Bollywood Movies on Father Relationship: परिवार में पिता एक पिलर की तरह होता है जिसमें बच्चे पलते और बढ़ते है लेकिन पिता का प्यार जितना जरूरी है उसके साथ हीउनका थोड़ा गम्भीर होना भी बेहद जरूरी है तभी बच्चे सही मुकाम पर पहुंच पाते है। अब जब फादर्स डे आने वाला है तो क्यों कुछ ऐसी फिल्मों को भी देखा जाए जहां पिता को थोड़ा सख्त दिखाया गया है। तो क्यों न आप भी इस फादर्स डे पर इन 5 मूवी को ओटीटी पर देखें और फादर्स डे को सेलिब्रेट करें।
दिल धड़कने दो(2015)
यह एक पारिवारिक मूवी है जिसमें एक पिता एक उपर कहानी को दिखाया गई है। इस फिल्म मेहरा परिवार के उपर दिखाई गई है जिसमें अनिल कपूर किरदार कमल मेहरा का है जो एक अमीर और रौबदार पिता की तरह दिखाया गया है। वह अपने परिवार को अपने हिसाब से चलाने की कोशिश करता है। साथ ही उसकी बेटी ने अपनी मर्जी से शादी कर ली होती है। जिसके वह बिल्कुल खिलाफ होता है। साथ ही वह अपने बेटे के सपनों को भी नजरअंदाज कर देता है। लेकिन जब वह अपने परिवार के साथ एक क्रूज ट्पि पर जाता है तो अपनी गलतियों को को समझता है।
तारे जमीन पर (2007)
फिल्म में एक बच्चे के उपर पूरी कहानी दिखाई गई है यह बच्चा आठ साल का है साथ ही उसे डिस्लेक्सिया नामक बिमारी है। जिससे उसे कुछ भी सीखने पढ़ने में दिक्कत रहती है उसके पिता एक व्यस्त करोबारी है। और वह अपने बच्चे की परेशानी न समझकर उसे एक आलसी बच्चे की तरह समझते है लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि उनके बच्चे को कोई बीमारी है। तो वह परेशान हो जाते है और उसकी समस्याओं को समझता है।
उड़ान(2010)
फिल्म की कहानी एक किशोर रोहन की है, जो लेखक बनना चाहता है, लेकिन उसके पिता उसे इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने और उनकी फैक्ट्री में काम करने के लिए मजबूर करते हैं। रोहन अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपने पिता के खिलाफ विद्रोह करता है और अपने छोटे भाई के साथ घर से भाग जाता है। फिल्म पिता-पुत्र के रिश्ते, स्वतंत्रता और आत्म-खोज की यात्रा पर आधारित है
पटियाला हाउस(2011)
फिल्म की कहानी परगट सिंह कहलों (गट्टू) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पिता गुरतेज सिंह कहलों के द्वारा बनाए गए जीवन से दुखी है. गट्टू एक प्रतिभाशाली क्रिकेट खिलाड़ी है और इंग्लैंड के लिए खेलना चाहता है, लेकिन उसके पिता उसे ऐसा करने से मना कर देते हैं.
सीक्रेट सुपरस्टार(2017)
सीक्रेट सुपरस्टार की कहानी गुजरात में रहने वाली 15 साल की इंसिया की है, जो एक सफल गायिका बनने का सपना देखती है। उसका सपना उसकी माँ नजमा का समर्थन प्राप्त है, लेकिन पिता फारूख एक रूढ़िवादी व्यक्ति है जो अपनी बेटी के सपनों को नहीं मानता है। वह अपनी बेटी को गाने से मना करते हैं और उसे घरेलू कामों में लगाने की कोशिश करते हैं। लेकिन फिर भी इंसिया आगे जाकर अपना सपना इसलिए साकार कर पाती है क्योंकि उसके लिए अपने पापा को भी दिखाना है कि वह कुछ बन सकती है।





