Hindi Poem
Hindi Poem

Hindi Poem: इनकी तुम यह डोली , अभी नहीं सजावो।
दुल्हन इनको तुम, अभी नहीं बनाओ।।
रोको इनकी शादी, समझो बात को तुम।
कच्ची उम्र में शादी , तुम नहीं करावो।।
इनकी तुम यह डोली——————–।।

बहुत बड़ा पाप है , इस उम्र में विवाह।
न्याय नहीं इनके साथ, यह बाल विवाह।।
तुम खिलने दो इनको , बिना बोझ के।
इनके जीवन को नरक, नहीं ऐसे बनाओ।।
इनकी तुम यह डोली———————–।।

शिक्षा की उम्र है , अभी पढ़ने दो इनको।
स्वर्णिम जीवन का सपना, देखने दो इनको।।
तुम बन जाने दो , इनको खुद स्वालम्बी।
इनकी मंजिल में तुम , नहीं कांटें बिछाओ।।
इनकी तुम यह डोली———————।।

रस्में ऐसी छोड़ो , इनको जीने दो आजाद।
नाम तुम्हारा हो रोशन, ऐसा दो आशीर्वाद।।
यह लहु है तुम्हारा, बोझ नहीं इनको कहो।
बालविवाह है अभिशाप, सबको समझाओ।।
इनकी तुम यह डोली