fifty shades of grey novel in Hindi: माथे पर गीले होठों के स्पर्श से आंखें खुल गई। जी में तो आया कि मुड़कर उनका जवाब दे दूं पर अभी नींद हावी थी इसलिए मैंने कुनमना कर फिर से तकिए में सिर छिपा लिया।
“एनेस्टेसिया उठो!” क्रिस्टियन ने दुलार से पुचकारा
“नहीं!” मैंने आह भरी।
हमें आधे घंटे में मेरे माता-पिता के यहां डिनर पर जाना है।
मैंने बेमन से आंखें खोलीं तो बाहर अंधेरा दिखा। क्रिस्टियन मुझे बड़ी गहराई से घूर रहा है।
“चलो, आलसी बिल्ली जल्दी से उठो।” वह उठा और मुझे फिर से चूम लिया।
“मैंने तुम्हारे लिए एक ड्रिंक रखा है। मैं नीचे जा रहा हूं। दोबारा सो मत जाना वरना तुम मुश्किल में पड़ जाओगी।” उसने धमकी दी पर सुर तीखा नहीं है। उसने मुझे हल्का सा चुंबन दिया और बाहर निकल गया। मैं उस अंधेरे कमरे में नींद से भरी आंखों के साथ अकेली रह गई।
मैं तरोताज़ा होने के बावजूद घबराहट महसूस कर रही हूं। हाय! अब क्या होगा मैं इसके घरवालों से मिलने जा रही हूं। वह अभी चाबुक और मुझ से ही खरीदी गई रस्सियों के साथ अजीब-अजीब हरकतें करके हटा है और मैं उसके मां-बाप से मिलने जा रही हूं। केट भी आ रही है, उसके लिए भी सबसे पहली मुलाकात होगी, चलो इस बहाने मुझे थोड़ा सहारा मिल जाएगा। मैंने कंधे गोल घुमाए। उनमें जकड़न महसूस हो रही थी। अब समझ में आने लगा है कि वह बार-बार निजी ट्रेनर रख कर कसरत करने की बात क्यों करता है? दरअसल अगर मुझे उसके साथ पार पाने की ज़रा सी भी उम्मीद रखनी है तो ये सब करना ही होगा।
मैं धीरे से बिस्तर से बाहर आई तो देखा कि पोशाक अलमारी के बाहर लटक रही है और चोली वहीं पड़ी है तो शरीर के निचले हिस्से में पहने जाने वाले अंतर्वस्त्र कहां गए? ओह… वे तो उसने कल रात अपनी जींस की जेब में…। आसपास देखा तो कुछ दिखा नहीं। उसने उन्हें वापिस क्यों नहीं किया?
मैं बाथरूम में पहुंची और हल्के से स्नान के बाद खुद को पोंछ लिया। फिर एहसास हुआ कि यह सब उसने जानबूझ कर किया है। वह चाहता है कि मैं अपने मुंह से उन्हें मांगूं और शर्मिंदा हो जाऊं। कौन जाने वह देगा भी या नहीं? ओह! तो ये हम दोनों के बीच का खेल है।
मैंने भी तय किया कि उससे कुछ कहूंगी ही नहीं और वह तरसता रहेगा। मुझे इसी तरह उसके माता-पिता से मिलने जाना होगा। अंदर बैठी सयानी लड़की ने आंखें तरेरीं पर मैंने अनदेखा कर दिया। मेरे पास कोई और उपाय था क्या? बेशक खेल मस्त होने वाला था क्योंकि मैं जानती थी कि वह मेरे इस बर्ताव से बुरी तरह चिढ़ जाएगा।
मैंने झट से अपने कपड़े और जूते पहने और तैयार हो गई। बालों की चोटी खोली और बालों में ब्रश फेरा। वहां पड़ा ड्रिंक बड़ा स्वादिष्ट था। पीते ही शरीर में जान सी आ गई।
फिर मैंने शीशे पर नज़र मारी। आंखें चमकदार, गाल हल्के से लाल और आंखों में हल्का-सा नशा महसूस हुआ। अब मैं नीचे जाने के लिए तैयार थी। पंद्रह मिनट। ठीक है एना, कोई देर नहीं हुई। क्रिस्टियन मेरी मनपसंद फ्लेनल की भूरी पैंट में बड़ी खिड़की के पास खड़ा है और साथ में एक लिनन की सफेद कमीज़ पहनी है। क्या इसके पास कोई और रंग नहीं है? स्पीकर्स पर मधुर संगीत गूंज रहा है।
मैं पहुंची तो वह मुझे देखकर मुस्कुराया और उम्मीद भरी निगाहों से ताका।
“हाय “
“हाय। कैसा लग रहा है?” उसकी आंखें शरारत से नाच रही हैं?
