Govinda
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Govinda Downfall: यह 90 के दशक के अंत की बात है। करियर के चरम को एंजॉय कर रहे गोविंदा कॉमेडी के निर्विवाद किंग थे। उन्हें ‘कुली नं. 1’, ‘राजा बाबू’ और ‘दुल्हे राजा’ जैसी हिट फिल्मों के लिए जाना जाता था। 1999 में ‘बीवी नं. 1’ में लीड रोल के लिए गोविंदा पहली पसंद थे। यह फिल्म उनके साथ अक्सर काम करने वाले डेविड धवन ने लिखी थी। लेकिन गोविंदा ने यह रोल ठुकरा दिया था। वह भी इसलिए कि गोविंदा, सुष्मिता सेन के साथ काम नहीं करना चाहते थे। सुष्मिता को इस फिल्म में करिश्मा कपूर के साथ लीड रोल के रूप में कास्ट किया गया था। गोविंदा का यह निर्णय उनके करियर के लिए एक बड़ी भूल साबित हुआ।

यह रोल अंततः सलमान खान को मिला। रिलीज होते ही ‘बीवी नं. 1’ एक बड़ी व्यावसायिक सफलता बन गई। उस वक्त महज 12 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने वैश्विक स्तर पर 41.6 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की और इससे सलमान के करियर को काफी बढ़ावा मिला। वहीं, गोविंदा का करियर 1999 के बाद धीमा पड़ने लगा। हालांकि इसके बाद उन्होंने कुछ और हिट फिल्में दीं, लेकिन 2000 के दशक में उनकी ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असर नहीं छोड़ सकीं और उनका कभी चमकता सितारा धीरे-धीरे फीका पड़ने लगा। हालांकि जोड़ी नं. 1 (2001) और पार्टनर (2007) जैसी कुछ हिट्स मिलीं, लेकिन 2000 के दशक में उनकी ज़्यादातर फिल्में फ्लॉप रहीं या लोगों का ध्यान नहीं खींच सकीं। 2000 के दशक की शुरुआत में बॉलीवुड में नए तरह की फिल्में आने लगीं… ज्यादा मॉडर्न, मल्टीप्लेक्स-फ्रेंडली और यंग स्टार्स के साथ। गोविंदा की पुरानी स्टाइल की कॉमेडी और मसाला फिल्में अब उतनी लोकप्रिय नहीं रहीं। वापसी के लिए ‘पार्टनर’ जैसी फिल्मों से उन्होंने कोशिश की, लेकिन वो रफ्तार कायम नहीं रह सकी। उन्होंने कुछ समय के लिए राजनीति में भी कदम रखा, जिससे फिल्मों से और दूरी बन गई।

कहा जाता है कि ‘बीवी नं. 1’ का हिस्सा बनने से गोविंदा के इनकार ने उनके और डेविड धवन के रिश्ते को भी नुकसान पहुंचाया। दोनों ने साथ में करीब 17 सफल फिल्मों में काम किया था। तनाव तब और बढ़ गया जब 2009 में उनकी फिल्म ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ आई। गोविंदा ने बाद में दावा किया कि उन्होंने ‘चश्मे बद्दूर’ का आइडिया पेश किया था, लेकिन धवन ने उसमें ऋषि कपूर को कास्ट कर लिया। 2015 के एक इंटरव्यू में गोविंदा ने माना कि उन्होंने जानबूझकर निर्देशक से दूरी बना ली थी और पुष्टि की कि अनसुलझे मुद्दों ने उनकी लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को तोड़ दिया था। डेविड धवन ने नए दौर के साथ खुद को ढाल लिया। गोविंदा के बाद उन्होंने सलमान खान (बीवी नं. 1, मुझसे शादी करोगी) और अन्य सितारों के साथ सफल फिल्में बनाईं। 2010 के दशक में उन्होंने अपने बेटे वरुण धवन को मैं तेरा हीरो (2014) से लॉन्च कर फिर से इंडस्ट्री में अपनी पकड़ बनाई। उन्होंने जुड़वा 2 और कुली नं. 1 (रीमेक) जैसी हिट फिल्में भी वरुण के साथ दीं। हालांकि वो ’90 के दशक जैसी ऊंचाई पर दोबारा नहीं पहुंचे, लेकिन उन्होंने आम दर्शकों के लिए फिल्में बनाकर खुद को प्रासंगिक बनाए रखा।

ढाई दशक से पत्रकारिता में हैं। दैनिक भास्कर, नई दुनिया और जागरण में कई वर्षों तक काम किया। हर हफ्ते 'पहले दिन पहले शो' का अगर कोई रिकॉर्ड होता तो शायद इनके नाम होता। 2001 से अभी तक यह क्रम जारी है और विभिन्न प्लेटफॉर्म के लिए फिल्म समीक्षा...