Summary: “इंस्पेक्टर जेंडे” में मनोज बाजपेयी का नया पुलिस अवतार
“इंस्पेक्टर जेंडे” मनोज बाजपेयी की नई नेटफ्लिक्स फिल्म है, जिसमें वह मुम्बई पुलिस के एक जुझारू और सूझबूझ वाले इंस्पेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म 1980-90 के उस दौर में सेट है जब न तो सीसीटीवी था और न ही साइबर फॉरेंसिक।
Inspector Zende Trailer: अगर मनोज बाजपेयी के कैरेक्टर श्रीकांत तिवारी (द फैमिली मैन) का कोई जुड़वां होता, तो वह इंस्पेक्टर मधुकर बापूराव जेंडे जैसा होता। मनोज बाजपेयी अपनी नई नेटफ्लिक्स फिल्म “इंस्पेक्टर जेंडे” में इसी अंदाज के किरदार में लौटे हैं। फिल्म में उनका सामना जिम सर्भ द्वारा निभाए गए कैरेक्टर कार्ल भोजराज से होता है, जो मुम्बई का सबसे वांछित अपराधी है। यह फिल्म अपने ट्रेलर के साथ दर्शकों को एक रोमांचक, मजेदार और यादगार सफर पर ले जाने का वादा करती है।
“इंस्पेक्टर जेंडे” का ट्रेलर लॉन्च
इसके ट्रेलर में दिखाया गया है कि यह फिल्म एक मजेदार ‘कैट एंड माउस’ खेल की तरह है। कार्ल की चालाकी और जेंडे की सूझ-बूझ के बीच चल रही यह नोंकझोंक दर्शकों को हंसाती भी है और रोमांचित भी करती है। नेटफ्लिक्स ने सोशल मीडिया पर लिखा, “एक मास्टरमाइंड अपराधी। एक ऐसा पुलिस वाला जिसे पकड़ना नामुमकिन। जिम और मनोज की अदाकारी में कैट-एंड-माउस चेज। देखें “इंस्पेक्टर जेंडे”, 5 सितंबर से केवल नेटफ्लिक्स पर।”
“इंस्पेक्टर जेंडे” की क्या है कहानी?
फिल्म का सेटिंग उस दौर में है जब न तो सीसीटीवी था और न ही साइबर फॉरेंसिक का चलन। इस युग में इंस्पेक्टर जेंडे की पहचान उनकी सूझ-बूझ, तुरंत निर्णय लेने की क्षमता और असाधारण जुगाड़ से होती है। वह एक ऐसे पुलिस अधिकारी हैं, जो सिर्फ अपने कर्तव्य को निभाते हैं, लेकिन उसकी साहसिकता और ह्यूमर उन्हें मुम्बई के दिल में खास बनाते हैं। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब कार्ल भोजराज, जिसे इंस्पेक्टर जेंडे ने 15 साल पहले जेल भेजा था, जेल से भागकर मुम्बई लौटता है। अब जेंडे को उसे पकड़ने के लिए फिर से मैदान में उतरना पड़ता है।
फिल्म का निर्देशन और निर्माण
फिल्म का निर्देशन चिन्मय मांडलेकर ने किया है और इसे जय शेवाक्रमानी और ओम राउत ने प्रोड्यूस किया है। कथित तौर पर यह फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित है, और यह हमें एक पुराने जमाने की याद दिलाती है। 1980 और 1990 के दशक का मुंबई, जहां तकनीक सीमित थी और पुलिस को अपनी सूझ-बूझ पर भरोसा करना पड़ता था, उसी समय की कहानी यह फिल्म पेश करती है।
क्या कहा मनोज बाजपेयी ने?
मनोज बाजपेयी ने अपने अनुभव शेयर करते हुए कहा, “इंस्पेक्टर जेंडे में मुझे सबसे ज्यादा जो आकर्षित करता है वह यह कि वह फ़ेमस होने के पीछे नहीं भाग रहा था। वह सिर्फ अपना काम कर रहा था और फिर भी वह दो बार सबसे कुख्यात अपराधियों में से एक को पकड़ता है। उसकी बहादुरी, ह्यूमर और मुंबई का वो खास अंदाज उसकी यात्रा को प्रेरणादायक बनाता है। उसके साथ मिलने का अनुभव ऐसा था जैसे किसी कहानी की दुनिया में कदम रखना, जिसमें अनगिनत किस्से और कहानियां छुपी हों। ट्रेलर केवल एक झलक है, फिल्म आपको पूरी तरह उसकी दुनिया में ले जाती है। मैं खुश हूं कि उसकी कहानी अब नेटफ्लिक्स पर ग्लोबली सामने आ रही है।”
कब रिलीज हो रही है फिल्म “इंस्पेक्टर जेंडे”?
“इंस्पेक्टर जेंडे” सिर्फ एक पुलिस और अपराध की कहानी नहीं है। यह मुंबई की गलियों, उस दौर की चुनौतियों, इंस्पेक्टर की सूझ-बूझ और अपराधी की चालाकी का मिश्रण है। फिल्म दर्शकों को हंसी, रोमांच और नॉस्टैल्जिया तीनों का अनुभव कराती है। मनोज बाजपेयी की इमेज, उनकी एक्टिंग और उनका मुंबई वाला अंदाज फिल्म को और भी यादगार बनाता है। यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर 5 सितंबर को रिलीज हो रही है।

