प्रेम—वह दफ्तर से सीधी आ गयी थी, इसलिए कुछ थकी-थकी-सी थी और उसकी काली गर्दन पर पसीने से मैल नम हो गयी थी। मेरे पहलू में बैठकर उसने पर्स से रूमाल निकाल और मुंह साफ करने लगी । मुझे यों ही बैठे देखकर उसे शायद हैरानी हुई । बोली, ‘आप मेरे आने पर खुश नहीं […]
