Relationship Advice: देवरानी-जेठानी के रिश्ते से भला कौन वाकिफ नहीं होगा। यह रिश्ता ऐसा है कि देवरानी-जेठानी कभी एकदूसरे को प्रोत्साहित करते नज़र आती हैं, तो कभी छोटी सी बात पर एकदूसरे की दुश्मन बन जाती हैं। इस रिश्ते को निभाने और इसके बीच प्यार बनाए रखने के लिए देवरानी-जेठानी दोनों की ही बराबर की भागीदारी होती है। ऐसे में अगर किसी परिवार में वर्किंग देवरानी और घरेलू जेठानी हैं तो उन्हें अपने रिश्ते को बहुत ही समझदारी से संभालने की जरुरत होती है, क्योंकि दोनों की एक छोटी सी गलती से इस रिश्ते में दरार आने में देर नहीं लगती। आइए जानें की वर्किंग देवरानी और घरेलू जेठानी आपस में कैसे तालमेल बिठाएं।
एक-दूसरे के काम को छोटा ना समझें

देवरानी-जेठानी दोनों को ही यह बात अच्छे से समझनी होगी कि किसी का भी काम छोटा नहीं होता है और ना कोई किसी से कम है। अगर देवरानी वर्किंग है तो उन्हें कभी भी खुद पर घमंड नहीं करना चाहिए कि मैं तो वर्किंग हूँ, बाहर जाकर पैसे कमाती हूँ। मेरा अपनी जेठानी से कोई मुकाबला नहीं है। अगर आप अपने मन में इस तरह के विचार रखती हैं तो आप अपनी जेठानी के साथ कभी भी मजबूत रिश्ता नहीं बना पाएंगी। इसलिए कोशिश करें कि मन से नकारात्मक विचारों को निकाल कर अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के ऊपर ध्यान दें।
काम का बराबर बंटवारा करें

अगर देवरानी वर्किंग है तो इसका यह बिलकुल मतलब नहीं है कि घर के प्रति उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है और वे घर का कोई भी काम नहीं करेंगी। घर सबका है और घर में सभी रहते हैं तो घर के काम का बंटवारा भी बराबर ही होना चाहिए। यह ठीक है कि जेठानी घर में रहती हैं तो शायद उन्हें थोड़ा ज्यादा काम करना पड़े, लेकिन देवरानी को भी घर के काम में हाथ बंटाने में आनाकानी बिलकुल भी नहीं करना चाहिए, तभी आपका रिश्ता अच्छे से चल पाएगा। अगर देवरानी घर का कोई काम नहीं करेगी तो खटपट होना तय है।
पीठ पीछे बुराई करने से बचें

वर्किंग देवरानी और घरेलू जेठानी को कभी भी एकदूसरे के पीठ पीछे किसी भी तरह की कोई बुराई नहीं करनी चाहिए, क्योंकि अगर आप ऐसा करती हैं तो इसका मतलब है कि आप एकदूसरे से जलती हैं और दूसरों को भी मौका देती हैं कि वे आपके रिश्ते में घी डालने का काम करें, ताकि आपका रिश्ता कभी अच्छा ना बन सकें और आप दोनों ही मानसिक तनाव में जीते रहें।
एक-दूसरे को नया सीखने के लिए प्रोत्साहित करें

देवरानी-जेठानी के बीच सही तालमेल बिठाने के लिए जरूरी है कि वे एकदूसरे को प्रोत्साहित भी करें, ताकि उनका कॉन्फिडेंस बना रहे और वे एकदूसरे के साथ से कुछ नया सीख सकें और जीवन की चुनौतियों को आसानी से पार कर सकें। अगर आप आपस में ही एकदूसरे से जलन की भावना रखेंगी तो ना खुद नया कुछ सीख पाएंगी और ना ही एकदूसरे को नया सीखा पाएंगी। इसलिए जलन की भावना को दूर रखिए और एकदूसरे का साथ निभाइए।