“बढ़िया! थैंक्स और तुम्हें… “
“मिस स्टील! मैं पूरी तरह से मस्त हूं।”
वह इस इंतज़ार में है कि शायद मैं कुछ कहूंगी।
अचानक ही वह मेरे पास आया और बोला- “मेरे साथ डांस करो।”
उसने जेब से रिमोट निकालकर गाने की आवाज़ तेज़ कर दी। उसकी आंखों में चाहत, शरारत और लगाव के कितने ही रंग दिख रहे हैं। मैं पूरी तरह से उसके वश में हूं। यह उसका कौन-सा रूप है? मैंने उसके हाथों में अपना हाथ दिया। उसने धीरे से मुझे अपने बाहुपाश में ले लिया। उसकी बांह ने मेरी कमर घेर ली थी।
मैंने अपना हाथ उसके कंधे पर रखा और दांत निकाल दिए। मुझे भी उसके मस्तमौला अंदाज़ की छूत लग गई है। उसने एक घुमाव लिया और ये क्या! इसे तो नाचना भी आता है। हम कमरे की खिड़की से होते हुए रसोई तक गए और फिर वापिस वहीं आ गए। संगीत की धुन के साथ पर थिरक रहे हैं। उसने मेरे लिए भी इसे सहज बना दिया है।
हम घूमते हुए डाइनिंग टेबल तक गए, पियानो के पास से निकले और फिर नाचते हुए कांच की दीवार के पास आ गए। बाहर सिएटल जगमगा रहा है और हमारे नाच को एक जादुई रंग दे रहा है। मैं अपनी बेपरवाह हंसी को रोक नहीं सकी। गाना खत्म होने को आया तो उसने मुझे देखकर मुस्कान दी।
“तुम किसी प्यारी सी जादूगरनी से कम नहीं हो।” वह हौले से बोला और मुझे चूम लिया। खैर! मिस स्टील, तुम्हारे गालों पर थोड़ा रंग तो आया। मेरे साथ नाचने के लिए धन्यवाद। मेरे माता-पिता से मिलने चलें?”
“तुम्हारा स्वागत है और हां, मैं भी उनसे मिले बिना रह नहीं पा रही।” मैंने हांफते हुए कहा।
“क्या तुम्हारे पास अपनी जरूरत की हर चीज़ है?”
“अरे हां!” मैंने प्यार से कहा।
“पक्का यकीन है?”
मैंने उसके चेहरे से नज़रें परे ले जाते हुए हामी दी। उसके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान खेल गई।
“अच्छा, मिस स्टील! अगर तुम यूं ही खेलना चाहती हो तो यही सही।”
उसने मेरा हाथ थामा, बारस्टूल पर टंगी अपनी जैकेट ली और मुझे बरामदे से लिफ्ट की ओर ले गया। क्रिस्टियन ग्रे के कितने चेहरे हैं? क्या मैं कभी इस अस्थिर स्वभाव के इंसान को समझ सकूंगी।
मैंने उसकी ओर ताका। वह मन ही मन किसी बात पर हंस रहा है। मुझे लगा कि कहीं मेरा ही मज़ाक तो नहीं उड़ा रहा। मैं क्या सोच रही थी? मैं उसके मां-बाप से मिलने जा रही थी और मैंने तो तुझे पहले ही कह दिया था कि इस बारे में सोच ले! उसके अपार्टमेंट के सुरक्षित माहौल में तो यह सब बड़ा मज़ेदार और किसी खेल जैसा लग रहा था पर अब तो मैं लोगों के बीच जा रही हूं। उसने मुझे झांका और उसके चेहरे के भाव अचानक बदलने लगे। इसका मूड कितनी तेजी से बदलता है…।
क्रिस्टियन ने गर्दन के संकेत से पहले मुझे बाहर जाने को कहा। बेशक वह भला इंसान बनने का दिखावा कर रहा था पर मैं भी क्या कह रही हूं। बड़ा आया भला इंसान…। मेरे वस्त्र लिए घूम रहा था।
टेलर ने बड़ी ऑडी निकाल ली थी। क्रिस्टियन ने मेरे लिए दरवाजा खोला और मैंने पूरी शालीनता के साथ गाड़ी में बैठने की कोशिश की मुझे खुशी है कि केट की पोशाक शरीर से चिपकी हुई है और घुटनों तक आ रही है वरना…।
हम दोनों ही चुपचाप इंटरस्टेट 5 की ओर चल दिए। बेशक टेलर के सामने कोई बात नहीं हो सकती थी। क्रिस्टियन के चेहरे की हास्य प्रियता जाने कहां चली गई थी और वह अपने ही ख्यालों में गुम खिड़की के बाहर ताक रहा था। हाए! ये तो मेरी पकड़ से बाहर जा रहा है। ऐसा क्या करूं कि इसका ध्यान मेरी ओर हो जाए। वैसे मैं टेलर के सामने क्या पूछ सकती थी। बड़ा दिमाग लगाकर पूछा
“नाचना कहां से सीखा?”
उसने मुझे देखा और बोला- “क्या तुम सचमुच जानना चाहती हो?”
