है और इससे आपके संबंधों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
स्लीप डाइवोर्स की स्थिति का सामना कैसे करें?
- एक कपल जब एक दूसरे से अलग सोने लगता है तो न केवल उसके पार्टनर के मन में बल्कि घर परिवार के सदस्यों के मन में भी चिंता का माहौल बन जाता है कि कहीं यह अलग होने का निर्णय तो नहीं ले रहे है। हो सकता है आपका पार्टनर इस बात को न समझ पा रहा हो और वह इस बात को गलत तरह से ले जाए। इस स्थिति में आपको अपने पार्टनर से बात करनी चाहिए।
- अगर आप अपने पार्टनर को इस बारे में समझाने में सफल हो जाते हैं और आप दोनों की अंडरस्टैंडिंग अच्छी है तो इस बात में घबराने वाली कोई बात नहीं होती है।
- लेकिन अगर आपके पार्टनर इस चीज से खुश नहीं हैं तो आप उन्हें उनकी समस्याओं के बारे में बताएं। हो सकता है उन्हें कभी कभी काम हो तो आप हफ्ते में कभी कभी उनसे अलग सो सकते हैं जिससे उनके देर तक जागने की वजह से आप की नींद प्रभावित न हो। या फिर आप उन्हें हाल आदि में जा कर काम करने की सलाह दे सकते है।
- अगर आपके पार्टनर को खर्राटे लेने वाली या नींद में बोलने वाली कोई आदत है तो इस स्थिति में आप उन्हें कुछ घरेलू इलाज का पालन करने को बोल सकते हैं या फिर किसी अच्छे डॉक्टर के पास जा कर उनका इलाज करवा सकते हैं।
स्लीप डाइवोर्स में आप दोनों की सहमति होना बहुत जरूरी है नहीं तो इससे आपका रिश्ता भी प्रभावित हो सकता है।
