Overview: बॉडी बनाने वाले डम्बल ही बन सकते हैं आपकी बीमारी की वजह, जानें कैसे
जिम के उपकरण, जैसे डम्बल, ट्रेडमिल और योगा मैट्स में शौचालय की सीट से सैकड़ों गुना ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं। लेकिन सही सावधानी ही इसका बचाव है।
Gym Equipment Effects: जिम में पसीना बहाकर खुद को फिट रखना आज हर किसी की प्राथमिकता बन गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं जो डम्बल या ट्रेडमिल का आप इस्तेमाल करते हैं, वह बीमारी की वजह भी बन सकती है। एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि जिम के उपकरणों पर मौजूद बैक्टीरिया सार्वजनिक शौचालय की सीट से भी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। यानी डम्बल पर शौचालय की तुलना में 362 गुना ज्यादा बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जबकि ट्रेडमिल और बाइक पर यह आंकड़ा 417 गुना तक पहुंच जाता है। इस स्टडी के अनुसार, जिम के उपकरणों पर पाए जाने वाले लगभग 90% बैक्टीरिया इंसानों के लिए हानिकारक हैं। यदि आप भी नियमित रूप से इन चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए।
जिम के उपकरणों पर बैक्टीरिया का खतरा

शोधकर्ताओं ने तीन अलग-अलग फिटनेस सेंटर्स से उपकरणों के नमूने लिए। औसतन, ट्रेडमिल, एक्सरसाइज बाइक और डम्बल जैसे फ्री वेट्स पर प्रति वर्ग इंच एक मिलियन से ज्यादा बैक्टीरिया सेल्स पाए गए। तुलना करें तो एक सामान्य शौचालय की सीट पर लगभग 3,200 बैक्टीरिया सेल्स होते हैं। यानी डम्बल पर शौचालय की तुलना में 362 गुना ज्यादा बैक्टीरिया मौजूद हैं, जबकि ट्रेडमिल और बाइक पर यह आंकड़ा 417 गुना तक पहुंच जाता है। हालांकि, सभी बैक्टीरिया बीमारी का कारण नहीं बनते, लेकिन स्टडी में पाया गया कि जिम के उपकरणों पर मौजूद 70% से ज्यादा बैक्टीरिया इंसानों के लिए नुकसानदायक हैं।
कैसे फैलता है बैक्टीरिया
बैक्टीरिया हर जगह मौजूद हैं, लेकिन जिम जैसे स्थानों पर इनकी संख्या ज्यादा होती है। ये बैक्टीरिया छींकने, खांसने, सतहों को छूने, त्वचा के संपर्क और पसीने, खून या लार जैसे शारीरिक तरल पदार्थों के जरिए फैलते हैं। जिन लोगों को पहले से कोई संक्रमण या घाव है, वे बैक्टीरिया को और आसानी से फैला सकते हैं। इसके अलावा, चाबियां, मोबाइल फोन, पानी की बोतलें और जिम बैग जैसे सामान भी बैक्टीरिया को फैलाने में मदद करते हैं।
जिम में पाए जाने वाले बैक्टीरिया और बीमारियां
एथलीट्स फुट : यह एक फंगल इन्फेक्शन है, जो पैरों में खुजली, त्वचा का फटना और लालिमा पैदा करता है। यह स्विमिंग पूल, लॉकर रूम और एक्सरसाइज मैट्स पर पाया जाता है।
स्टैफिलोकोकस ऑरियस: यह खतरनाक बैक्टीरिया त्वचा और सतहों के संपर्क से फैलता है और फोड़े, सेल्युलाइटिस, निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है।
रिंगवर्म: यह फंगल इन्फेक्शन त्वचा पर गोलाकार, खुजली वाले चकत्ते बनाता है। यह नम वातावरण जैसे जिम में आसानी से फैलता है और इसे ठीक होने में हफ्तों लग सकते हैं।
कॉमन कोल्ड: राइनोवायरस के कारण होने वाली यह बीमारी हवा, त्वचा के संपर्क और दूषित सतहों से फैलती है। यह जिम के उपकरणों पर सात दिनों तक जीवित रह सकता है।
MRSA: मेथिसिलिन-रेसिस्टेंट स्टैफिलोकोकस ऑरियस एक “सुपरबग” है, जो जिम के लॉकर रूम और उपकरणों पर पनपता है। इसे ठीक करना बेहद मुश्किल है।
सबसे ज्यादा बैक्टीरिया वाले जिम उपकरण

डम्बल: इन पर चिपके बैक्टीरिया त्वचा और श्वसन तंत्र के लिए खतरा बन सकते हैं।
ट्रेडमिल: पसीना और तौलिया रखने की आदत इसे बैक्टीरिया का अड्डा बनाती है।
योगा मैट्स: पसीने से भीगे मैट्स पर बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं।
क्रॉस ट्रेनर्स: इनके हैंडल्स पर पसीने से बैक्टीरिया आसानी से फैलते हैं।
एब बेंच: पसीने से भीगी बेंच बैक्टीरिया का घर बन सकती है।
पुल-अप बार्स: गर्म तापमान में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं।
बैक्टीरिया और इंफेक्शन से खुद को कैसे बचाएं
– अपने हाथ और उपकरणों को सैनिटाइजर से साफ करें।
– अतिरिक्त कपड़े और बैंड साथ रखें।
– अपनी तौलिया इस्तेमाल करें, कम से कम दो तौलिए साथ रखें।
– जहां संभव हो, दस्ताने पहनें।
– बार-बार हाथ मुंह और नाक में न लगाएं।
