fifty shades freed novel in Hindi
fifty shades freed novel in Hindi

fifty shades freed novel in Hindi: मैंने अपने गहरी नींद में सोए पति के मैसेज को देखा। वह कल रात डेढ़ बजे तक उसके साथ ड्रिंक ले रहा था। वह किसी मदहोश की तरह गहरे खर्राटे भर रहा है। कह सकते हैं कि वह शांति से सो रहा है।

मैं वहीं पास वाली कुर्सी पर बैठ गई। मेरे साथ धोखा किया गया है। उसने तो कहा था कि वह उससे कभी नहीं मिलेगा। मारे गुस्से के आंसू टपकने लगे। माना कि वह इस खबर से दहल गया है। डरने लगा है पर क्या वह तसल्ली पाने के लिए उसके पास जाएगा? मैंने कुर्सी पर घुटने समेट लिए और धीरे-धीरे झूलते हुए रोने लगी।

मैं उम्मीद भी क्या कर सकती हूं। मैंने कितनी जल्दीबाजी में इस आदमी से शादी कर ली। मैं जानती थी, मैं जानती थी कि मेरे साथ ऐसा ही होगा। क्यों? क्यों? क्यों? वह मेरे साथ ऐसा क्यों कर सका? वह जानता है कि उस औरत के लिए मेरे मन में क्या भाव हैं? वह उसकी ओर वापिस कैसे गया? सवालों के तीखे चाकू सारी रात मुझ पर वार करते रहे।

मैं यकीन नहीं कर सकती कि यह वही आदमी है जिसने मेरा जन्मदिन मनाया था। वह मेरे साथ दो कदम आगे चलता है और तीन कदम पीछे हो जाता है। इसके बाद हम इंच दर इंच सरकने लगते हैं। क्या मैं कभी इस छल से उबर सकूंगी… पिछले दिनों उसने जो बर्ताव किया…उसे देखकर लगता था कि जिंदगी से कोई शिकायत ही नहीं रही पर अब…ओह!

कहां गया वह विश्वास और प्यार!!!

मैंने अपने पेट पर हाथ फेरा। अब सिर्फ मेरा सवाल नहीं रहा। मेरे साथ मेरा बच्चा भी है।

मुझे समझ नहीं आता कि मैं अपने पति का क्या करूं। वह उस औरत के पास क्या करने गया था। उसे यहां से क्या नहीं मिलता जिसे वह उसके पास लेने गया था।

मैंने उस मैसेज को देखा और एक योजना बना ली। गहरी सांस ली और उसे अपने फोन में फॉरवर्ड कर दिया। उसके सारे मैसेज देख कर पता लगा कि पिछला कोई मैसेज नहीं था। मुझे चैन आया।

मैंने सोचा कि उसके ई-मेल भी देख लेने चाहिए। माना मैं उसकी गोपनीयता भंग कर रही थी पर मैं उसकी पत्नी थी। उसके मेल बॉक्स में हजारों मेल भरे थे। उनमें से एक भी लीला या उस कमीनी औरत का नहीं था। एक मेल बार्नी की ओर से था। जिसमें जैक हाइड की बात की गई थी। मैंने कनखियों से देखा तो वह सो ही रहा था। इसलिए मेल खोल लिया।

फ्रॉम: बार्नी सुलीवन

सब्जैक्ट: जैक हाइड

डेट: 13 सितंबर 2011 14:09

टू: क्रिस्टियन ग्रे

मि. ग्रे

सिएटल के आसपास सीसीटीवी ने एक सफेद रंग की वैन का पता लगाया है। इससे पहले मुझे कोई सुराग नहीं मिला तो कह सकते हैं कि जैक वहीं रह रहा होगा।

जैसा कि आपको वेल्क ने बताया कि अनसब कार झूठे लाइसेंस के साथ भाड़े पर ली गई थी। इसका साउथ इरविंग स्ट्रीट इलाके से कोई लेन-देन नहीं है।

