collage Man smiling and saying something in one side and a door open with some man peeping on other side
Pune Guys

Summary: ब्लिंकिट बॉय ने किया रेस्क्यू

फैसला हुआ कि ब्लिंकिट के डिलीवरी एजेंट को कॉल किया जाए। आमतौर पर लोग ब्लिंकिट से रात में दूध, स्नैक्स या आइसक्रीम मंगाते हैं, लेकिन यहां मामला कुछ और ही था। यह एक तरह का लेट-नाइट रेस्क्यू ऑपरेशन था।

Blinkit Delivery Boy Rescue: पुणे में रहने वाले एक युवक और उसके दोस्तों के लिए एक सामान्य-सी रात अचानक ऐसी कहानी बन गई, जो अब सोशल मीडिया पर लोगों को खूब हंसा रही है। मामला न तो चोरी का था, न किसी बड़े हादसे का, बल्कि एक छोटी-सी लापरवाही का नतीजा था… खुद ही अपनी बालकनी में लॉक हो जाना। रात का वक्त था, करीब तीन बजे… और हालात ऐसे बन गए कि समझ नहीं आ रहा था हंसा जाए या रोया जाए।

यह पूरा किस्सा इंस्टाग्राम पर मिहिर गहाकर ने शेयर किया। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, “हम रात 3 बजे अपनी ही बालकनी में लॉक हो गए, तो हमने ये किया।” वीडियो शुरू होते ही साफ दिखता है कि हालात कितने अजीब हैं। बालकनी में फंसे दोस्त, अंदर घर में गहरी नींद में सोते माता-पिता, और बाहर निकलने या अंदर जाने का कोई रास्ता नहीं। न चाबी पास थी, न दरवाजा खोलने का कोई जुगाड़, और न ही इतनी हिम्मत कि रात के सन्नाटे में घर वालों को जगाया जाए।

शुरुआत में घबराहट होना स्वाभाविक था। ठंडी हवा और दिमाग में एक ही सवाल… अब करें तो करें क्या? कुछ देर तक दोस्त आपस में चर्चा करते रहे। फिर अचानक किसी के दिमाग में एक ऐसा आइडिया आया, जिसे सुनकर पहले तो सब हंस पड़े, लेकिन वही आइडिया बाद में उनकी “लाइफलाइन” बन गया। फैसला हुआ कि ब्लिंकिट के डिलीवरी एजेंट को कॉल किया जाए। आमतौर पर लोग ब्लिंकिट से रात में दूध, स्नैक्स या आइसक्रीम मंगाते हैं, लेकिन यहां मामला कुछ और ही था। यह एक तरह का लेट-नाइट रेस्क्यू ऑपरेशन था।

वीडियो में दिखता है कि दोस्तों में से एक, पूरी शांति के साथ, फोन पर ब्लिंकिट वाले भाई को पूरी कहानी समझा रहा है। उसे बताया जा रहा है कि घर की चाबी कहां रखी है, मेन डोर कैसे खोलना है, अंदर कदम रखते वक्त आवाज न हो इसका कैसे ध्यान रखना है और सीधे बालकनी तक कैसे पहुंचना है। सबसे बड़ी चिंता यही थी कि माता-पिता की नींद न टूटे।

कुछ ही देर बाद ब्लिंकिट का डिलीवरी एजेंट आता है। वह दरवाजा खोलता है, घर में दाखिल होता है और बिना किसी हड़बड़ी के बालकनी की तरफ बढ़ता है। जैसे ही वह वहां पहुंचता है, दोस्तों की जान में जान आती है। तनाव टूटता है और माहौल ठहाकों से भर जाता है। पूरी स्थिति इतनी अजीब और मजेदार लगती है कि हंसी अपने-आप निकल जाती है।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग इस अनोखे जुगाड़ पर हैरान भी हुए और खूब एंटरटेन भी हुए। कमेंट सेक्शन में तो मानो किस्सों की लाइन लग गई। किसी ने लिखा कि उसने भी कभी ब्लिंकिट से ऑर्डर इसलिए किया था ताकि डिलीवरी वाला घर का दरवाजा खटखटाकर उसके पति को जगा दे। किसी ने मजाक में कहा कि ब्लिंकिट अब सिर्फ सामान नहीं, बल्कि हमारी भावनाएं और मुश्किलें भी ढो रहा है। एक यूजर ने ध्यान दिया कि डिलीवरी एजेंट जूते उतारकर घर के अंदर गया, जिस पर लोगों ने उसकी तारीफ करते हुए उसे “संस्कारी ब्लिंकिट भाई” तक कह डाला।

ढाई दशक से पत्रकारिता में हैं। दैनिक भास्कर, नई दुनिया और जागरण में कई वर्षों तक काम किया। हर हफ्ते 'पहले दिन पहले शो' का अगर कोई रिकॉर्ड होता तो शायद इनके नाम होता। 2001 से अभी तक यह क्रम जारी है और विभिन्न प्लेटफॉर्म के लिए फिल्म समीक्षा...