Aerial view of green hills and lake
jagmeru hills

Summary: जगमेरू हिल्स: मानसून में बसा बांसवाड़ा का हरा स्वर्ग

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थित जगमेरू हिल्स एक शांत और प्राकृतिक स्थल है, जो खासकर मानसून में हरे-भरे सौंदर्य से भर जाता है।

Jagmeru Hills: राजस्थान का बांसवाड़ा जिला यूं तो अपने हरे-भरे परिदृश्य और अधिक वर्षा के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन मानसून आते ही यह इलाका एक अद्भुत सौंदर्य में निखर उठता है। हर तरफ हरियाली की चादर बिछ जाती है, पेड़, पौधे, पत्ते, घास… मानो हर कण नया जीवन पा जाता हो। इसी हरे चेरापूंजी में बसी है एक कम प्रसिद्ध मगर बेहद रमणीय जगह – जगमेरू हिल्स। यह कोई शोरगुल वाला टूरिस्ट स्पॉट नहीं, बल्कि प्रकृति और शांति को महसूस करने की सजीव जगह है।

Jagmeru Hills landscape
jagmeru hills

जगमेरू हिल्स एक ऐसी जगह है जहां पहाड़ियों की गोद में बसी हरियाली मन को शांति देती है। मानसून के समय यह इलाका पूरी तरह हरे रंग में नहा जाता है। छोटे-छोटे जलाशयों का झिलमिलाता पानी, हवा में घुली मिट्टी की खुशबू, और पहाड़ी ढलानों पर फैली घास इस स्थान को स्वर्ग जैसा बना देती हैं। हालांकि यहां चढ़ाई का रास्ता थोड़ा कठिन है, लेकिन ऊपर पहुंचने पर जो दृश्य सामने आता है, वह किसी भी थकान को पल भर में मिटा देता है। यहां की सबसे खास बात है, प्रकृति के साथ एकांत का अनुभव। ऊंचाई पर बैठकर जब आप नीचे का हरियाला विस्तार देखते हैं, तो मन पूरी तरह शांत हो जाता है।

अगर आप इस जादुई स्थान की यात्रा का मन बना रहे हैं, तो जुलाई से सितंबर यानी मानसून के महीने सबसे उपयुक्त हैं। इस दौरान न केवल प्रकृति अपने सबसे सुंदर रूप में होती है, बल्कि मौसम भी बेहद सुहावना होता है। इसके अलावा अक्टूबर से जनवरी की सर्दियां भी इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं। सुबह-सुबह की ठंडी हवा और हल्की धूप के बीच यहां घूमने का अनुभव बेहद आनंददायक होता है।

Green hills and lake view
Green hills of jagmeru

जगमेरू हिल्स, बांसवाड़ा शहर से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह माही डेम रोड से सटा हुआ एक रास्ता है, जो मुख्य मार्ग से अलग एक शांत कोना है। यहां पहुंचने के लिए सड़क मार्ग तो उपलब्ध है, लेकिन सही दिशा में जाने के लिए स्थानीय मार्गदर्शन लेना बेहतर होता है क्योंकि कई बार गूगल मैप सटीक जानकारी नहीं देता।

हिल्स के शीर्ष पर स्थित हनुमान जी का एक मंदिर इस स्थान की धार्मिक महत्ता को भी दर्शाता है। यहां स्थानीय श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शन के लिए आते हैं। यह मंदिर ऊंचाई पर स्थित है, जिससे वहां से आसपास के प्राकृतिक दृश्य और भी मनोहारी दिखते हैं। यहां बैठकर भक्ति और प्रकृति दोनों का मिलाजुला अनुभव लिया जा सकता है।

यहां पहुंचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन रतलाम (85 किमी) है। हवाई यात्रा करने वालों के लिए उदयपुर (170.4 किमी) और इंदौर (224.6 किमी) नजदीकी एयरपोर्ट हैं। इसके अलावा बांसवाड़ा, डूंगरपुर, जयपुर और उदयपुर जैसे शहरों से यहां तक सड़क मार्ग के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

  • साथ में खाने-पीने का सामान और पानी जरूर रखें, क्योंकि रास्ते में सुविधाएं सीमित हैं।
  • कोई स्थानीय गाइड या जानकार व्यक्ति साथ हो तो बेहतर रहेगा, क्योंकि कुछ जगहों पर भाषा या दिशा की समस्या हो सकती है।
  • मोबाइल, चार्जर और पावर बैंक जरूर साथ रखें, क्योंकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है और नेटवर्क कमजोर हो सकता है।
  • गूगल मैप पर पूरी तरह निर्भर न रहें, रास्ते में स्थानीय लोगों से मार्ग पूछते रहें।

मैं एक बहुमुखी मीडिया पेशेवर हूं, जिसे कंटेंट लेखन में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। मेरा लक्ष्य ऐसी सामग्री पर ध्यान केंद्रित करना है जो सूचित, शिक्षित और प्रेरित करती है। चाहे लेख, ब्लॉग या मल्टीमीडिया सामग्री बनाना हो, मेरा लक्ष्य...