हाइड के एसआईपी कंप्यूटर में उसकी भूतपूर्व सहायिकाओं की कोई जानकारी नहीं थी।

मैं आपको बताना चाहता हूं कि कंप्यूटर में क्या-क्या था।

ग्रे के घर का पता:

सिएटल में पांच संपत्तियां

डेट्रायट में दो संपत्तियां

विस्तृत जानकारी:

कैरिक ग्रे

इलयिट ग्रे

क्रिस्टियन ग्रे

डॉक्टर ग्रेस

एनेस्टेसिया स्टील

ईया ग्रे

अखबार व ऑनलाइन लेख

कैरिक ग्रे

इलयिट ग्रे

क्रिस्टियन ग्रे

डॉक्टर ग्रेस

तस्वीरें

कैरिक ग्रे

इलयिट ग्रे

क्रिस्टियन ग्रे

डॉक्टर ग्रेस

ईया ग्रे

मैं अपनी जांच पड़ताल जारी रखता हूं। देखते हैं कि और क्या पता चलता है।

बार्नी

हैड ऑफ आई टी, जीईएच

मैं इस मेल को पढ़ते हुए अपने ताजा हालात के बारे में भूल-सा गई। मैंने लिस्ट खोलनी चाही पर फोन पर अटैचमेंट खोलना मुश्किल था।

मैं कर क्या रही हूं। आज का दिन थकाने वाला था। रात के दो बज रहे थे। खैर कल जो होगा, देख लेंगे पर आज मैं इसके साथ नहीं सोने जा रही। इसे अकेले ही उठने दो। मैंने फोन वहीं रख दिया। फिर अपना पर्स उठा कर कमरे से निकल गई।

मैंने प्लेरूम की अतिरिक्त चाबी ले कर दरवाजा खोला और वहीं अपना बिस्तर लगा लिया। मुझे पता है कि कल वह मुझे खोजेगा और जब नहीं मिलूंगी तो झल्ला जाएगा। ठीक ही है, उसके साथ ऐसा ही होना चाहिए।

मैंने मिसेज रॉबिन्सन के ही मैसेज को उसे भेजते हुए लिखा:

क्या तुम चाहोगे कि जब हम उस औरत द्वारा भेजे गए मैसेज की चर्चा करें तो वह भी हमारे साथ हो। इस तरह तुम्हें उसके पास दोबारा नहीं जाना पड़ेगा।

तुम्हारी पत्नी

मैंने उसे अपने पति को भेजा और निश्चिंत होते हुए सो गई। हम मां-बाप बनने जा रहे हैं। उसने मेर साथ ऐसा छल किया। उसे हम तीनों में से अपने लिए चुनाव करना होगा। जल्दी ही मैं सो गई।

सुबह अपने पति की पुकार से आंख खुली। फोन में उसकी चार मिस्ड कॉल और दो वॉयस मैसेज थे। एक मिस्ड कॉल केट की थी। उसने उसे फोन करके पूछा होगा कि मैं कहां गई। चलो अच्छा ही है। सुबह के साढ़े सात हो रहे थे। मुझे काम के लिए देरी हो रही थी। जब वह दरवाजे के बाहर आया तो मैं जान कर नहीं बोली। जब वह चला गया तो मैं अपना सामान लेकर निकली। नीचे बड़े कमरे में सबकी पेशी हो रही थी। वह सबको दनादन निर्देश दे रहा था। उसके चेहरे पर गुस्सा और डर देखने लायक था। मुझे देखते ही सब चौंक गए। मैंने ऐसा दिखावा किया मानो कुछ हुआ ही न हो। मैंने कहा

“स्वेयर! बीस मिनट में ऑफिस के लिए निकलना है। तैयार होकर आ रही हूं।”

मिसेज जोंस बोलीं, “क्या आप नाश्ता लेंगी?”

“थैंक्स! मुझे भूख नहीं है।”

क्रिस्टियन ने खीझ कर पूछा, “तुम थी कहां?”

