सुंदरवन सचमुच बहुत सुंदर था। यहां तरह-तरह के पेड़ व जीव-जंतु हिल-मिलकर रहते थे। सब परस्पर एक-दूसरे से परिवार की भांति जुड़े थे। बड़े छोटों को स्नेह देते और उनकी देखभाल करते तो छोटे बड़ों का कहना मानते और उन्हें सम्मान देते थे। हवा को यह देखकर बहुत आश्चर्य होता था। वह किसी से अधिक […]
