Overview:
नारी ही नारायणी है। वह जो चाहे हासिल कर सकती है। वह शक्ति भी है और ज्ञान भी। वह सबला है और सशक्त भी। महिलाओं ने दुनियाभर को बता दिया है कि वे जो चाहें वो हासिल कर सकती हैं।
Women’s Day Special: नारी ही नारायणी है। वह जो चाहे हासिल कर सकती है। वह शक्ति भी है और ज्ञान भी। वह सबला है और सशक्त भी। 8 मार्च वूमन्स डे के मौके पर हम आपको मिला रहे हैं समाज की ऐसी ही महिलाओं से, जिन्होंने अपनी राह खुद चुनी। इन महिलाओं ने दुनियाभर को बता दिया है कि वे जो चाहें वो हासिल कर सकती हैं। वह पुरुषों के एकाधिकार को तोड़ भी सकती हैं और उम्र को पछाड़ना भी जानती हैं।
आकांक्षा विश्नोई: ब्यूटी इंडस्ट्री में लाई क्रांति
27 साल की आकांक्षा विश्नोई अपने स्टार्टअप ‘यस मैडम’ से ब्यूटी इंडस्ट्री में नई क्रांति लाई हैं। वह ‘यस मैडम’ की सह संस्थापक हैं। एक छोटे से स्टार्टअप से आज आकांक्षा ने देशभर में अपनी नई पहचान बना ली है। यस मैडम महिलाओं को घर में ही सैलून सर्विस देती हैं। साल 2016 में शुरू हुआ यह यह स्टार्टअप आज देशभर में 50 से ज्यादा शहरों में अपनी सर्विस दे रहा है। 2 मिलियन से ज्यादा महिलाएं इनकी कस्टमर हैं। अपनी नई सोच और दूरदर्शिता से आकांक्षा 3000 से ज्यादा महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं। यस मैडम ब्यूटी सर्विस के साथ ही पीरियड केयर मसाज जैसी कई अलग सेवाएं भी कस्टमर्स को देता है।
मीनाक्षी मेनन : बुजुर्गों की ‘दोस्त’ जेनएस लाइफ
मीनाक्षी मेनन उन लोगों के लिए एक उदाहरण हैं, जो उम्र के आगे सपनों को भूल जाते हैं। 60 साल की मीनाक्षी मेनन ‘जेनएस लाइफ’ की संस्थापक हैं। यह एक ऐसी ऐप है जो बुजुर्गों के लिए बनी है। उनका यह कदम समाज की रूढ़िवादिता को तोड़ता है। साथ ही एक स्वतंत्र सोच को समाज तक पहुंचाता है कि उम्र सिर्फ नंबर है। जेनएस लाइफ अपने बुजुर्ग मैंबर्स को हेल्थ, वेलनेस, फाइनेंस, ट्रेवल, सिक्योरिटी और सबसे हम ‘दोस्त’ की मदद देता है। ऐप को ऐसे डिजाइन किया गया है कि यह बुजुर्गों को समाज से जोड़ने में मदद करती है। यह सैंडविच जनरेशन की मददगार भी है। कंपनी बुजुर्ग पेरेंट्स की देखभाल करने में लोगों की मदद करती है। बुजुर्ग होने पर जब मीनाक्षी ने खुद कई समस्याओं का सामना किया, तब उन्होंने साल 2023 में ‘जेनएस लाइफ’ की स्थापना की। आज वह अपने उद्देश्य में सफल भी हो रही हैं।
रुचिका भगत : फाइनेंस की दुनिया में पहचान
फाइनेंस के क्षेत्र में रुचिका भगत ने अपनी अलग जगह बनाई है। वह ‘नीरज भगत एंड कंपनी’ की प्रबंध निदेशक हैं। इस कंपनी की स्थापना नीरज भगत ने साल 1997 में की थी। कंपनी भारत सहित दुनियाभर के कई बड़े देशों में वित्तीय परामर्श देती है। पेशे से सीएम रुचिका ने इस कंपनी को आगे बढ़ाने में नीरज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सफलता का सफर तय किया है। रुचिका बिजेनस एडवाइजरी, टेक्स रेगुलेशन और रिस्क एडवाइजरी में माहिर हैं। इसी के साथ वह विदेशी कंपनियों को भारत में व्यवसाय स्थापित करने में सलाहकार का अहम रोल निभाती हैं। आज उनकी कंपनी यूके, यूएसए, इटली, चीन, कोरिया, यूएसए, यूके, जापान, इजराइल जैसे बड़े देशों की कंपनियों के साथ काम कर रही है।
जोइता सेन : ज्वेलरी में एक्सपेरिमेंट
