Travel Insurance Mistakes: जब बात विदेश यात्रा की हो या देश के भीतर लंबी दूरी तय करने की तो ट्रैवल इंश्योरेंस एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच की तरह होता है। फिर भी भारत के बहुत से यात्री इस ज़रूरी पहलू को नज़रअंदाज़ कर देते हैं या इससे जुड़ी गलतियाँ कर बैठते हैं जो आपात स्थिति में भारी नुकसान का कारण बन सकती हैं। यहाँ हम ऐसी पाँच आम गलतियों पर चर्चा कर रहे हैं जो भारतीय यात्री ट्रैवल इंश्योरेंस लेते समय अक्सर करते हैं।
इंश्योरेंस को सिर्फ औपचारिकता समझना

बहुत से भारतीय यात्री केवल वीज़ा आवेदन की औपचारिकता पूरी करने के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस खरीदते हैं। वे इसे सिर्फ एक कागज़ी औपचारिकता समझते हैं और बीमा की शर्तों, कवरेज, क्लेम प्रोसेस आदि की जानकारी लेने की ज़रूरत नहीं समझते। नतीजा यह होता है कि जब वास्तव में कोई मेडिकल इमरजेंसी या यात्रा से जुड़ी समस्या आती है तो उन्हें ये एहसास होता है कि उनका बीमा तो उस स्थिति को कवर ही नहीं करता।
सस्ती पॉलिसी चुनना, बिना कवरेज देखे
अक्सर यात्री सबसे सस्ती बीमा पॉलिसी चुनते हैं। यह सोचकर कि शायद ज़रूरत ही न पड़े। लेकिन कई बार इन सस्ती योजनाओं में जरूरी कवरेज जैसे मेडिकल इमरजेंसी, फ्लाइट कैंसिलेशन, या सामान गुम होने की सुरक्षा नहीं होती। बीमा लेते समय सिर्फ कीमत नहीं कवरेज की व्यापकता भी देखना ज़रूरी है। ऐसा करने से कई बार हम भारी नुक़सान से बच जाते हैं।
पूर्व-स्थित मेडिकल कंडीशन छिपाना

कुछ यात्री बीमा कंपनियों से अपनी मौजूदा स्वास्थ्य समस्याओं को छिपा लेते हैं यह सोचकर कि इससे प्रीमियम ज़्यादा हो जाएगा। लेकिन क्लेम के समय यदि यह पता चलता है कि बीमारी पहले से थी और उसका खुलासा नहीं किया गया था तो कंपनी क्लेम रिजेक्ट कर सकती है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि ज़रूरत के समय इलाज में भी देरी हो सकती है।
ट्रैवल डेट्स की जानकारी न देना
अगर आपने यात्रा की तारीखों या गंतव्य में कोई बदलाव किया है और इंश्योरेंस कंपनी को इसकी जानकारी नहीं दी है तो वह आपकी स्थिति को कवर न करने का निर्णय ले सकती है। जैसे मान लीजिए आपने यूरोप के लिए बीमा लिया और अचानक ट्रिप में मिडल ईस्ट भी जोड़ दिया। ऐसे में नया देश बीमा में शामिल न होने के कारण समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
बीमा दस्तावेज़ साथ न रखना

आपातकालीन स्थिति में बीमा पॉलिसी का नंबर, हेल्पलाइन और क्लेम प्रक्रिया की जानकारी तुरंत चाहिए होती है। बहुत से यात्री इन दस्तावेजों को घर पर ही छोड़ देते हैं या ईमेल में कहीं खो देते हैं। इससे समय पर सहायता नहीं मिल पाती। बेहतर है कि पॉलिसी की एक डिजिटल और एक प्रिंट कॉपी हमेशा साथ रखें। इससे किसी तरह की समस्या की स्थिति में आसानी से निपटा जा सकता है।
कुछ महत्वपूर्ण सुझाव
ट्रैवल इंश्योरेंस केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि आपकी सुरक्षा का एक अहम हिस्सा है। थोड़ी सी सतर्कता और सही जानकारी से आप इन आम गलतियों से बच सकते हैं। अगली बार जब आप यात्रा की योजना बनाएं तो ट्रैवल इंश्योरेंस को भी उतनी ही गंभीरता से लें जितनी वीज़ा या टिकट बुकिंग को लेते हैं।