मेरा दिल डूब-सा गया और लगा कि सवाल का जवाब तो मैं पहले से जानती हूं।
“हां!” मैंने बेमन से कहा
“मिसेज रॉबिन्सन नाच की शौकीन हैं।”
ओह! मेरा शक सही निकला। उसी ने सिखाया होगा।
मेरे दिमाग में यही बात घूमने लगी। मैं तो इसे कुछ नहीं सिखा सकती। मेरे पास तो कोई हुनर भी नहीं है। वह तो एक अच्छी टीचर रही होगी।
“हां, ऐसा ही था।”
मेरी खोपड़ी भन्ना गई। क्या उसे क्रिस्टियन का सबसे बेहतर रूप मिला? क्या वह उसके पास गया? या उसने इसे अपनी ओर खींचा? सच, क्रिस्टियन का वह रूप कितना प्यारा रहा होगा। मुझे जैसे ही अपने नाच की याद आई तो चेहरे पर प्यारी-सी मुस्कान आ गई।
और फिर वह पीड़ादायी लाल कमरा। अचानक ही हाथ कलाईयों पर चला गया और मैं उन्हें मलने लगी। उसने ही उसे यह सब सिखाया या बरबाद किया। यह देखने वाले के नज़रिए पर निर्भर करता है। या हो सकता है कि उसने यह सब कहीं और से सीखा हो। उस एक पल में ही मुझे एहसास हुआ कि मैं उस महिला से नफ़रत करती हूं। मैंने उम्मीद की कि हमारी मुलाकात कभी न हो क्योंकि उस समय मैं क्या कर बैठूं, कह नहीं सकती। याद नहीं आता कि मैंने कभी किसी के लिए ऐसे भाव महसूस किए हों। ख़ासतौर पर ऐसे इंसान के लिए जिससे मैं अभी तक मिली ही नहीं। खिड़की से बाहर ताकते हुए मैंने अपने गुस्से और जलन पर काबू पाना चाहा।
मेरा दिमाग आज दोपहर पर चला गया। अगर मैं उसकी प्राथमिकताएं समझूं तो शायद वह मेरे साथ सख़्त बर्ताव न करे। क्या मैं दोबारा ऐसा करूंगी? मैं तो इसके खिलाफ़ बहस तक नहीं कर सकती। बेशक मैं करूंगी, जब तक वह मुझे चोट नहीं पहुंचाता। वैसे भी उसके साथ रहने का कोई और उपाय भी तो नहीं है।
यही तो बात है। मैं उसका साथ चाहती हूं। मेरे भीतर बैठी लड़की ने भी चैन की सांस ली। मैं इस नतीजे पर पहुंची कि वह कभी नतीजों तक आने के लिए दिमाग का इस्तेमाल नहीं करती बल्कि शरीर का कोई और हिस्सा उसे नतीजों पर आने के लिए मजबूर करता है और इस समय वहां कपड़े भी नहीं पहने हुए हैं।
“ऐसा मत करो।” वह धीरे से बोला।
मैंने त्योरी चढ़ाकर उसे देखा।
क्या न करूं? मैंने तो उसे हाथ तक नहीं लगाया।
“एनेस्टेसिया! बातों को जरूरत से ज्यादा मत सोचो।” उसने मेरा हाथ अपने होठों तक ला कर चूम लिया। आज दोपहर बहुत अच्छी रही। धन्यवाद।”
ओह! वह फिर से मेरे पास आ गया है। मैंने पलकें झपकाकर लजीली मुस्कान दी। वह बड़ा उलझा हुआ इंसान है। मैंने वह सवाल पूछ ही लिया जो बड़ी देर से सुगबुगा रहा था।
“तुमने मुझे तार से क्यों बाधा?”
उसने खीसें निपोर दीं।
“ये जल्दी हो जाता है। यह आसान है और यह एक नया सा अनुभव है। मुझे पता है कि थोड़ा क्रूर दिखता है पर मुझे बांधने वाले उपकरणों में यह पसंद है। यह तुम्हें सही जगह टिकाए रखने में असरदार है।”
मैं घबरा गई और टेलर को देखा जो अपनी आंखें सड़क पर गड़ाए, निर्लिप्त भाव से गाड़ी चला रहा है। अब मैं क्या कहूं? क्रिस्टियन ने मासूमियत से कंधे झटके।
“एनेस्टेसिया! यह सब मेरी दुनिया का हिस्सा है।” उसने मेरा हाथ दबाकर छोड़ दिया और फिर से खिड़की के बाहर देखने लगा।
मैं सचमुच उसकी दुनिया से नाता रखना चाहती हूं पर उसकी शर्तों पर? मैं नहीं जानती। उसने दोबारा उस अनुबंध का नाम नहीं लिया है। मैं मन ही मन कुम्हला-सी गई। खिड़की से बाहर के बदलते सीन देखती रही। हम गहरे अंधेरे से घिरे एक पुल से गुज़र रहे हैं। रात का अंधेरा मेरे दमघोंटू मूड की तरह दिख रहा है।
मैंने क्रिस्टियन को ताका तो पाया कि वह तो मुझे ही देख रहा था।
“क्या सोच रही हो?”
मैंने आह भरी।
“इतना बुरा…?”
“काश मैं जान पाती कि तुम क्या सोच रहे हो।”
“मैं भी तो यही कह रहा हूं, बेबी!”
