आसमान में हुआ टाइम ट्रैवल! नए साल की उड़ान, लेकिन लैंडिंग पिछले साल में
नए साल 2026 की रात कुछ अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स ने उड़ान भरी, लेकिन टाइम ज़ोन और इंटरनेशनल डेट लाइन के कारण 2025 में ही लैंड हो गईं।
नए साल की रात आमतौर पर जश्न, आतिशबाज़ी और नए कैलेंडर की शुरुआत का प्रतीक होती है। लेकिन इस बार कुछ अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स ने यात्रियों को एक अलग ही अनुभव करा दिया। सोचिए, आप 2026 में विमान में बैठकर उड़ान भरते हैं और कुछ घंटों बाद जब उतरते हैं, तो तारीख फिर से 2025 दिखाती है। यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म का सीन नहीं, बल्कि टाइम ज़ोन और इंटरनेशनल डेट लाइन का असली खेल है।
नए साल की उड़ान, लेकिन तारीख पीछे
नए साल 2026 के आगमन के साथ ही कई यात्रियों ने यह हैरान करने वाला नज़ारा देखा। वे न्यू ईयर सेलिब्रेशन के बाद फ्लाइट में बैठे, घड़ी ने 12 बजते ही 2026 दिखाया और विमान ने उड़ान भरी। लेकिन जब फ्लाइट अपने गंतव्य पर उतरी, तो वहां की लोकल तारीख अभी भी 2025 थी। यानी यात्री तकनीकी रूप से एक साल पीछे लौट आए।
इंटरनेशनल डेट लाइन का कमाल
असल में यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि इंटरनेशनल डेट लाइन और अलग-अलग टाइम ज़ोन का असर है। दुनिया को समय के हिसाब से कई ज़ोन में बांटा गया है। जब कोई विमान पूर्व से पश्चिम की ओर लंबी दूरी तय करता है, तो वह कई टाइम ज़ोन पार करता है। खासतौर पर जब फ्लाइट इंटरनेशनल डेट लाइन को क्रॉस करती है, तो तारीख एक दिन पीछे चली जाती है। यही वजह है कि कुछ फ्लाइट्स ने 1 जनवरी 2026 को टेकऑफ किया, लेकिन लैंडिंग के वक्त गंतव्य पर तारीख 31 दिसंबर 2025 थी।
नए साल पर फ्लाइट ट्रैफिक का हाल
नए साल के दिन दुनियाभर में हवाई यातायात थोड़ा कम रहता है। आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी को करीब 96,600 पैसेंजर फ्लाइट्स ऑपरेट हुईं, जो सामान्य दिनों के मुकाबले लगभग 3 प्रतिशत कम थीं। हालांकि, क्रिसमस डे जितनी बड़ी गिरावट नहीं देखी गई।
दिलचस्प बात यह रही कि यूरोप की एक लो-कॉस्ट एयरलाइन ने अकेले नए साल के दिन 3,100 से ज्यादा उड़ानें संचालित कीं। इससे साफ है कि जश्न के बावजूद एयर ट्रैवल पूरी तरह नहीं थमता।

आधी रात के आसपास लैंडिंग का रिकॉर्ड
एविएशन डेटा के अनुसार 31 दिसंबर की रात ठीक 23:59 बजे तक दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में 100 से ज्यादा पैसेंजर फ्लाइट्स लैंड कर चुकी थीं। इनमें से बड़ी संख्या अमेरिका में उतरी। वहीं कुछ फ्लाइट्स ऐसी भी थीं, जो ठीक 1 जनवरी को 00:00 बजे उड़ान भरने के लिए शेड्यूल की गई थीं। यानी एक ही समय पर कुछ लोग पुराने साल में उतर रहे थे, तो कुछ नए साल में उड़ान भर रहे थे।
2026 में उड़ान, 2025 में लैंडिंग
सबसे ज्यादा चर्चा उन लॉन्ग-हॉल फ्लाइट्स की रही, जिन्होंने 2026 में टेकऑफ किया और 2025 में लैंड हुईं। ऐसी करीब 7 फ्लाइट्स रिकॉर्ड की गईं। इनमें एक चर्चित उड़ान एशिया से अमेरिका की ओर जाने वाली थी, जिसने आधी रात के बाद उड़ान भरी और उसी दिन पश्चिमी गोलार्ध में पहुंच गई, जहां तारीख अभी बदली ही नहीं थी।
सैद्धांतिक रूप से देखें तो ऐसे यात्रियों के पास दो बार न्यू ईयर ईव मनाने का मौका था एक बार टेकऑफ से पहले और दूसरी बार लैंडिंग के बाद। हालांकि, लंबी उड़ान और जेट लैग ने इस “डबल सेलिब्रेशन” को आसान नहीं बनाया
जिन लोगों ने यह अनुभव किया, उनके लिए यह जिंदगी भर याद रहने वाला पल बन गया। नए साल की रात उड़ान भरकर “पिछले साल” में उतरना, भले ही तकनीकी कारणों से हुआ हो, लेकिन एहसास किसी जादू से कम नहीं था। यह घटना बताती है कि कभी-कभी विज्ञान और यात्रा मिलकर रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भी हैरानी पैदा कर सकते हैं।
