Abram thought Amitabh Bachchan was his grandfather
Abram thought Amitabh Bachchan was his grandfather

Overview: शाहरुख खान ने एक मज़ेदार किस्सा साझा किया

शाहरुख खान के बेटे अबराम का यह मानना कि अमिताभ बच्चन उसके दादाजी हैं, एक छोटी-सी लेकिन दिल छू लेने वाली कहानी है। यह न सिर्फ एक बच्चे की मासूमियत को दिखाती है, बल्कि बॉलीवुड के दो दिग्गजों के बीच सम्मान और रिश्ते की भी झलक देती है।

Abram and Amitabh: बॉलीवुड सितारों की ज़िंदगी से जुड़े छोटे-छोटे किस्से अक्सर उनकी फिल्मों से भी ज़्यादा दिलचस्प होते हैं। ऐसा ही एक प्यारा और मासूम किस्सा शाहरुख खान ने कभी अपने छोटे बेटे अबराम को लेकर साझा किया था। यह कहानी न सिर्फ एक बच्चे की मासूम सोच को दिखाती है, बल्कि बॉलीवुड के दो सबसे बड़े नामों—शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन—के बीच खास रिश्ते की झलक भी देती है।

अबराम की मासूम दुनिया और उसका भ्रम

अबराम उस उम्र में था, जब बच्चे अपने आसपास की चीज़ों को अपने हिसाब से समझते हैं। शाहरुख के मुताबिक, एक समय ऐसा था जब अबराम पूरी तरह यकीन कर बैठा था कि अमिताभ बच्चन उसके दादाजी हैं। यह सुनकर परिवार वाले भी हैरान रह गए थे, लेकिन बच्चे की इस सोच में एक अलग ही मासूम तर्क छुपा हुआ था।

अमिताभ बच्चन से खास लगाव

अबराम का अमिताभ बच्चन के प्रति खास आकर्षण था। वह उन्हें अक्सर टीवी पर देखता, उनकी भारी आवाज़ और लंबा व्यक्तित्व उसे बेहद प्रभावशाली लगता। बच्चों के लिए जो इंसान सबसे बड़ा और सबसे सम्मानित दिखता है, वही उनके लिए ‘दादाजी’ जैसी छवि बना लेता है। अबराम के मन में भी शायद यही सोच काम कर रही थी।

शाहरुख खान की मज़ेदार प्रतिक्रिया

शाहरुख खान ने इस पूरे किस्से को बेहद हल्के और मज़ेदार अंदाज़ में बताया। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि अबराम अमिताभ बच्चन को अपना दादा समझ रहा है, तो वे हंस पड़े। शाहरुख ने इस भ्रम को तोड़ा जरूर, लेकिन बच्चे की मासूमियत का पूरा सम्मान भी किया।

बच्चन और खान परिवार का रिश्ता

इस किस्से के पीछे एक भावनात्मक पहलू भी है। शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन ने कई फिल्मों में साथ काम किया है और उनके बीच आपसी सम्मान का रिश्ता रहा है। शायद इसी वजह से अबराम ने अमिताभ बच्चन को परिवार का हिस्सा मान लिया हो। यह कहानी बॉलीवुड के भीतर मौजूद गर्मजोशी को भी दर्शाती है।

फैंस को क्यों पसंद आया यह किस्सा

जब यह कहानी सामने आई, तो सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे हाथों-हाथ लिया। लोगों को एक सुपरस्टार के बेटे की ऐसी मासूम सोच बेहद प्यारी लगी। इस किस्से ने यह भी दिखाया कि चाहे कोई कितना भी बड़ा स्टार क्यों न हो, बच्चों की दुनिया में सब कुछ बेहद सरल और सच्चा होता है।

बच्चों की मासूम सोच की खूबसूरती

अबराम का यह भ्रम हमें याद दिलाता है कि बच्चों की सोच कितनी अलग और खूबसूरत होती है। वे रिश्तों को नाम, खून या परिभाषाओं से नहीं, बल्कि एहसासों से जोड़ते हैं। उनके लिए जो इंसान अपनापन और सम्मान जगाए, वही परिवार बन जाता है।

मेरा नाम श्वेता गोयल है। मैंने वाणिज्य (Commerce) में स्नातक किया है और पिछले तीन वर्षों से गृहलक्ष्मी डिजिटल प्लेटफॉर्म से बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हूं। यहां मैं महिलाओं से जुड़े विषयों जैसे गृहस्थ जीवन, फैमिली वेलनेस, किचन से लेकर करियर...