Dhanteras 2024 Upay: दिवाली का त्योहार केवल एक दिन नहीं बल्कि 5 दिन मनाया जाता है, जिसकी शुरूआत होती है धनतेरस से। हिंदू मान्यता के अनुसार इस दिन मां लक्ष्मी घर-घर जाकर अपना आर्शीवाद देती हैं। यही कारण है कि धनतेरस से पहले घर की साफ-सफाई कर उसे शुद्ध किया जाता है। वैसे तो धनतेरस पर विभिन्न चीजें खरीदी जाती हैं लेकिन इस दिन झाडू खरीदना सबसे अहम और शुभ माना जाता है। झाडू मां लक्ष्मी का प्रतीक है, जो घर में मौजूद नकारात्मकता को बाहर निकालने में मदद करती है। इसलिए हर धनतेरस पर नई झाड़ू को खरीदकर मां लक्ष्मी का आवह्न किया जाता है। लेकिन पुरानी झाड़ू का क्या करें ये जानना भी जरूरी है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।
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धनतेरस पर झाड़ू का महत्व

झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है इसलिए मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए हर साल नई झाड़ू खरीदी जाती है। इसदिन कई घरों में नई झाड़ू की पूजा करके इसका इस्तेमाल किया जाता है। माना जाता है कि झाड़ू की पूजा करने से सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है। साथ ही मान्यता है कि झाड़ू को पैर लगाने से घर में अशांति और नकारात्मकता फैलती है। इसदिन झाड़ू को खड़ी करके नहीं रखना चाहिए।
कब खरीदें नई झाड़ू
वास्तुशास्त्र के अनुसार शाम के समय नई झाड़ू को घर में प्रवेश कराना चाहिए। माना जाता है धनतेरस के दिन दोपहर के बाद लेकिन रात होने से पहले नई झाड़ू खरीद लेनी चाहिए। रात के समय झाड़ू खरीदना अपशगुन और नुकसानदायक हो सकता है। झाड़ू खरीदते समय शुभ महुर्त को भी ध्यान में रखा जा सकता है।
धनतेरस पर पुरानी झाड़ू का क्या करें

– वास्तुशास्त्र के अनुसार पुरानी झाड़ू को घर से बाहर निकालने से पहले दिन का ध्यान रखें। इसे शनिवार या अमावस्या के दिन फेंका जा सकता है। किसी भी दिन झाड़ू फेंकने से घर की सकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है।
– झाड़ू में मां लक्ष्मी का वास होता है इसलिए घर में कभी भी टूटी या बेकार झाड़ू का इस्तेमाल न करें। इससे घर में दरिद्रता आती है।
– धनतेरस में सभी के घरों में नई झाड़ू लाई जाती है लेकिन पुरानी हो गई झाड़ू का अपमान नहीं करना चाहिए। कई बार लोग झाड़ू को कचरा समझकर जला देते हैं, जो कि गलत माना गया है।
– इसके अलावा झाड़ू को कभी भी ऐसे स्थान पर न फेंके जहां झाड़ू पर लोगों के पैर लगे। झाड़ू हमारे घर से नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालने का काम करती है इसलिए उसे किसी ऐसे स्थान पर फेंकें जहां गंदगी न हो।
– झाड़ू को दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। ऐसा करने से घर में संपन्नता बनी रहती है।
– धनतेरस के दिन नई झाड़ू खरीदकर उसकी अराधना करें और दूसरे यानी नरक चर्तुदशी के दिन पुरानी झाड़ू से घर को साफ करके इसे घर से बाहर निकाल दें। ऐसा करने से घर की नकारात्मकता हमेशा के लिए बाहर निकल जाती है।
– घर में एक से अधिक झाड़ू नहीं रखनी चाहिए। इसलिए नई झाड़ू खरीदने के बाद पुरानी झाड़ू को घर से बाहर कर दें।
