जिद होनी चाहिए कुछ हासिल करने, अनुभा भारद्वाज की कहानी है ऐसे ही जज्बे और जुनून से भरी हुई: International Women's Day
फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाने और उसे ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उन्होंने मजबूत इरादे के साथ कई परेशानियों का सामना करते हुए पढ़ाई से समझौता नहीं किया।
International Women’s Day: जज्बा और जुनून हो तो कोई भी चीज़ असंभव नहीं है। यह बात साबित कर दिखाई है झारखंड की रहने वाली अनुभा भारद्वाज ने। चुनौतियों से बिना घबराए महिलाएं कैसे आगे बढ़ सकती हैं और अपना सपना पूरा कर सकती है, इसका बेहतरीन उदाहरण है अनुभा। अनुभा गालाघर एंड मोहन में रियर एस्टेट फाइनेंशियल एनालिस्ट के रूप में काम कर रही हैं। अगर आपको लगता है कि फाइनेंस में करियर बनाना उनके लिए आसान राह थी, तो ऐसा नहीं हैं। फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाने और उसे ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उन्होंने मजबूत इरादे के साथ कई परेशानियों का सामना करते हुए पढ़ाई से समझौता नहीं किया।
अनुभा ने अपनी यात्रा फाइनेंस से शुरू नहीं की थी। वे विज्ञान से थी, फिर वे मैनेजमेंट में आ गई, उन्होंने सीएसआर कन्सलटेन्ट की तरह भी काम किया। लेकिन उनका झुकाव फाइनेंस की तरफ हमेशा से था। फिर उन्होंने ऐड-टेक प्लेटफॉर्म हीरो वायर्ड से फाइनेंस का कोर्स किया।
समय से पहले डिलीवरी की जटिलताओं से घबराई नहीं
हीरो वायर्ड फाइनेंस कोर्स पूरा करने का उनका दृढ़ संकल्प ऐसा था कि वे कई चुनौतियों का सामना करती गई। पांच महीने की गर्भावस्था में बावजूद वे कोर्स पूरा करने में लगी रही। समय से पहले डिलीवरी ने उनके जीवन में उथल-पुथल मचा दी। कई चिकित्सा से जुड़ी परेशानियों के बाद भी वे रूकी नहीं और आगे बढ़ती गई।

आत्मनिर्भर और महत्वाकांक्षी अनुभा ने बच्चे के जन्म लेने तक अपनी गर्भावस्था के बारे में खुलासा नहीं किया था। सर्जरी के बाद चिकित्सकों की मदद से वह सामान्य स्थिति में आई और अपस्किलिंग की ये यात्रा जारी रखी। अपने परिस्थितियों का बहाना उन्होंने कभी नहीं बनाया, तभी तो आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने केवल दो क्लासेस ही अब तक छोड़ी थी। डिलीवरी और उसके अगले दिन ही उन्होंने ब्रेक लिया था। यह जज्बा और जुनून नहीं तो क्या है?
कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से उन्होंने अपने भविष्य को नया आयाम दे दिया। वे इसका श्रेय ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए कोर्स ऑफर करने वाले हीरो वायर्ड कंपनी को भी देती है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर गृहलक्ष्मी से अपनी यात्रा से जुड़े अनुभव साझा किए।
खुद पर है गर्व
अनुभा के मुताबिक एक महिला होने के नाते मैं अपने करियर की यात्रा से बेहद संतुष्ट हूं, हालांकि मैं जानती हूं मुझे अभी बहुत आगे जाना है। मेरे लिए सबसे ज़्यादा गर्व का समय था जब मुझे टीआईएसएस मुंबई में सोशल एंटरेप्रेन्योरशिप में मास्टर्स प्रोग्राम में एडमिशन मिला। इस प्रोग्राम के लिए हज़ारों छात्रों में से मात्र 30 लोगों को एडमिशन मिलता है। मैं विज्ञान से हूं, मेरे लिए यह एक नई उपलब्धि थी और नई संभावनाओं का रास्ता था।
और तब एक उद्यमी के रूप में मेरी यात्रा की शुरूआत हुई। अपना कारोबार करना, फाइनेंस एवं इन्वेस्टमेन्ट में अडवाइज़री सर्विसेज़ उपलब्ध कराना बेहतरीन अनुभव था। इस उद्यम में मैं अपने पार्टनर के साथ काम करती हूं, हालांकि मां बनने के बाद मैं थोड़ा पीछे हो गई। लेकिन आज भी मैं अपने काम में बहुत सक्रिय हूं। इसमें तालमेल बनाना पड़ता है, मैं अपने क्लाइंट्स के जीवन में बदलाव ला रही हूं, यही वे पहलू हैं जो मुझे प्रेरणा देते हैं और हर दिन सर्वश्रेष्ठ करने के लिए प्रेरित करते हैं।
पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में ऐसे बैठाती हैं तालमेल
पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन के बीच तालमेल बनाना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन मैंने इसे सीख लिया है। मैं टाइम मैनेजमेंट एक्सपर्ट हो गई हूं। हालांकि एक महिला होने के नाते आपको कई ज़िम्मेदारियां एक साथ संभालनी पड़ती हैं।
