Summary: सही बॉडी अलाइनमेंट है नेक हम्प का असली समाधान
नेक हम्प आज की लाइफस्टाइल से जुड़ी एक आम समस्या बनती जा रही है, जिसे लोग अक्सर गलत तरीके से तकिये से जोड़ देते हैं। असली कारण गलत पोस्चर, लंबे समय तक स्क्रीन की ओर झुककर देखना और मांसपेशियों की कमजोरी है।
Neck Hump: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग शारीरिक रूप से कम एक्टिव रहते हैं। यही वजह है कि कई तरह की शारीरिक दिक्कतें हो जाती हैं। इनमें से एक है “नेक हम्प”, यानी गर्दन के पीछे बनने वाला उभार। पहले इसे बढ़ती उम्र के साथ जुड़ा माना जाता था, लेकिन अब युवाओं में भी यह समस्या देखी जा रही है। अक्सर यह कहा जाता है कि बिना तकिया सोने से नेक हम्प का इलाज हो सकता है। लेकिन यह पूरा सच नहीं है। आइए जानते हैं नई दिल्ली स्थित श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर जॉइंट रिप्लेसमेंट एंड ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अखिलेश राठी से नेक हम्प से जुड़ी हर जानकारी।
नेक हम्प के लिए सिर्फ तकिया नहीं, पूरी लाइफस्टाइल जिम्मेदार

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि असली समस्या हमारी दिनभर की आदतों में छिपी होती है। लोग अक्सर तकिये को नेक हम्प का दोषी मानते हैं, जबकि असल वजह कई अन्य गलत आदतें हैं। नेक हम्प की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब गर्दन का नैचुरल कर्व धीरे-धीरे बिगड़ने लगता है। यह स्थिति सिर को आगे झुका कर बैठने की सठती की वजह से उत्पन्न होती है, इस पोजिशन में सिर कंधों से आगे की ओर रहने लगता है। घंटों लैपटॉप या मोबाइल की ओर झुककर देखने से गर्दन और पीठ की ऊपर की मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे मांसपेशियां कमजोर और असंतुलित हो जाती हैं।
क्या बिना तकिया सोना नेक हम्प का उपाय है?
बहुत मोटा तकिया सिर को आगे की ओर धकेल सकता है, जिससे गर्दन झुक जाती है। वहीं, बहुत पतला तकिया या बिल्कुल तकिया न होने पर गर्दन पीछे की ओर ज्यादा झुक सकती है। दोनों ही स्थितियां सर्वाइकल स्पाइन की प्राकृतिक पोजिशन को बिगाड़ती हैं। मकसद तकिया हटाना नहीं, बल्कि न्यूट्रल अलाइनमेंट बनाए रखना है। सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी एक सीधी रेखा में सपोर्टेड रहें, यही सही तरीका है। कोई भी तकिया ‘परफेक्ट’ नहीं होता। सही तकिया वही है जो आपकी गर्दन को सीधा रखे।
नेक हम्प को कम करने के लिए इन आदतों पर दें ध्यान

नेक हम्प को कम करने के लिए रात की बजाय दिन की आदतों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। ये कुछ बदलाव बेहद फायदेमंद हो सकते हैं –
1. स्क्रीन की ऊंचाई सही रखें
मोबाइल या लैपटॉप को आंखों के स्तर पर रखने की कोशिश करें। बार-बार नीचे झुककर देखने से गर्दन पर दबाव बढ़ता है।
2. बैठने का पोस्चर सुधारें
कंधे पीछे की ओर रखें, पीठ सीधी रखें और गर्दन को आगे निकालकर बैठने से बचें। हर 30-40 मिनट में उठकर थोड़ा चलें।
3. पीठ की ऊपरी मांसपेशियां मजबूत करें
हल्के एक्सरसाइज जैसे शोल्डर ब्लेड स्क्वीज, रोइंग मूवमेंट्स या रेजिस्टेंस बैंड एक्सरसाइज ऊपरी पीठ को मजबूत बनाते हैं, जिससे गर्दन का दबाव कम होता है।
4. टाइट मसल्स की स्ट्रेचिंग करें
छाती और गर्दन के सामने की मांसपेशियां अक्सर कड़ी हो जाती हैं। रोजाना हल्की स्ट्रेचिंग करने से पोस्चर बेहतर होता है।
कब मिलें डॉक्टर से
नेक हम्प के साथ यदि आपको निम्न दिक्कतें हो रही हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलन चाहिए।
गर्दन या ऊपरी पीठ में तेज या बढ़ता हुआ दर्द।
न्यूरोलॉजिकल लक्षण जैसे हाथ में सुन्नपन, झुनझुनी या सुई चुभने जैसा महसूस होना।
हाथ में कमजोरी या पकड़ने की ताकत में कमी।
कूबड़ के आकार या बनावट में अचानक बढ़ोतरी या ध्यान देने लायक बदलाव।
गर्दन हिलाने या ऊपर देखने में दिक्कत।
बुखार के साथ गर्दन में अकड़न (संभावित इन्फेक्शन का संकेत)।
संतुलन खोना या चलने में परेशानी।