करीब आठ बजे ऑडी एक विशाल मैंशन में जाकर रुकी। दरवाजे के आसपास गुलाब ही गुलाब दिख रहे हैं। नज़ारा खूबसूरत है।
“क्या तुम तैयार हो?” क्रिस्टियन ने पूछा। इस दौरान टेलर ने बड़ा दरवाजा खोला।
मैंने हामी दी और उसने मेरा हाथ दबा कर तसल्ली देनी चाही।
“मेरे लिए भी पहली बार है। वैसे शर्त लगा लो तुम यही सोच रही हो कि काश तुम पूरे कपड़ों में होतीं।” उसने चिढ़ाया।
मैं घबरा गई। मैं तो उस बारे में भूल ही गई थी। शुक्र है कि टेलर गाड़ी से बाहर था और उसने यह बात सुनी नहीं। मैंने क्रिस्टियन को तेवर दिखाए और वह खीसें निपोरने लगा। हम गाड़ी से बाहर आ गए।
डॉ. ग्रेस टन्न्रैवलीन ग्रे घर के दरवाजे पर हैं। वे हल्की नीली रेशमी पोशाक में बहुत ही सौम्य व शालीन दिख रही हैं। उनके साथ ही लाल बालों वाले एक पुरुष को खड़े देखा। बेशक वे उनके पति और क्रिस्टियन के पिता मि. ग्रे ही हैं। क्रिस्टियन की तरह ही अपने-आप में सुंदर!
“एनेस्टेसिया! तुम मेरी मॉम ग्रेस से मिल चुकी हो। ये मेरे डैड कैरिक हैं।”
“मि. ग्रे! आपसे मिल कर खुशी हुई।” मैंने मुस्कान के साथ हाथ आगे बढ़ाया।
“एनेस्टेसिया! मुझे भी खुशी हुई।”
“कृपया मुझे एना कहें।”
उनकी नीली आंखें कोमल व मृदु हैं।
“एना! तुम्हें दोबारा देखकर बहुत अच्छा लगा। ग्रेस ने प्यार से गले लगाया।” आओ डियर!”
“क्या वह आ गई?” मैंने घर के अंदर से चिल्लाने की आवाज़ सुनी। मैंने क्रिस्टियन को घबराहट से ताका।
“वह ईया होगी, मेरी छोटी बहन।” उसने हल्की खीझ से कहा।
उसके शब्दों से बहन के लिए प्यार उमड़ता दिख रहा है और बहन का नाम लेते ही उसकी आंखों में एक चमक-सी आ गई। बेशक वह उसे चाहता है। ये तो नई बात पता चली। लंबी, सुडौल और स्याह बालों वाली ईया हॉल में दनदनाती हुई दौड़ी आई। तकरीबन मेरी उम्र की होगी।
“एनेस्टेसिया! मैंने तुम्हारे बारे में बहुत कुछ सुना है।” उसने मुझे कसकर गले से लगा लिया।
“ओह!” मैं उसके उछाह में डूब गई।
“एना प्लीज!” मैं हौले से बोली और वह मुझे एक विशाल कमरे में खींच ले गई। गहरे रंग के लकड़ी के फर्श और आलीशान कालीन और दूसरी मंजिल पर जाती हुई प्यारी-सी सीढ़ियां।”
वह आज से पहले किसी लड़की को घर नहीं लाया।” ईया की आंखें उत्तेजना से चमक रही हैं।
मैंने देखा कि क्रिस्टियन अपनी आंखें नचा रहा था। मैंने त्योरी चढ़ाई और उसने मुझे देखकर आंखें सिकोड़ दीं।”
ईया शांत हो जा।” ग्रेस ने दुलार से फटकारा। हैलो डार्लिंग! उन्होंने क्रिस्टियन के दोनों गाल चूम लिए और उसने अपने डैड से हाथ मिलाया।
हम सब मुड़े और उनके लिविंग रूम की ओर चल दिए। ईया ने मेरा हाथ नहीं छोड़ा था। कमरा काफी बड़ा है और क्रीम, भूरे, हल्के नीले रंगों से सजा है-बहुत ही आरामदेह और स्टाइलिश।
केट और इलियट एक काउच पर लिपटे बैठे हैं। उनके हाथों में शैंपेन के गिलास हैं। केट मुझसे उछलकर गले मिली और ईया ने मेरा हाथ छोड़ दिया।
हाय एना! वह दमकी। क्रिस्टियन! उसने बड़ी ही औपचारिकता से कहा और क्रिस्टियन ने भी उतना ही औपचारिक अभिवादन किया। इलियट ने एक झटके से मुझे बांहों में भर लिया।
ओए! ये क्या है। एना को गले से लगाने का सप्ताह चल रहा है?
दरअसल मैं प्यार के इस रूप की इतनी आदी नहीं हूं। क्रिस्टियन साथ ही खड़ा था। उसकी अंगुलियां मेरे शरीर से बेज़ा हरकतें करने लगीं। ओह! सभी आसपास खड़े हैं। मैं इस इंसान का क्या करूं?
“ड्रिंक्स? मि. ग्रे ने माहौल बदला। प्रोसैको?”
मेरे और क्रिस्टियन के मुंह से एक साथ निकला- “प्लीज़!”