मैं उसकी बात को अनसुना कर आगे चल दी।

“एना जवाब दो।” वह पीछे आ रहा था। मैंने बाथरूम में जाकर कुंडी लगा ली।

“जाओ यहां से”

“मैं कहीं नहीं जा रहा।”

“जो जी में आए करो।”

“एना, प्लीज”

मैं नहाकर निकली तो खुद को पहले से मजबूत और तरोताजा पाया। बाहर निकली तो वह वहीं खड़ा दिखा। मैं सीधा अलमारी की ओर चल दी।

“क्या तुम मुझे अनदेखा कर रही हो?” उसने हैरानी से कहा

मैंने कुछ नहीं कहा और वह वहीं हैरानी से ताकता रहा।

मैंने जानबूझ कर उसके सामने ही तौलिया गिरा दिया और कपड़े पहनने लगी।

“एना???”

“जाओ! जा कर तुम्हारी मिसेज रॉबिन्सन से पूछो। उसके पास तुम्हारे सारे सवालों के जवाब हैं।”

“एना! वह मेरी मिसेज रॉबिन्सन नहीं है।”

“ क्रिस्टियन! मैं इस बारे में कुछ नहीं सुनना चाहती। कल बात करने का वक्त था पर तुमने उस औरत के साथ शराब पीकर वक्त बिताना ज्यादा बेहतर समझा जो सालों से तुम्हारा यौन शोषण करती आई थी। उसे फोन करो। वह तुम्हारे दिल की हर बात सुनेगी।”

“तुम ऐसे क्यों कह रही हो?”

“जरा-सी मुसीबत आई और तुम उसके पास चल दिए।”

“ऐसी बात नहीं है।”

“तुम कहां थीं?”

मैंने कुछ नहीं कहा और चुपचाप अपनी स्टॉकिंग्स पहनती रही। फिर अपने बाल सुखाए।

वह उस औरत के पास गया और अब भी मुझे अपना गुस्सा दिखा रहा है। हद हो गई!!!

“तुम कहां थीं?”

“तुम्हें क्या लेना है?”

“एना बकवास बंद करो।”

मैंने कंधे झटके और वह कंधे पर हाथ रखने लगा तो मैंने कहा

“मुझे हाथ मत लगाओ।”

“तुम कहां थीं”

“मैं अपने किसी एक्स के साथ शराब पीने नहीं गई थी। क्या तुम उसके साथ सोए भी थे?”

“क्या?????क्या मैं तुमसे ऐसा धोखा कर सकता हूं?”

“हां, तुमने किया है। तुमने हमारे जीवन की गोपनीयता उसके साथ बांटी है।”

“तुम ऐसा सोचती हो?”

“हां, मैंने उसका भेजा मैसेज देखा है।”

“वह तुम्हारे लिए नहीं था।”

“मैंने तुम्हारे फोन में देखा। तुम पीकर धुत्त थे और मैं तुम्हारे कपड़े बदल रही थी। क्या तुम्हें अंदाजा भी है कि तुमने इस हरकत से मेरे दिल को कितनी ठेस दी है।”

वह क्षणभर को पीला पड़ गया।

“तुमने ठीक कहा। मैंने तुम्हें छोड़ कर इस बेबी को चुना। हर स्नेही मां-बाप ऐसा ही करता है। तुम्हारी मां ने भी यही किया था वरना आज तुम मुझसे इस तरह बात न कर रहे होते। अब तुम्हें सयाना बनना है और किशोर बनने का दिखावा छोड़ना होगा।”

“हो सकता है कि तुम इस बच्चे को लेकर खुश न हो। पर मैं इसे नहीं छोड़ सकती। यह तुम्हारा अंश है। तुम इसे अपनाओ या न अपनाओ। तुम्हारी मर्जी है।”

“तुम अपनी आत्मदया के सागर में मग्न रहो। मैं काम पर जा रही हूं। जब मैं वापिस आऊंगी तो अपना सामान दूसरे कमरे में रख लूंगी।”

वह हैरानी से ताकता ही रह गया।

“क्या तुम यही चाहती हो?”