परंपरागत ज्वेलरी मार्केट में अपनी नई सोच और दृष्टिकोण से जोइता सेन ने नाम कमाया है। वह सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स की निदेशक और मार्केटिंग एवं डिजाइन प्रमुख हैं। जोइता ने बदलते ज्वेलरी मार्केट और लोगों की पसंद को समझा और उसके अनुसार अपनी ज्वेलरी डिजाइन में बदलाव किए। साल 2009 में उन्होंने ‘गोसिप’ नाम से सिल्वर और लाइफस्टाइल सेगमेंट की शुरुआत की। इस ‘न्यू एज ज्वेलरी’ को लोगों का भरपूर प्यार मिला। यंग गल्र्स के लिए उन्होंने डायमंड ज्वेलरी डिजाइन में कई बदलाव किए। अपने इन्हीं नवाचारों के कारण सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स को नई पहचान मिली। जोइता समय समय पर महिला सशक्तिकरण और एलजीबीटीक्यू के लिए भी काम करती हैं।
चैत्रा वेदुल्लापल्ली : डिजिटल क्रांति का आसमान
चैत्रा वेदुल्लापल्ली एक ऐसी प्रभावशाली बिजनेस लीडर हैं, जिन्होंने देश में ही नहीं विदेशों में भी अपनी धाक जमाई है।वह ‘वीमेन इन क्लाउड’ की सह-संस्थापक हैं। साथ ही ‘मेलह’ की सह-संस्थापक और सीएमओ भी हैं। इसी के साथ वह कई कंपनियों के बोर्ड में शामिल हैं। उनकी कंपनी व्यवसायों के डिजिटलीकरण, आधुनिकीकरण और क्लाउड समाधानों में मदद करती है। अपने बिजी शेड्यूल में से भी चैत्रा अपने शौक के लिए समय निकाल लेती हैं। वह एक सफल लेखक, प्रखर वक्ता और चेंज लीडर हैं। चैत्रा संयुक्त राष्ट्र की वक्ता के रूप में भी जानी जाती हैं। उनका मानना है कि हम एक साथ मिलकर आगे बढ़ सकते हैं।
मेघना अग्रवाल : कार्मिशियल रियल एस्टेट क्वीन
पुरुषों के वर्चस्व वाले कार्मिशियल रियल एस्टेट क्षेत्र में मेघना अग्रवाल ने सफलता की नई इमारत खड़ी की है। वह ‘इंडीक्यूब’ की सह-संस्थापक हैं। मेघना ने रियल एस्टेट बिजनेस का सफर मात्र 25 साल की कम उम्र से शुरू कर दिया। हाइब्रिड वर्कस्पेस डिजाइन करना इंडीक्यूब की खासियत है। यह मेघना का ही विजन था कि कंपनी ने ई कॉमर्स साइट मिंत्रा, अपगार्ड, जिरोधा और सीमन्स जैसे बड़ी कंपनियों के लिए वर्कस्पेस बनाए। पिछले नौ साल में मेघना की कंपनी ने 13 शहरों में 100 से ज्यादा प्रॉपर्टी बनाई हैं। जिनमें करीब 7.7 मिलियन वर्ग फुट एरिया का निर्माण किया गया। फाइनेंशियल ईयर 2024 में कंपनी ने 867.6 करोड़ रुपये की आय की।
स्नेहा देसाई: लापता लेडीज से पहचान
स्नेहा देसाई आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। वह ऑस्कर-नामांकित फिल्म ‘लापता लेडीज’ की कहानीकार हैं। एक बेहतरीन लेखिका होने के साथ ही स्नेहा नाटककार और गीतकार भी हैं। वह थिएटर, टेलीविजन और फिल्मों में अपनी प्रतिभा को कई बार साबित कर चुकी हैं। मनोरंजन की दुनिया में दो दशकों से ज्यादा समय बिताने वाली स्नेहा कई सफल टीवी शो, अवार्ड विनिंग नाटकों और बड़ी फिल्मों के लिए संवाद लिख चुकी हैं। साल 2024 में रिलीज हुई फिल्म ‘लापता लेडीज’ को स्नेहा ने इस खूबसूरती और सरलता से लिखा कि यह सभी के दिल की छू गई। फिल्म ने कई नेशनल और इंटरनेशनल अवार्ड अपने नाम किए। यशराज फिल्म्स की हिट फिल्म ‘महाराज’ में भी स्नेहा ने अपने लेखन को साबित किया।
जया साहा : प्रतिभाओं को बनाती हैं ब्रांड
खुद पर आत्मविश्वास रखें, निडर रहें और आगे बढ़ें। सफलता का यही गुरुमंत्र फॉलो करती हैं कलेक्टिव आर्टिस्ट नेटवर्क की को-फाउंडर और टैलेंट हेड जया साहा। जया ने मनोरंजन की दुनिया में अपनी अलग जगह बनाई है। प्रतिभाओं को खोजने से लेकर उन्हें पहचान दिलाने तक, जया हर चुनौती का सामना करती हैं। जया वो शख्स हैं जो सही मार्गदर्शन देकर प्रतिभाओं को ब्रांड बनने में मदद करती हैं। हालांकि इस पुरुष प्रधान क्षेत्र में अपनी जगह बनाना जया के लिए आसान नहीं था। लेकिन उन्होंने अपने आपको हर परिस्थिति के लिए तैयार किया। लोगों का विश्वास जीता। दोगुनी मेहनत की और सफल होकर दिखाया। जया मानती हैं कि सफलता के लिए खुद को अपडेट रखना और लचीला बनाना बहुत जरूरी है।