“ओह… ये तो हद हो गई। तुम दोनों तो बोली भी एक ही बोल रहे हो।” ईया ने ताली बजाई और कमरे से निकल गई।
मैं लाल पड़ गई और इलिएट के साथ बैठी केट को देखा। अचानक दिमाग में आया कि कहीं क्रिस्टियन ने मुझे इसी वजह से तो नहीं बुलाया क्योंकि केट यहां है। इलियट तो बड़ी खुशी से केट को मिलाने ले आया होगा और क्रिस्टियन फंस गया था क्योंकि केट मेरे बारे में यहां आते ही बक देती। उसे मजबूरन मुझे भी यहां लाना पड़ा। मैंने इस सोच पर त्योरी चढ़ाई। यह जान कर तो मन ही कसैला हो गया। भीतर बैठी सयानी लड़की को ताना कसने का मौका मिल गया- क्यों अब समझ आया बेवकूफ लड़की?
“डिनर तैयार है।” ग्रेस ने कहा और ईया साथ ही बाहर आई।
क्रिस्टियन ने मुझे हैरानी से देखा।
“बैठो!” उसने एक काउच पर बैठने का संकेत किया और मैंने वही किया जो कहा गया था। फिर ध्यान से अपनी टांगें मोड़ लीं। वह मेरे पास बैठ गया पर मुझे छुआ नहीं।
“एना! हम छुट्टियों की बातें कर रहे थे।” मि. ग्रे बोले। इलियट ने तय किया है कि वह एक सप्ताह के लिए केट के परिवार के साथ बारबाडोस जाएगा।”
मैंने केट को देखा और उसने चौड़ी-सी मुस्कान दी। वह खुश है। कैथरीन व कैवेना ज़रा शांत रह!
“क्या तुम भी डिग्री लेने के बाद ब्रेक लेने जा रही हो?” उन्होंने पूछा।
“मैं सोच रही हूं कि कुछ दिन के लिए जार्जिया हो आऊं।” मैंने जवाब दिया।
क्रिस्टियन ने दो बार हैरानी से पलकें झपकाईं। हाय! मैंने उसे तो इस बारे में बताया तक नहीं।
“जार्जिया।” वह हौले से बोला
“मेरी मॉम वहां रहती हैं और मैं उनसे काफी समय से नहीं मिली।”
“तुम कब जाने की सोच रही हो।” उसने धीरे से पूछा।
“कल शाम को।”
ईया हाथों में शैंपेन के गिलास लेकर लौटी जिनमें हल्की गुलाबी प्रोसैको भरी थी।
“तुम्हारी अच्छी सेहत के नाम!” मि. ग्रे ने कहा और मैं मुस्कुरा दी। एक डॉक्टर का पति होने के नाते उनका यही कहना बनता था।
“कितने समय के लिए जा रही हो?” क्रिस्टियन ने पूछा।
हाय…ये तो गुस्से में है।
“पता नहीं। कल इंटरव्यू से पता चलेगा।”
उसके जबड़े भिंच गए और केट ने घुसपैठ करने वाली मुस्कान दी। वह कुछ ज्यादा ही मिठास घोल रही है।
“एना को ब्रेक चाहिए।” उसने क्रिस्टियन से कहा। वह इससे इतनी खार क्यों खाती है?
इसकी मुश्किल क्या है?
“कल तुम्हारे इंटरव्यू हैं?” मि. ग्रे ने पूछा
“हां! कल दो प्रकाशकों के पास इंटर्नशिप के लिए इंटरव्यू हैं।”
“मेरी शुभकामनाएं।”
“डिनर तैयार है।”
ग्रेस ने कहा और सभी खड़े हो गए। केट और इलियट मि. ग्र के पीछे चले और ईया भी कमरे से बाहर हो गई। मैं भी जाने लगी पर क्रिस्टियन ने कोहनी से पकड़कर रोक लिया।
“तुम मुझे यहां छोड़कर जाने के बारे में कब बताने वाली थीं?” उसने झट से पूछा। उसके सुर में छिपा गुस्सा दिखाई दे रहा है।
“मैं छोड़कर नहीं जा रही। मैं तो मॉम से मिलने जा रही हूं। अभी तो मैं इस बारे में सोच ही रही थी।”
“हमारे प्रबंध का क्या होगा?”