मैंने उसे अनेदखा किया और माइश्चराइजर लगाने लगी। मन ही मन खुद को समझाया कि अब पैर पीछे नहीं हटाना है।

“तुम मुझे नहीं चाहतीं? तुमने जाने के बारे में सोचा”

“जब किसी का पति अपनी एक्स के साथ समय बिताने लगे तो पत्नी को ऐसा सोचना ही पड़ता है।”

मैंने अपने जूते भी पहन लिए और मैं जानती हूं कि मैं क्या कर रही हूं। मुझे पता है कि मैं अपने अंतर्वस्त्रों और लंबे जूतों में कितनी हॉट दिख रही हूं।

वह मेरे पास खिसक आया।

“ग्रे! तुम ऐसा सोचना भी मत”

“क्यों? तुम मेरी पत्नी हो”

“मैं तो एक गर्भवती महिला हूं। जिसे तुमने कल त्याग दिया था। मुझे हाथ लगाया तो मैं चिल्लाऊंगी।”

“क्या तुम चिल्लाओगी?”

“हां”

“कोई नहीं सुनेगा।”

“क्या तुम मुझे डराना चाह रहे हो?”

“नहीं, मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं है।”

मैं जानती हूं कि अगर उसने मुझे छू लिया तो मैं वहीं पिघल जाऊंगी।

मैं उस औरत के साथ बैठा क्योंकि वह मेरी पुरानी जानकार है। फिर हम पीने लगे। मैं डॉक्टर के पास जाना चाहता था। वे नहीं मिले और मैं सैलून चला गया। मैं दोबारा उससे नहीं मिलूंगा।

“क्या मुझे यकीन कर लेना चाहिए? ”

“हां! अब वह सचमुच समझ गई है कि मैं कैसा महसूस करता हूं।”

“ऐसा क्यों है कि तुम उससे तो बात कर सकते थे पर मुझसे बात नहीं कर सकते थे।”

“मैं तुमसे गुस्सा भी था। जो कि अब भी हूं।”

“मैं तुमसे गुस्सा हूं। तुमने कितनी विरक्ति दिखाई। मेरे साथ छल किया।”

“मुझे अपने शॉट का ध्यान रखना चाहिए था पर मैंने जानकर ऐसा नहीं किया। मुझे भी इस खबर से धक्का लगा है। हो सकता है कि शॉट ने काम न किया हो।”

“पिछले कुछ सप्ताह इतनी तेजी से बीते कि उनके दौरान शॉट लेना भूल गई। हर कोई तुम्हारी तरह तेज नहीं हो सकता।”

वह अब भी गुस्से में खड़ा है। उसे गुस्सा है कि मैं उसे हाथ नहीं लगाने दे रही। हमारे बीच कोई सुलह नहीं हुई और वह उसी तरह नहाने चल दिया।

मैं उसे बांहों में लेकर तसल्ली देना चाहती हूं पर मैं बहुत गुस्से में हूं। वह बाथरूम में चला गया और मैं वहीं खड़ी रह गई।

ओह! हमारे बीच कोई हल नहीं निकला। मैं अपने लिए कोई मेडल नहीं चाहती। मैं रोना या चीखना-चिल्लाना भी नहीं चाहती। वह यह क्यों नहीं देखता कि वह उस औरत के पास क्यों जा रहा है। उसने तो कहा था कि वह फिर कभी उसके पास नहीं जाएगा। मुझे काम के लिए देर हो रही थी।

मैंने अपने बच्चे को तसल्ली दी कि उसके पापा जल्दी ही उसे दिल से अपना लेंगे। सब कुछ ठीक हो जाएगा। मेरे होंठ कांपने लगे पर मैंने अपने भावों पर काबू पा लिया।

