Posted inहाय मै शर्म से लाल हुई, हिंदी कहानियाँ

कुछ खट्टी कुछ मीठी…!-गृहलक्ष्मी की कहानी

Makar Sankranti Story: “कल चौदह जनवरी है। कल की तैयारी शुरू करो। सब लोग पतंगों का इंतजाम कर लो ।हम सभी बच्चे छत पर जाकर पतंगे उड़ाएंगे!” हमेशा की तरह हमारे टीम के बॉस राघव भैया ने कहा। ” छत पर क्यों?, विनी ने पूछा.. हम बड़े मैदान जाकर क्यों नहीं पतंगे उड़ाएंगे?” ” विनी, […]

Posted inसामाजिक कहानियाँ (Social Stories in Hindi), हिंदी कहानियाँ

जाते हुए साल—गृहलक्ष्मी की कहानी

Last Year Story: “मधुरम..ओ..मधुरम…!,”दादी की आवाज सुनकर मधुरम चौंका। “जी,दादी..!” “अरे ले ले बेटा..ये तेरा लिफाफा आया है..।” “मेरा…!”मधुरम ने दादी से  लिफाफा लिया और  अपने कमरे में चला आया। बेड पर लैपटॉप पहले से ही खुला हुआ था। उदास मधुरम ने अपने बेड पर बैठकर लिफाफा खोलने लगा। “अरे दादी…!!मधुरम ने बड़े जोर से […]

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