“अभी तो कुछ तय नहीं हुआ है।”
उसने आंखें सिकोड़ीं और खुद को याद दिलाया। फिर वह मुझे कमरे में ले गया।
“ये बात अभी खत्म नहीं हुई।” उसने डाइनिंग रूम में जाते हुए धमकी दी।
ओह! मर गए आज तो…।
डिनर का कमरा देखकर तो मुझे हीथमैन वाला कमरा याद आ गया। गहरे रंग की लकड़ी की मेज पर एक फानूस टंगा था और दीवार पर बहुत सुंदर कारीगरी वाला शीशा टंगा है। मेज पर सफेद लिनन बिछा है और उसकी सजावट भी देखने लायक है।
हमने अपनी प्लेटें लीं। मि. ग्रे मेज पर कोने में हैं। मैं उनके दाएं हाथ पर बैठी और क्रिस्टियन मेरे साथ बैठा है। मि. ग्रे ने रेड वाइन की बोतल खोली और केट को परोसी। ईया क्रिस्टियन के साथ बैठी और उसका हाथ पकड़कर कस कर दबा दिया। क्रिस्टियन ने उसे गरमाहट से भरी मुस्कान दी।
“तुम एना से कहां मिले?” उसने पूछा।
“वह डब्ल्यूएसयू के छात्र समाचार-पत्र के लिए मेरा इंटरव्यू लेने आई थी।”
“जिसे केट ने तैयार किया।” मैंने जानकर कहा ताकि बात दूसरी ओर चली जाए।
ईया इलियट के साथ बैठी केट को देखकर मुस्कुराईं और वे अखबार की बातें करने लगे।
“वाइन एना।” मि. ग्रे ने पूछा।
“प्लीज़!” मैंने कहा और उन्होंने हम दोनों के गिलास भर दिए। मैंने क्रिस्टियन को देखा और उसने अपनी गर्दन एक और झुका दी।
“क्या?” उसने पूछा
“मुझसे नाराज़ मत होना।”
“मैं तुमसे नाराज़ नहीं हूं।”
मैंने उसे घूरा और उसने आह भरी।
“हां, मैं तुमसे नाराज़ हूं।” उसने पल भर के लिए आंखें बंद कीं।
“इतने नाराज़ कि मुझे सज़ा दोगे?” मैंने घबराकर पूछा।
“तुम क्या खुसर-पुसर कर रहे हो?” केट ने पूछा।
मैं खिसिया गई। क्रिस्टियन ने उसे इन नज़रों से घूरा- तुम्हें क्या, अपने काम से मतलब रखो। यहां तक कि केट जैसी दबंग भी दब गई।
“मैं जार्जिया के बारे में बात कर रही थी।” मैंने आपसी कड़वाहट को मिटाने के लिए शहद घोला।
“जब तुम शुक्रवार को जोस के साथ बार गई थीं तो वह कैसा था?” केट ने पूछा उसकी आंखों में दुष्टता से भरी चमक दिखी।
केट ! दफा हो तू! मैंने उसे आंखें दिखाईं। वह कर क्या रही है? उसने भी आंखें दिखाईं और मुझे एहसास हुआ कि वह क्रिस्टियन को जलाना चाह रही है। वह उसके बारे में जानती ही क्या है। मैंने सोचा कि बात निपटानी तो पड़ेगी।
ये उपन्यास ‘फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे’ किताब से ली गई है, इसकी और उपन्यास पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं – fifty shades of grey(फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे)
“वह ठीक था।” मैं बुदबुदाई।
क्रिस्टियन आगे की ओर झुका। सचमुच इतना गुस्सा हूं कि दो लगाए बिना नहीं रह सकता।
“अरे नहीं!” मैं अंदर ही अंदर सिकुड़ गई।
ग्रेस दो प्लेटें लेकर आईं और उनके साथ एक सुंदर नवयुवती ने कदम रखा। लाल बालों की दो चोटियों वाली उस लड़की ने हल्की नीली पोशाक पहनी है और हाथों में एक ट्रे उठाई हुई है। उसकी आंखों ने झट से क्रिस्टियन को कमरे में खोज लिया। वह शरमाई और मस्कारा लगी आंखों से ताकने लगी। ये क्या है भई?
घर में कहीं फोन की घंटी बजी।
“माफ करना।” मि. ग्रे देखने चले गए।
“धन्यवाद ग्रेचन! ट्रे को वहां रख दो।” ग्रेस ने कहा। ग्रेचन ने हामी दी और एक बार फिर से क्रिस्टियन को घूरते हुए अंदर चली गई।
तो ग्रे परिवार ने स्टाफ रखा हुआ है और उसकी नज़रें मेरे होने वाले मालिक पर गड़ी है? क्या यह शाम इससे बदतर हो सकती है? मैंने गोदी में रखे अपने हाथों को देखकर त्योरियां चढ़ाईं।
मि. ग्रे लौट आए।
“डार्लिंग तुम्हारे लिए है।” अस्पताल से फोन है।
“आप लोग शुरू करें। मैं अभी आई।” ग्रेस ने मेरे हाथ में प्लेट दी और चली गईं।
बड़ी प्यारी खुशबू आ रही है-मसालेदार स्पेनिश पोर्क सॉसिज व घोंघे, भुनी लाल शिमला मिर्च व हरे प्याज के साथ, उसके ऊपर से पार्सले की पत्तियां छिड़की गई हैं। बेशक क्रिस्टियन की धमकियों के असर से मेरा पेट गुलाटियां खा रहा है और दो चोटियों वाली नौकरानी ने मेरा दिमाग खराब कर दिया है। मैंने पूरे कपड़े तक नहीं पहने पर फिर भी भूख से मरी जा रही हूं। मुझे याद आया कि आज दोपहर की थकान भी इसके लिए जिम्मेदार है। यही वजह है कि मुझे इतनी भूख लग रही है।
कुछ ही देर बाद ग्रेस लौटीं और मि. ग्रे ने क्रिस्टियन की तरह एक ओर गर्दन झुकाई
“सब ठीक है?”