चलो! काम पर चलें।

वह अब भी नहा रहा है और मैं उसे बाय कहे बिना ही काम पर चल दी। मन बहुत उदास हुआ। इस खबर ने हमारे रिश्ते को एक अजीब से मोड़ पर ला खड़ा किया है।

ऑफिस में हैना ने स्वागत किया। उसने लाते का कप सामने रखा पर उसका एक घूंट लेते ही मेरा जी मितला गया।

“उम्म….क्या मुझे चाय मिल सकती है।” मैंने शर्मिंदा होते हुए कहा।

“एना! तुम ठीक हो।”

मैंने हामी भरी। तभी केट का फोन आ गया।

“क्रिस्टियन तुझे क्यों खोज रहा था?” उसने साफ शब्दों में पूछा।

“गुड मार्निंग केट! कैसी है?”

“बकवास मत कर स्टील! काम की बात पर आ।”

“हमारी लड़ाई हुई थी।”

“क्या उसने तुझे चोट पहुंचाई।”

“हां। पर उस रूप में नहीं।” मैं इस समय केट से नहीं जूझ सकती। मुझे पता है कि मेरे आंसू निकल जाएंगे। मैं अपने-आपको संभालना चाह रही हूं। “केट मेरी मीटिंग है। हम बाद में बात करते हैं।”

“अच्छा! तू ठीक है न?”

“हां। बाद में बात करेंगे।”

“हां एना! याद रखना कि मैं हमेशा तेरे साथ हूं।”

“मैं जानती हूं।” मैंने भरसक आंसू रोके। मुझे रोना नहीं है। मुझे रोना नहीं है।

“रे ठीक हैं।”

“हां”

“ओ एना”

नहीं बात मत करो।

“चलो बाद में बात करेंगे।”

मैंने सुबह अपने ई-मेल देखे पर पति का कोई मेल नहीं था। दिन में एहसास हुआ कि अभी उसकी नाराजगी गई नहीं और वह मुझसे संपर्क नहीं करेगा। मैंने दोपहर तक काम किया और कुछ हल्का खाया। कुछ खाकर बहुत अच्छा लगा।

शाम को मैं और स्वेयर रे को देखने गए। वह बहुत ही चौकन्ना था। उसने मुझसे पूछा कि क्या वह मेरे लिए चाय ले आए।

“नहीं थैंक्स स्वेयर।” मैंने कहा

“मैं बाहर प्रतीक्षा करता हूं।”

रे कोई पत्रिका देख रहे हैं।

“हे एनी! ” उनका चेहरा खिल गया।

“ओह डैडी।” उन्होंने बांहें खोलीं और मैं उनके गले से लग गई।

“एनी। क्या हुआ।” उन्होंने बाल चूमकर कहा। मैंने महसूस किया कि मेरे जीवन में ऐसे पल बहुत कम आए थे जब हम इतने पास थे।

“अपने बूढ़े बाप को नहीं बताएगी।”

मैंने अपना सिर हिला दिया। उन्हें अपनी मुसीबतों में नहीं घसीटना चाहती।

“कुछ नहीं डैड! आज तो आप सही दिख रहे हैं।”

“हां पर पलस्तर वाली टांग में बड़ा दर्द है।”

“कोई बात नहीं, सब ठीक हो जाएगा। आप हिम्मत रखो।”

“मैं अपने घुटनों पर अपने नाती-नातिन खिलाना चाहता हूं इसलिए इनका ठीक रहना जरूरी है।”

ओह! क्या उन्हें पता है।

“क्या तुम दोनों के बीच कुछ चल रहा है।”

“हमारा झगड़ा हुआ है।”

“एना! वह एक अच्छा आदमी है।”

“अभी थोड़ा परेशान है। सब ठीक हो जाएगा। मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहती। इससे दिल को ठेस लगती है।”

एस्काला पहुंची तो क्रिस्टियन घर नहीं था।

मिसेज जोंस ने बताया कि उसका मैसेज आया था कि वह काम से देर से आएगा।

ओह! बताने के लिए मेहरबानी!! वह मुझे क्यों नहीं बता सकता?

