Paresh Rawal Success Story: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता परेश रावल ने हर रोल से लोगों का दिल जीता है। चाहे वो विलेन का किरदार हो, मज़ेदार कॉमेडी हो या कोई इमोशनल सीन, उन्होंने हर रोल को बख़ूबी निभाया और लोगों को हंसाया भी और रुलाया भी। उनकी एक्टिंग को सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बहुत पसंद किया जाता है। आज परेश रावल एक बड़ा नाम हैं, लेकिन उनकी शुरुआत आसान नहीं थी। अपने करियर के शुरू में उन्हें बहुत स्ट्रगल करना पड़ा। हालात इतने मुश्किल थे कि उन्हें खर्च चलाने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड से पैसे उधार लेने पड़ते थे। इस बारे में उन्होंने खुद अनुपम खेर के शो में बताया था। आइए जानते हैं उन्होंने उस शो में क्या कहा।
नौकरी छोड़ने का फैसला
‘द अनुपम खेर शो’ में परेश रावल ने अपने करियर के शुरुआती दिनों के संघर्षों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में पॉकेट मनी जैसी कोई चीज़ नहीं थी। यानी उन्हें अपनी निजी जरूरतों के लिए पैसे नहीं मिलते थे। इसलिए उन्होंने खुद की जरूरतें पूरी करने के लिए एक नौकरी करने का फैसला लिया। उन्हें बैंक ऑफ बड़ौदा में करीब 1.5 महीने के लिए नौकरी मिल गई। लेकिन परेश रावल को ऑफिस का माहौल पसंद नहीं आया तो सिर्फ तीन दिन में ही नौकरी छोड़ दी।
खर्चा चलाने के लिए गर्लफ्रेंड से लेते थे पैसे
शो में आगे परेश रावल ने बताया कि नौकरी छोड़ने के बाद परेश रावल के पास कमाई का कोई साधन नहीं था। उस समय उनकी ज़िंदगी में जो इंसान उनके साथ मजबूती से खड़ा रहा, वह थीं उनकी गर्लफ्रेंड स्वरूप संपत। जब परेश के पास पैसे नहीं होते थे, तो वे स्वरूप से मदद लेते थे। उन्होंने बताया कि स्वरूप ने बुरे वक्त में उनका पूरा साथ दिया। इस सच्चे रिश्ते और भरोसे को आगे बढ़ाते हुए परेश रावल और स्वरूप संपत ने साल 1987 में शादी कर ली। परेश रावल ने माना कि उनकी ज़िंदगी की सफलता में स्वरूप का बड़ा हाथ है।
परेश रावल ने कॉमेडी में भी धमाल मचाया
शादी के बाद परेश रावल ने अपने करियर पर पूरा ध्यान देना शुरू किया और फिल्मों में लगातार काम करते रहे। शुरुआत में उन्हें ज़्यादातर विलेन के किरदार ही मिलते थे, जिनमें भी उन्होंने शानदार अभिनय किया। लेकिन उनकी ज़िंदगी में असली मोड़ तब आया जब 1994 में फिल्म अंदाज़ अपना अपना रिलीज़ हुई। इस फिल्म में परेश रावल ने डबल रोल निभाया था। इनमें से एक किरदार कॉमेडी से भरपूर था, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। बस फिर क्या था, यहीं से परेश रावल की कॉमेडी किंग बनने की शुरुआत हो गई।
बाबूराव के रोल में परेश रावल

अगर परेश रावल को किसी एक किरदार से सबसे ज़्यादा याद किया जाता है, तो वह है ‘हेरा फेरी’ सीरीज़ के बाबूराव गणपतराव आप्टे का किरदार। साल 2000 में रिलीज़ हुई फिल्म हेरा फेरी में उन्होंने इस किरदार को इतनी मज़ेदार अंदाज़ में निभाया कि बाबूराव लोगों के दिलों में बस गया।आज भी जब बाबूराव का नाम आता है, तो फैंस के दिमाग में सबसे पहले परेश रावल का चेहरा और उनकी आवाज़ गूंजती है। इस ज़बरदस्त सफलता के बाद उन्होंने 2006 में आई फिल्म फिर हेरा फेरी में भी इसी किरदार को दोहराया थी।