“एक और खसरे का मामला आया है।”
“अरे नहीं “
“हां, एक बच्चा है। इस महीने का चौथा मामला है। काश लोग बच्चों को टीके लगाने के मामले में सावधान होते।” उन्होंने उदासी के साथ कहा और फिर मुस्कुरा कर बोलीं।
“मुझे खुशी है कि हमारे बच्चों को इन चीजों से कभी नहीं गुज़रना पड़ा। उन्हें कभी चिकनपॉक्स से ज्यादा कुछ नहीं हुआ। बेचारा इलियट।” उन्होंने बेटे को देखा और दुलार से मुस्कुराईं। इलियट ने बेचैनी से पहलू बदला। क्रिस्टियन और ईया किस्मत वाले निकले। इनके शरीर पर तो कहीं-कहीं एकाध निशान ही होगा।
ईया खिलखिलाई और क्रिस्टियन ने आंखें नचा दीं।
“तो डैड! मैरीनर गेम कैसी रही?” इलियट ने बात का विषय बदल दिया।”
खाना स्वादिष्ट था। कमरे में बैठे पुरुष बेसबॉल की बात करने लगे। क्रिस्टियन अपने परिवार से बात करते हुए बड़ा सहज व शांत दिखा। मेरा दिमाग चकराने लगा। भाड़ में जाए केट! ये कैसा खेल रच रही है। क्या वह मुझे सज़ा देगा? मैं तो सोचकर ही सिहर गई। वैसे मैंने अभी कहीं हस्ताक्षर नहीं किए हैं। शायद मैं ऐसा करूंगी भी नहीं। शायद मैं जार्जिया में ही रह जाऊं ताकि वह मुझ तक पहुंच ही न सके।
“डियर! नए अपार्टमेंट में सब सैट हो गया?” शुक्र है ग्रेस ने यह पूछकर मेरे दिमाग को भटकने से बचा लिया।
मैंने उन्हें सब कुछ बताया।
स्टाटर्स के बाद ग्रेचन पधारी और मेरे दिल में आया कि उसके सामने क्रिस्टियन पर हाथ रख कर जता दूं कि भले ही वह बरबादियों के पचासों रंग देख चुका हो पर वह मेरा है। वह मेज साफ करने आगे आई और क्रिस्टियन के बहुत पास से सामान उठाने लगी। बेशक वह ध्यान नहीं दे रहा पर मैं तो जल-भुन रही हूं।
केट और ईया पेरिस का गुणगान कर रही हैं।
“एना! क्या तुम कभी पेरिस गई हो?” ईया ने भोलेपन से पूछा।
“नहीं, पर मैं जाना चाहूंगी।” मैं जानती हूं कि पूरे मेज पर अकेली मैं ही हूं जो कभी यूएसए से बाहर नहीं गई।
“हमने पेरिस में हनीमून मनाया था।” ग्रेस मि. ग्रे को देखकर मुस्कुराईं।
सच ये देखकर शर्मिंदगी-सी हुई। वे आपस में कितना प्यार करते हैं। मैंने एक पल के लिए सोचा कि सिएटल में रह रहे मां-बाप के साथ पलना कैसा लगता होगा।
“ये एक प्यारा शहर है बस वहां रहने वालों की बात मत करो। क्रिस्टियन तुम्हें एना को एक बार वहां ले जाना चाहिए।” ईया बोली।
“मुझे तो लगता है कि एनेस्टेसिया पहले लंदन जाना चाहेगी।” क्रिस्टियन ने हौले से कहा।
हैं… तो क्या इसे याद रहा?। उसने मेरे घुटने पर हाथ रखा और उसका हाथ धीरे-धीरे जांघों तक जाने लगा। मेरा पूरा शरीर विरोध में ऐंठ गया। नहीं……यहां नहीं…किसी कीमत पर नहीं। मैं घबरा गई और उसे पीछे करने की कोशिश की। उसका हाथ मेरी जांघ दबाने लगा और मैं अपनी वाइन पर लपकी।
छोटी चोटियों वाली मिस यूरोपियन लौट आई…शरमाते हुए। कूल्हे मटकाते हुए उसने हमें बीफ वेलिंगटन परोसा और प्लेटें रखकर जल्द ही निकल गई। हालांकि उसने क्रिस्टियन को उसकी प्लेट देने में काफी वक्त लिया। जब मैं उसे दरवाजे से जाते देखने लगी तो क्रिस्टियन ने मुझे सवालिया निगाहों से देखा।
“तो पेरिस वालों में क्या खराबी है? इलियट ने बहन से पूछा। क्या वे तुम्हारे बस में नहीं आए?” ओह, नहीं आए। और मैं जिस श्रीमान अ लोबर्ट के लिए काम कर रही थी। वह तो किसी तानाशाह मालिक से कम नहीं था।”
अचानक वाइन मेरे गले में अटक गई।
“एनेस्टेसिया! तुम ठीक हो।” क्रिस्टियन ने अचानक जांघ से हाथ हटा लिया। उसकी आवाज़ की हास्यप्रियता लौट आई थी। ओह शुक्र है। मैंने हामी भरी और वह तब तक मेरी पीठ सहलाता रहा जब तक मैं अचानक लगे धक्के से संभल नहीं गई।
