Ayurvedic Diet: वर्तमान में मोटापा, थायराइड, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज एक गंभीर समस्या बन चुकी है। गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण इन समस्याओं का खतरा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में डाइट का सही तरीके से पालन करने से पाचन तंत्र को साफ और रीसेट किया जा सकता है। गट हेल्थ से संबंधित तमाम बीमारियों को आयुर्वेदिक डाइट की मदद से कम करने में मदद मिल सकती है। ये डाइट मूल रूप से मानव शरीर के भीतर के दोषों और ऊर्जा के सिद्धांत पर आधारित होती है जो ओवरऑल हेल्थ में सुधार कर बीमारियों की संभावना को कम करती है। इस डाइट को लेने से पहले इसके बारे में सही जानकारी होना बेहद आवश्यक है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।
क्या है आयुर्वेदिक डाइट

ये डाइट हजारों वर्षों से प्रचलित आयुर्वेदिक जीवनशैली का हिस्सा है जो शरीर को स्वस्थ्य और निरोगी रखने में मदद करता है। इस डाइट का मुख्य उद्देश्य शारीरिक ऊर्जा को बेहतर बनाकर उसे संतुलित करना है। आयुर्वेदिक डाइट को प्रत्येक व्यकित की शारीरिक संरचना और रोग के अनुसार तय किया जाता है। इसमें प्राकृतिक चीजों को शामिल किया जाता है ताकि साइड इफेक्ट्स से बचा जा सके।
आयुर्वेदिक डाइट के फायदे
– मोटापा कम करे
– तनाव और चिंता कम करने में मदद करे
– गट हेल्थ को दुरुस्त बनाए
– ग्लूटन फ्री डाइट
– अवसाद से छुटकारा
– क्रेविंग को करे दूर
– गंभीर बीमारी के जोखिम को कम करे
आयुर्वेदिक डाइट में किन चीजों को करें शामिल
फल: केला, स्ट्रॉबेरी, आम, आलू बुखारा, प्लम और ग्रेपफ्रूट
सब्जियां: जड़ वाली सब्जियां जैसे चुकंदर, गाजर, शकरकंद और मूली
अनाज: ओट्स, चावल, दालें, छोले, राजमा, बीन्स
प्रोटीन: टोफू, पोलेट्री और सीफूड
आयुर्वेदिक डाइट से इन चीजों को करें डिलीट
– ड्रायफ्रूट्स
– टमाटर, आलू, मशरूम और कच्ची सब्जियां
– गेंहू, कुट्टू, मिलेट, कॉर्न और किनुआ
– रेड मीट
– मैदा
– शक्कर
आयुर्वेदिक डाइट प्लान

सुबह की शुरुआत: जीरा वॉटर, दालचीनी का पानी, नींबू पानी और मैथी का पानी
ब्रेकफास्ट: ओटमील, पैनकेक, दलिया, फ्रूट स्मूदी, ग्लूटन फ्री ब्रेड सैंडविच, सॉटेड वेजिटेबल और एक कटोरी दही (इनमें से कोई एक ऑप्शन चुन सकते हैं)
लंच: रागी या जौ के आटे की रोटी-सब्जी, दाल-चावल, मूंग दाल खिचड़ी, ब्राउन राइस-स्टर फ्राई वेजिटेबल, छोले-चावल या राजमा-चावल, एक कटोरी सलाद (इनमें से कोई एक ऑप्शन चुन सकते हैं)
ईवनिंग स्नैक्स: ग्रीन टी, मखाना, मूंगफली, सलाद या भेल (किसी एक ऑप्शन का चुनाव कर सकते हैं)
डिनर: उबले हुए राजमा या चने का सलाद, रोटी-सब्जी, वेजिटेबल सूप, स्टीम राइस-ग्रीन करी, खिचड़ी, स्टर फ्राई वेजिटेबल, सलाद (इनमें से कोई एक ऑप्शन चुन सकते हैं)
आयुर्वेदिक डाइट में इन चीजों का रखें ख्याल
– बेमौसमी सब्जियों और फलों का न करें इस्तेमाल
– बिना भूख के खाना खाने से बचें।
– दुखी और अशांत मन से भोजन न करें।
– त्रिफला पाउडर को शहद के साथ लेने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है।
– डाइट के अलावा रेस्ट पर दें ध्यान।
– डाइट फॉलो करने से पहले इसके फायदे और नुकसान के बारे में जान लें।
– आयुर्वेदिक डाइट को कम से कम 6 महीने तक करें फॉलो।
– अधिक तेल चिकनाई युक्त खाने से बचें।
– पर्याप्त मात्रा में पानी का करें सेवन।
– डाइट में अधिक फल और सब्जियों को करें शामिल।
