Dada dadi ki kahani : एक बहुत सुंदर मुर्गी थी। उसके पंख सुनहरे और लाल रंग के थे। उसके दोस्त उसे प्यार से ‘सुनहरी’ कहकर बुलाते थे। एक दिन सुनहरी आराम से घूम-घूमकर दाना चुग रही थी। तभी एक लोमड़ी ने उसे देखा। इतनी तंदुरुस्त और सुंदर मुर्गी को देखकर उसके मुँह में पानी आ […]
Category: दादा दादी की कहानी
बच्चों को जीवन के मूल्य सिखाने में कहानी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पहले बच्चे दादा—दादी के पास बैठकर ऐसी कहानियां सुनते थे जिनसे उनका मनोरंजन भी होता था और वह नैतिक शिक्षा भी ग्रहण करते थे।
समय बदलने के साथ ही इंटरनेट युग में भी ऐसी कई कहानियां हैं जो बालमन को प्रभावित भी करते हैं और उन्हें शिक्षित भी कर रहे हैं। यहां दी गई हर एक कहानी एक छोटे से बच्चे के अनुसार लिखी गई है। जिसे पढ़कर उनके कोमल मन पर सार्थक प्रभाव पड़े।
पैसों का पेड़ – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक गरीब लकड़हारा लकड़ियाँ काटकर अपने घर जा रहा था। रास्ते में उसे एक साधु बाबा मिले। सर्दियों के दिन थे। साधु बाबा ठंड से ठिठुर रहे थे। लकड़हारे ने कुछ लकड़ियाँ साधु बाबा के पास जला दीं। उन्हें बहुत आराम मिला। खुश होकर उन्होंने लकड़हारे को एक अंगूठी दी। […]
संजू का सपना – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक थी नींद परी। वही जो रात में आकर तुम्हारी पलकों पर अपने जादुई हाथ लगाती है और तुम्हें मीठी नींद आ जाती है। एक रात वह सबके घरों में जाकर देख रही थी कि बच्चे ठीक से अपने पलंग पर लेट गए हैं या नहीं। जो बच्चे अपनी मम्मी […]
महक और किरन – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक महिला थी-सुमन। उसकी दो बेटियाँ थीं। बड़ी बेटी का नाम था-किरन और छोटी बेटी का नाम था महक। सुमन अपनी बड़ी बेटी, किरन को बहुत प्यार करती थी। उसे हर चीज़ लाकर देती थी। लेकिन महक से वह घर का सारा काम करवाती थी। उसे दिनभर किसी-न-किसी बात पर […]
सूरजमुखी के बीज – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : चलो तुम्हें बेचारी, थोड़ी-थोड़ी बुद्धू नीमा की एक और कहानी सुनाते हैं। उसके पति राघव ने घर के खर्चे के बाद कुछ पैसे बचाकर रखे थे। उन पैसों से उसने कुछ सोने के सिक्के खरीद लिए थे। उन सिक्कों को वह नीमा से छिपाकर रखता था। वह जानता था कि […]
पहरेदार दोस्त – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक बार एक मुर्गा कहीं जा रहा था। रास्ते में उसे एक कुत्ता मिल गया। कुत्ता मुर्गे को अपने मालिक के बारे में बताने लगा। फिर मुर्गे ने कुत्ते को बताया कि कैसे उसकी बाँग सुनकर उसके गाँव के सब लोग जाग जाते हैं। इस तरह बातें करते-करते दोनों की […]
स्वर्ग के स्टूल – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक दुकानदार मृत्यु के बाद स्वर्ग के दरवाजे पर पहुँचा। उसने अपने जीवन में दूसरों को बहुत ठगा था। जितनी बेईमानी वह कर सकता था, वह सब उसने की थी। लोगों से ज़्यादा पैसे ले लेना और सामान कम तोलकर देना उसकी आदत थी। इसलिए स्वर्ग के द्वार पर जो […]
मनु का जादू – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक बड़े से घर में पार्टी चल रही थी। चारों ओर सुंदर सजावट थी। कीमती बर्तन सजे हुए थे और बढ़िया और स्वादिष्ट खाना मेज़ों पर रखा हुआ था। मनु को भी उस पार्टी में बुलाया गया था। जब मनु घर के अंदर आ रहा था तो उसने देखा कि […]
मेरा बेटा – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक बौना था-बादल। वह संदेश और पत्र एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाने का काम करता था। वह इतनी तेज़ी से आता-जाता था कि सब उसके काम से खुश रहते थे। वह था ठीक आज की कूरियर सर्विस की तरह। बादल की बस एक ही इच्छा थी कि उसका एक […]
कमल का फूल – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : बहुत पुरानी बात है। रायगढ़ के महाराज ने एक उत्सव का . आयोजन किया। उसमें पास-दूर के सभी देशों की राजकुमारियों और राजकुमारों को आमंत्रित किया गया। शाम को नृत्य का कार्यक्रम था। नृत्य करते समय राजकुमारियों को अपनी पसंद का राजकुमार चुनना था, जिसे वे अपना जीवनसाथी बना सकें। […]