बीफ तो स्वादिष्ट बना है। उसके साथ भुनी शकरकंदी, गाजर व हरी बींस परोसी गई हैं। शायद क्रिस्टियन के मूड में बदलाव के कारण भी मुझे खाने में पूरा रस आ रहा है और मैं पूरे दिल से खा रही हूं। ग्रे परिवार के बीच बड़े ही प्यारे व गरमाहट से भरे माहौल में बातचीत जारी रही। लेमन सिलेबब का मीठा व्यंजन खाने के दौरान ईया पेरिस के किस्से सुनाने लगी और एक जगह तो उसने धाराप्रवाह फ्रेंच बोलनी शुरू कर दी। हम उसे घूरते रहे और उसने हैरानी से हमें ताका फिर क्रिस्टियन ने उसे उतनी ही धाराप्रवाह फ्रेंच के बीच बताया कि वह क्या कर रही थी। फिर तो उसके गालों पर लाली आ गई और वह इस तरह खिलखिलाई कि हम भी अपनी हंसी नहीं रोक सके। हंसते-हंसते हमारे पेट दुखने लगे।
इलियट ने सिएटल के उअटार में चल रही एक नई पर्यावरण मित्र समुदाय भवन परियोजना के बारे में बात की। मैंने केट की ओर झांका, वह तो उसके एक-एक शब्द को पी रही थी और उसकी आंखों में प्यार झलक रहा था या वासना-यह मैं अभी नहीं जानती क्योंकि मुझे अभी इनके बारे में जानना है। इलियट भी उसे देखकर ऐसे मुस्कुराया मानो कह रहा हो कि ‘बाद में बेबी’। दोनों ने आंखों ही आंखों में कुछ बातें कर लीं। मैं उन्हें देखकर खिसिया गई।
मैंने आह भरी और अपने फिफ्टी शेड्स को देखा। मैं उसे सारी जिंदगी यूं ही निहार सकती थी। उसके चिबुक पर हल्की दाढ़ी उग आई थी और मेरी अंगुलिया उसे छूने के लिए मचल रही थीं। मैं उसे अपने शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर महसूस करना चाह रही थी। अचानक उसका हाथ आगे आया।
“अपने होंठ मत काटो। मैं ऐसा करना चाहता हूं।” वह हौले से बोला
ग्रेस और ईया हमारे बर्तन समेट रही हैं और तीनों पुरुष वाशिंगटन स्टेट में सोलर पैनलों के बारे में चर्चा कर रहे हैं। क्रिस्टियन को शायद मज़ा नहीं आया। उसने उठ कर मेरा हाथ थामा और बोला।
“चलो तुम्हें बाहर दिखा लाऊं?”
मुझे पता है कि मुझे हां कहना चाहिए पर मैं उस पर भरोसा नहीं करती। इससे पहले कि मैं जवाब देती, मुझे उसके साथ जाना पड़ा। उसकी आंखों में चमकती भूख साफ देखी जा सकती थी।
“माफ कीजिएगा!” मैंने मि. ग्रे से कहा और हम बाहर आ गए।
वह मुझे हॉल से किचन में ले गया। वह नौकरानी तो कहीं नहीं दिखी पर ग्रेस और ईया डिशवाशर में बर्तन लगा रही हैं।
“मैं एनेस्टेसिया को पिछला बरामदा दिखाने ले जा रहा हूं।” क्रिस्टियन ने बड़ी मासूमियत से अपनी मां से कहा। उन्होंने प्यारी सी मुस्कान दी और ईया ड्राइंग रूम में चली गई। हम पिछले बरामदे वाले इलाके में से निकले। वहां भूरे पत्थर के टबों में पौधे और बेलें लगी हैं और कोने में कुछ कुर्सियां लगाई गई हैं। क्रिस्टियन उस सारी जगह को पार कर उस ओर चला गया जहां पानी में खड़ी दो नौकाएं दिख रही हैं। वहां से सिएटल का नज़ारा भी बहुत प्यारा लग रहा है। जेट्टी के पास ही एक बोटहाउस है। यह सचमुच अद्भुत है।
उसने मुझे खींचा और मेरे पांव घास में धसने लगे।
“क्या हुआ? मैं हील पहनकर चल नहीं पा रही।”
उसने अचानक मुझे कंधों पर उठा लिया। मैं हैरानी से चिल्लाई तो एक धौल जमा दिया
“आवाज़ धीमी करो। कोई सुन लेगा।” वह गुर्राया।
अरे नहीं! ये क्या बात हुई। पता नहीं जोस, जार्जिया, मेरा होंठ काटना… उसे किसी बात पर गुस्सा आया हुआ है।
“हम कहां जा रहे हैं?”
“बोटहाउस।”
मैं उसके नितंबों पर झूल रही हूं और वह मुझे कंधे पर लादे लॉन में चलता जा रहा है।
“क्यों?” मैंने हांफते हुए पूछा।
“मैं तुम्हारे साथ अकेले में कुछ पल बिताना चाहता हूं।”
“किसलिए?”
“क्योंकि मैं पहले तो तुम्हें फटकारूंगा और फिर हम शारीरिक संबंध बनाएंगे।”
“क्यों?” अब मैंने धीरे से पूछा।
“तुम जानती हो क्यों?” वह फुुंफकारा।
“मुझे तो लगा था कि तुम वर्तमान में जीने वालों में से हो।”
“हां, एना मैं इस समय पूरी तरह से वर्तमान में हूं। मुझ पर भरोसा करो।”
हाय! अब क्या करूं!!
