Summary: गाँधी टॉक्स ट्रेलर रिलीज़: विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी और अदिति राव हैदरी की Silent कहानी
गाँधी टॉक्स का ट्रेलर अब सामने आ गया है, जिसमें संवादों की जगह मौन और भावनाओं की गहराई कहानी को आगे बढ़ाती है। विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी और अदिति राव हैदरी की दमदार अदाकारी इसे एक यादगार अनुभव बनाती है।
Gandhi Talks Trailer: विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी, अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ जाधव की दमदार अदाकारी के साथ, ‘गाँधी टॉक्स’ का ट्रेलर रिलीज़ हो गया है। ज़ी स्टूडियोज़ ने क्यूरियस डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड, पिंकमून मेटा स्टूडियोज़ और मूवी मिल एंटरटेनमेंट के साथ मिलकर इस साहसी फिल्म को सामने लाया है। फिल्म 30 जनवरी को रिलीज़ होगी।
‘गाँधी टॉक्स’ पारंपरिक सिनेमा के ढांचे को चुनौती देती है और संयम, आत्मविश्वास और भावनात्मक गहराई के साथ अपनी अलग पहचान बनाती है। ट्रेलर में संवादों की कमी इसे और गहरा बनाती है हर दृश्य, भावनात्मक ठहराव और सूक्ष्म अभिनय कहानी को खुद बयां करते हैं। यह सिर्फ देखने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने और कहानी में खुद को खोजने के लिए बनाया गया अनुभव है।
मौन ही सबसे ताकतवर संवाद – विजय सेतुपति
अपने अनुभव को साझा करते हुए विजय सेतुपति कहते हैं, “गाँधी टॉक्स ने मुझे बिना शब्दों के भाव व्यक्त करने की चुनौती दी। यह एक दुर्लभ फिल्म है, जहाँ मौन ही सबसे ताकतवर संवाद बन जाता है।”
खामोशी में भी आत्मा की आवाज़ – अरविंद स्वामी
इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए अरविंद स्वामी कहते हैं, “एक ऐसी दुनिया में जो शोर से भरी है, गाँधी टॉक्स हमें याद दिलाती है कि खामोशी अब भी आत्मा को झकझोर सकती है। इस फिल्म में शब्द पीछे हट जाते हैं और सच चुपचाप सामने आ जाता है। रहमान का संगीत इसकी भाषा बन जाता है।”
भावनाओं को महसूस करना – अदिति राव हैदरी
फिल्म के भावनात्मक पक्ष पर बात करते हुए अदिति राव हैदरी कहती हैं, “इस फिल्म में मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया कि भावनाओं को बोला नहीं, महसूस किया जाता है। यह फिल्म संवेदनशीलता और खामोशी को एक साथ बहुत खूबसूरती से जीने देती है।”
सिनेमा शब्दों से कहीं आगे – सिद्धार्थ जाधव
सिद्धार्थ जाधव कहते हैं, “ऐसी फिल्म का हिस्सा बनना, जो बिना संवादों के इतना प्रभावी रूप से बात करती है, बेहद खास अनुभव था। यह याद दिलाती है कि सिनेमा शब्दों से कहीं आगे जाता है।”
ए. आर. रहमान का संगीत
दिग्दर्शक किशोर पांडुरंग बेलेकर द्वारा निर्देशित गाँधी टॉक्स को ए. आर. रहमान के प्रभावशाली संगीत और बैकग्राउंड स्कोर का सशक्त सहारा मिला है। रहमान का संगीत फिल्म के मौन दृश्यों में प्राण भरता है और प्रतिष्ठित गायकों की आवाज़ें अनकहे पलों को और गहन बनाती हैं।
एक साहसी और अनोखे कदम के रूप में मेकर्स ने ट्रेलर को इसके संगीत समारोह से तीन दिन पहले रिलीज़ किया। ए. आर. रहमान लाइव कॉन्सर्ट के दौरान सिनेमा और लाइव म्यूज़िक का दुर्लभ और विचारपूर्ण मेल सामने आया। यह विशिष्ट प्रमोशनल रणनीति डूबकर महसूस करने वाली, अनुभववादी और कलात्मक दृष्टिकोण वाली फिल्म की अपनी फिलॉसफी को दर्शाती है।

