Posted inहिंदी कहानियाँ

दस पैसे का सिक्का – 21 श्रेष्ठ नारीमन की कहानियां छत्तीसगढ़

मैं कुछ सात-आठ बरस की रही होऊंगी। हमारे जमाने में उस समय पैसों का चलन था, एक, दो, तीन आने तो नहीं,अब इतनी भी बूढ़ी नहीं हूँ …हाँ तो मैं कह रही थी, पाँच, दस, पंद्रह, बीस,पच्चीस, पचास पैसे…आप समझ रहे हैं न? हमें तो भई खर्च ने के लिए यही पैसे मिला करते थे […]

Gift this article