Tanya ki Nayi Udan
Tanya ki Nayi Udan

Summary: तान्या की नई उड़ान: आत्मविश्वास और सेहत की कहानी

तान्या ने परिवार के समर्थन और योग, संतुलित आहार से आत्मविश्वास पाया और स्वस्थ जीवन जीना सीखा। यह कहानी दिखाती है कि मेहनत और सही आदतों से मुश्किलें आसान बन सकती हैं।

Hindi Short Story: तान्या दस साल की प्यारी और मासूम बच्ची थी। लेकिन स्कूल के दिन उसके लिए किसी चुनौती से कम नहीं थे। उसके साथ पढ़ने वाले बच्चे अक्सर उसके वजन का मज़ाक उड़ाते , ओह तान्या तुम्हारे पैरों में ताकत नहीं क्या कि जल्दी दौड़ सको ? खेल तुम्हारे बस का नहीं है तान्या तुम थक जाओगी अपना वजन नहीं झेल पाओगी , पहले तान्या हंस देती, लेकिन धीरे-धीरे उसकी हंसी गायब होने लगी। घर आने पर भी तान्या अक्सर अपने कमरे में अकेली बैठ जाती। उसकी आँखों में उदासी और दिल में डर था। वह पहले की तरह किताबों और खेलों में मन नहीं लगा पा रही थी। माँ, रीता, और पिता, समीर, यह देखकर बहुत परेशान थे।

उन्होंने देखा कि तान्या का आत्मविश्वास टूट रहा है और अब वह खुश भी नहीं रह पाती है न पहले जैसी बातें करती है।

एक शाम, माँ ने तान्या के पास बैठकर उसका हाथ पकड़ते हुए कहा, हमारा शरीर, हमारा घर है। अगर हम उसकी देखभाल करें, तो हम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं। पिता ने भी मुस्कुराते हुए कहा, चलो आज से हम सब मिलकर रोज़ थोड़ा-थोड़ा समय निकाल कर योग करेंगे। इससे न सिर्फ शरीर मजबूत होगा, बल्कि मन भी खुश रहेगा।

तान्या डर रही थी। उसने डरते-डरते कहा लेकिन लोग मुझे योगा करते देखेंगे और मै ठीक से नहीं कर पाई तो फिर हँसेंगे। माँ ने उसे गले लगाते हुए कहा, हम तुम्हारे साथ हैं। दूसरों की हँसी तुम्हारी खुशियों के बीच नहीं आ सकती। पिता ने भी कहा, सच्चा बदलाव तभी आता है जब हम खुद पर भरोसा करें और मेहनत करें। हम हर कदम पर तुम्हारे साथ हैं।

शुरुआत में योगा कठिन लग रहा था। हर खिंचाव और हर आसन में तान्या को अपनी कमजोरी का अहसास होता। कभी-कभी तो वह रो पड़ती, लेकिन माता-पिता की सकारात्मक बातें उसे हार मानने नहीं देती थी। धीरे-धीरे तान्या ने अच्छा और पौष्टिक खाना खाना शुरू किया, फल, सब्ज़ियाँ, और घर का बना हेल्दी खाना। उसका शरीर हल्का और मजबूत होने लगा, और मन में नई उम्मीद जगने लगी।

कुछ हफ्तों में बदलाव साफ दिखने लगा था। उसने अब वजन भी काफी काम कर लिया था। तान्या अब स्कूल में खेलों में भाग लेने लगी। पहले जो बच्चे उसका मज़ाक उड़ाते थे, अब उसकी मेहनत देखकर हैरानी से चुप रहते। तान्या ने अब समझा कि असली खूबसूरती आत्मविश्वास में है, और आत्मविश्वास तब आता है जब हम अपने शरीर और मन की अच्छी तरह देखभाल करते हैं।

स्पोर्ट्स डे पर, तान्या ने दौड़ में भाग लिया। शुरुआत में उसे थोड़ा डर लगा, लेकिन जैसे ही उसने तेज़ी से दौड़ना शुरू किया, उसका मन खुशी से भर गया। लक्ष्य तक पहुँचते ही वह दौड़ते-दौड़ते ही रो पड़ी, उसकी आँखों में खुशी और गर्व के आंसू थे। स्कूल के बच्चे तालियाँ बजाते हुए उसके पास आए। तान्या की आँखों में चमक थी इस बार उसकी मुस्कान अंदर से बाहर तक झलक रही थी।

घर लौटकर तान्या ने माता-पिता को गले लगाते हुए कहा, “मैं बहुत खुश हूँ कि आपने मुझ पर भरोसा किया। अब मैं जानती हूँ कि मैं खुद को बदल सकती हूँ। पिता की आँखों में भी गर्व और खुशी के आंसू थे। माँ ने उसकी पीठ थपथपाते हुए कहा, हमेशा याद रखना प्यारी गुड़िया मेहनत और लगन के साथ कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती।

तान्या अब सिर्फ फिट और स्वस्थ ही नहीं थी, बल्कि उसके अंदर विश्वास और खुशियों की नयी किरण पनप रही थी। उसने सीखा कि मुश्किलें तो हमेशा आती ही हैं, लेकिन परिवार का प्यार और सही आदतें उन्हें पार करने में बहुत मदद करती हैं। और सबसे बड़ी सीख जो भी मुश्किलें आएं, उन्हें पार करने की ताकत हमारे अंदर ही होती है बस जरुरत है उसे पहचानने की , जब हम खुद से प्यार करना सीखते हैं तो हम आत्मविश्वास से भर जाते हैं ।

उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली तरूणा ने 2020 में यूट्यूब चैनल के ज़रिए अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद इंडिया टीवी के लिए आर्टिकल्स लिखे और नीलेश मिश्रा की वेबसाइट पर कहानियाँ प्रकाशित हुईं। वर्तमान में देश की अग्रणी महिला पत्रिका...