Short Story in Hindi: गर्मियों की छुट्टी में सारे बच्चे घर आए हुए हैं ।चारों तरफ मस्ती का माहौल बना हुआ है। उसी मस्ती में उम्र के साठवे दशक में, भी मैं अपनी नाती पोते के साथ मस्ती के माहौल में डूब गया हूं। समय कैसे कट रहा है पता ही नहीं चल रहा है […]
Author Archives: डा.कुमारी रिचा
अब आपकी बारी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Father and Son Story: महेंद्र चाचा के अंतिम संस्कार की सारी तैयारियां हो चुकी थी । बस इंतजार था तो उनके बड़े बेटे के आने का। सुबह के 8:00 बजे महेंद्र चाचा ने अंतिम सांस ली अपनी। जिंदगी में उन्होंने बहुत ही परोपकार किया लेकिन आज पता नहीं क्यों चिता को अग्नि प्रदान करने वाला […]
आकर्षण प्यार का पहला दर्पण-लघु कहानी
First Love Story: अचानक से जब कोई बेगाना अपना अपना सा लगने लगता है। साथ ही अनेक तरह की भावनाओं का ज्वार जब हमारे अंदर उमरने लगता है। जो हमें विपरीत लिंग के प्रति तेजी से आकर्षित करने लगता है। यही आकर्षण प्यार का पहला दर्पण है, जिसकी वजह से कोई साधारण सा भी मेरे […]
दहलीज के उस पार……दूजा मायका – दुखद हिंदी कहानियां
Sasural Story: मधु हैरान-परेशान अपनी कानों पर उसे यकीन ही नहीं हो रहा था कि उसकी अपनी जननी… मां,भाभी के साथ मिलकर उसके बारे में ऐसी बातें करेंगी। ऐसी कौन सी बात मधु ने सुन ली हैरान-परेशान वाली??? इस कहानी की शुरुआत होती है मायके की लाडली मधु से ही। तीन भाई बहनों में सबसे […]
डिलीवरी गर्ल- लघु कहानी
Hindi Kahaniya: अपने पति और बच्चों के साथ पोर्टिको में बैठकर , हम सभी गप्पे मार रहे थे । साथ में चाय नाश्ता चल रहा था । गप्पे और ठहाके इतनी तगड़ी चल रही थी। बाहरी दुनिया की कोई खबर नहीं हम लोग खुद में इतने मशगूल थे । और मशगूल हो भी तो क्यों […]
भोर की लालिमा-गृहलक्ष्मी की कहानी
Hindi Kahaniya: सतरंगी रथों पर सवार सूर्य देव धरती पर अपनी लालिमा जब बिखेरते हैं । भोर की किरणों के रूप में यह लालिमा इंसान के जीवन में भी इंद्रधनुषी छटा बिखेर देती है । इस भोर के साथ ही नई उम्मीद और नई आशाएं जनजीवन में सतरंगी ख्वाब भरने लगते हैं। यह कहानी शुरू […]