“कुछ खाओगी?”

“पास्ता दे दो और उसमें आपकी बनाई सॉस चलेगी।”

“आज सुबह जब उन्हें लगा कि तुम कहीं चली गई हो तो वे बौरा गए थे।” मिसेज जोंस ने बताया।

वह रात नौ बजे तक नहीं आया। फोन किया तो उसने बहुत ही ठंडे स्वर में कहा कि वह अभी ऑफिस में है और उसे आने में देर हो जाएगी। पूरे दिन में एक फोन और वह भी इतना फीका और ठंडा। उसने गुडनाइट बोल कर फोन काट दिया।

मैं वहीं बैठ कर अपने हालात पर विचार करने लगी। उसके साथ बीते दिनों की यादें ताजा हो गईं। माना कि ये अवस्था अभी के हिसाब से बहुत जल्दी आ गई थी पर अगर मैंने गर्भपात करवा लिया तो शायद अपने-आप को कभी माफ नहीं कर सकूंगी। ओह ब्लिप! तुमने ये क्या कर दिया। हमारे जीवन में तूफान आ गया है।

ग्यारह के करीब मैंने सोने का फैसला लिया और अपने कमरे में जाकर सो गई।

जब उठी तो सुबह के साढ़े सात बजे थे। आसपास देखा तो वह दिखाई नहीं दिया पर उसकी वह ग्रे टाई वहां रखी थी। इसका मतलब था कि वह रात को आया था और उसने मुझे सोते हुए देखा था।

नीचे गई तो मिसेज जोंस रसोई में व्यस्त थीं।

“गुड मार्निंग”

“गुडमार्निंग! वह कहां है?”

“वे तो चले गए।”

तो क्या वह घर आया था। हालांकि टाई देखी थी पर तसल्ली करना चाहती थी।

“हां आए थे। एना! बुरा मत मानना। उन्हें थोड़ा वक्त दो। वे बुरे इंसान नहीं हैं। बस थोड़े अड़ियल हैं।” इतना कहकर वे चुप हो गईं। शायद समझ गईं कि मैं इस बारे में कुछ नहीं सुनना चाहती।

जब मैं काम पर गई तो पति का मेल दिखाई दिया।

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जैक्ट: पोर्टलैंड

डेट: 15 सितंबर 2011 06:45

टू: एनेस्टेसिया ग्रे

एना

मैं आज पोर्टलैंड के लिए उड़ान भर रहा हूं।

वहां डब्ल्यूएसयू के साथ कुछ काम है।

सोचा कि तुम्हें पता होना चाहिए।

क्रिस्टियन ग्रे

सीईओ

ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

मुझे अचानक मतली आई और भाग कर सारा नाश्ता वाशबेसिन में पलट दिया। तभी दरवाजे पर आहट हुई।

“एना! तुम ठीक हो।” हैना का स्वर था।

“हां! मैं ठीक हूं। अभी आई।”

“तुमसे बॉयस फॉक्स मिलना चाहते हैं।”

“उन्हें बिठाओ, मैं अभी आई।”

दोपहर को किसी तरह क्रीम चीज और सालमन बैगल गले से नीचे उतारा और बेमन से कंप्यूटर के आगे बैठी रही।

तभी फोन की घंटी बजी। ईया का फोन था। अब इसकी ही कमी बाकी थी। मैं इस दशा में उससे बात नहीं करना चाहती पर फोन तो लेना ही होगा।

“हैलो ईया”

“हैलो एना! कितने समय से बात नहीं हुई। कैसी हो?” ये तो किसी मर्द का जाना-पहचाना स्वर था।

मेरी खोपड़ी चकरा गई। नंबर तो ईया का था पर जैक हाइड कैसे बात कर रहा था। मेरा सिर चकराने लगा।

ईया के फोन से जैक हाइड!!!