Hindi Poem
Hindi Poem

Hindi Poem: ऑनलाइन शॉपिंग ने,
जीना किया आसान।
बैठे-बैठे खरीद ले,
जग का सभी सामान।।

सुनो, ई-खरीदारी का,
किस्सा इक मज़ेदार।
लगे यदि रिलेटेबल तो,
तुरन्त बताओ यार।।

कार्ट में कपड़े भर लिए,
देख के सस्ते दाम।
बीस सूट करके पसंद,
दिल को मिला आराम।।

डिस्काउंट ऑफर बहुत,
लूट हो जैसे आज।
कपड़े खरीद मनमाफ़िक,
हो गया खुद पे नाज़।।

इंतज़ार की घड़ी खत्म,
कपड़ों का मिला स्टॉक।
रंग-बिरंगे सूट देख,
वर्षा हो गई रॉक।।

स्क्रीन पर दिखे थे जैसे,
सूट थे उससे भिन्न।
हल्की ड्रेस, प्रिंट खराब,
मेरा मन हुआ खिन्न।।

देख क्वालिटी कपड़ों की,
हो गई मैं तो शॉक।
उन्नीस सूट रिटर्न कर,
ऐप करे मुझे ब्लॉक।।

पहन के अच्छे वाला सूट,
हो गई मैं तैयार।
बन-ठन पार्टी में पहुँची,
स्वयं को रही निहार।।

मेरी तरह के सूट में,
वहाँ थी महिला चार।
मस्ती सारी भूल गई,
छिपती फिरूँ मैं यार।।

आखिर मैं कब तक छिपती,
खुल गई जल्दी पोल।
सेम ऐप की खरीद में,
हुआ यह अक्सर झोल।।

ऑनलाइन शॉपिंग में,
ठगे गए कई बार।
किन्तु ई-खरीदारी से,
हमें है फिर भी प्यार।।