अपने रूटीन की बात करूं तो मैं नाइट शिफ्ट में काम करती हूं, शाम को 7ः30 बजे से सुबह 3ः30 बजे तक मेरा काम चलता है। मेरा काम 9 से 5 वाला नहीं है, लेकिन मेरे लिए कारगर है। मैंने सीख लिया है कि अपने बेबी के साथ तालमेल बनाते हुए मुझे कब काम करना है और कब आराम। आराम के लिए ये छोटे से ब्रेक मुझे रीचार्ज कर देते हैं और मैं नई एनर्जी के साथ अपने काम और जीवन के बीच तालमेल बना पाती हूं।
इसके लिए मुझे योजना बनाकर काम करना होता है। मैं अपने बेबी के रूटीन को ध्यान में रखते हुए अपनी दिनचर्या बनाती हूं। मैं तय करती हूं कि सब कुछ पहले से सेट हो। योजना बनाकर आप अपने काम और परिवार के बीच तालमेल बना सकते हैं।
मैं अन्य महिलाओं को भी यही सलाह दूंगी जो मेरे जैसी चुनौतियों से जूझ रही हैं। मल्टीटास्किंग अपनाएं, अपनी देखभाल करें, और जब भी ज़रूरत हो अपने सपोर्ट सिस्टम की मदद लेने से न हिचकिचाएं। भरोसा रखें कि मजबूत इरादे के साथ आप कुछ भी हासिल कर सकती हैं।
सफलता या असफलताओं से मिली ये सीख
अनुभा के मुताबिक निश्चित रूप से सफलता मिलने पर आप बहुत अच्छा महसूस करते हैं, लेकिन असफलताएं भी हमें बहुत कुछ सिखाती हैं। वे कहती हैं, ‘मुझे असफलता से कोई शर्म महसूस नहीं होती। इसके बजाए, मैं यह समझने की कोशिश करती हूं कि गलती कहां हुई। मुझे लगता है कि हर चीज़ को समझने में समय लगता है, आपको इससे जुड़े हर पहलु को समझना होता है। यह हमेशा आसान नहीं होता, खासतौर पर अगर आप असफलता से निराश महसूस हो रहे हैं। जब आप असफलता से जीतना सीख जाते हैं, तब आप निश्चित रूप से आगे बढ़ सकते हैं। यही सोच मेरे डीएनए में शामिल हो गई है। आपको बस सीखना है, आगे बढ़ना है और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना है।’
सकारात्मक रहने के लिए अपनाती हैं ये रणनीतियां
मुश्किल समय में, मैं अपने आप को सकारात्मक रखती हूं। ऐसी स्थिति में अपने आप को कूल रखिए, यह हमेशा आसान नहीं होता, आपको अपनी प्राथमिकता तय करनी होती हैं। कई बार ऐसे पल आते हैं जब आप डर महसूस करते हैं। आपको स्थिति की वास्तविकता और संभावी परिणामों को समझना होता है। मैंने डर की इन्हीं परिस्थितियों का सामना करना सीख लिया है। जब मैं इस सोच के साथ चुनौती का सामना करती हूं, तो मैं निश्चित रूप से चीज़ों को बेहतर कर पाती हूं।
लीडरशिप में आगे आएं
लीडरशिप की बात करूं, मेरा मानना है कि महिलाओं में विशेष क्षमताएं होती हैं। ज़्यादातर महिलाओं में मल्टीटास्किंग की क्षमता होती है। आपने अक्सर देखा होगा कि महिलाएं बहुत सारी चीज़ों को एक साथ करते हुए भी सभी काम अच्छी तरह पूरे कर लेती हैं। इन सब के बीच प्रभावी लीडरशिप के लिए आपको और भी बहुत कुछ चाहिए, आपके पास सहानुभूति, कम्युनिकेशन और आपसी सहयोग के स्किल्स होने चाहिए।
युवा लड़कियों को सलाह
मैं फाइनेंशियल सेक्टर के साथ जुड़ी हूं, मैं अन्य युवा महिलाओं को भी इस डायनामिक फील्ड में आने की सलाह दूंगी। सबसे पहले इस बात पर ध्यान दें कि आप क्या करना चाहती हैं। मेरा मानना है कि सफलता हासिल करने के लिए लगातार सीखना ज़रूरी है। इसलिए आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले अपने आप में निवेश करें। ऑनलाईन कोर्सेज़ आपकी अपस्किलिंग में कारगर हो सकते हैं, लेकिन सोच समझ कर चुनें। ऐसा कोर्स चुनें जो आपके लक्ष्यों को पूरा कर सके।
जीवन का मूल मंत्र
मैं अपने जीवन की एक खास बात बताती हूं, जो मेरे लिए बहुत ज़्यादा मायने रखता है। किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए धैर्य, भरोसा और आत्मविश्वास रखना ज़रूरी है।
मैंने अपने जीवन में यही छोटा सा नियम अपनाया है- तनाव हमारे नियन्त्रण में नहीं है। लेकिन हम अपनी एनर्जी का इस्तेमाल सोच-समझ कर कर सकते हैं। शांत रहिए ,स्पष्ट रहिए, उत्पादकता पर ध्यान दीजिए। इन मंत्रों और सकारात्मक सोच के साथ आप जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं। सकारात्मक सोच और उम्मीद के साथ अपने जीवन की सभी चुनौतियों का सामना कीजिए। भरोसे के साथ आगे बढ़ते रहिए।
