Overview: एक से ज्यादा बैंक अकाउंट रखने के फायदे व नुकसान
अगर आप एक से ज्यादा बैंक अकाउंट रखते हैं तो इससे कई फायदे व नुकसान हो सकते हैं।
Multiple Bank Account: आज के समय में हर किसी के पास अपना बैंक अकाउंट है और ऐसे बहुत से व्यक्ति हैं, जिनके पास दो या उससे भी ज्यादा बैंक अकाउंट हैं। हम कभी किसी ऑफर के चक्कर में तो कभी नई कपंनी ज्वॉइन करने पर सैलरी के चक्कर में अकाउंट खुलवा लेते हैं। हमें इसमें कोई बुराई नजर नहीं आती। एक से अधिक अकाउंट खुलवाने में कोई समस्या नहीं है, बस जरूरी है कि आप उसे सही तरह से मैनेज कर सकें।
बहुत से लोग कई बैंक अकाउंट होने को फायदेमंद मानते हैं, लेकिन कभी-कभी यह सिरदर्द भी साबित हो सकता है। अगर अकाउंट्स आपके खर्च को कंट्रोल करने, सेविंग बढ़ाने और पैसों की प्लानिंग में मदद कर रहे हैं, तो ये आपके लिए फायदे का सौदा हो सकते हैं। लेकिन अगर आप मिनिमम बैलेंस, हिडन चार्जेस आदि के जाल में फंस गए हैं तो हो सकता है कि यही मल्टीपल अकाउंट आपको परेशान कर सकता है। तो चलिए जानते हैं कि एक से ज्यादा बैंक अकाउंट रखने के फायदे-नुकसान क्या हो सकते हैं-
मल्टीपल बैंक अकाउंट के फायदे

एक से ज्यादा बैंक अकाउंट हाने के कई फायदे हो सकते हैं। मसलन-
- आपके पैसों का मैनेजमेंट बेहतर तरीके से होता है। आप अलग-अलग काम के लिए अलग अकाउंट रख सकते हैं। इससे खर्च भी कंट्रोल में रहता है। मसलन, एक अकाउंट सिर्फ घर के खर्च और बिल पेमेंट के लिए और दूसरा सिर्फ़ सेविंग्स या इमरजेंसी फंड के लिए।
- इमरजेंसी में अलग-अलग अकाउंट काम आते हैं। अगर कभी किसी एक बैंक का सर्वर डाउन हो जाए या फिर एटीएम काम ना करे तो ऐसे में आप दूसरे बैंक को काम में ला सकते हैं।
- चूंकि, अलग-अलग बैंक अलग-अलग इंटरेस्ट रेट व ऑफर देते हैं। ऐसे में आप इन ऑफर्स का फायदा उठा सकते हैं।
मल्टीपल बैंक अकाउंट के नुकसान

जिस तरह किसी चीज का फायदा होता है, ठीक उसी तरह उसका नुकसान भी उठाना पड़ता है। ऐसा ही मल्टीपल बैंक अकाउंट के साथ भी है। मसलन-
- हर बैंक अकाउंट में आपको कुछ मिनिमम बैलेंस रखना पड़ता है। अगर बैलेंस कम हुआ या नहीं हुआ, तो ऐसे मंे बैंक पेनल्टी लगा देता है। अब जरा सोचिए कि अगर आपके पास चार अकाउंट है और सबमें ₹10,000 रखने हैं, तो आपके ₹40,000 तो बिना किसी वजह के ब्लॉक हो गए।
- हर बैंक के कुछ चार्जेस होते हैं। वह डेबिट कार्ड से लेकर एसएमएस अलर्ट और अन्य सेवाओं के लिए साल में ₹200 से ₹1,000 तक वसूलता है। अब आपके पास जितने ज्यादा अकाउंट होंगे, आपको उतना ज्यादा खर्चा उठाना पड़ेगा।
- अगर आप सभी अकाउंट को सही तरह से मैनेज नहीं कर पाते हैं और किसी अकाउंट में लंबे समय तक कोई लेन-देन नहीं करते हैं, तो ऐसे में बैंक उस अकाउंट को इनएक्टिव कर देता है। फिर उसे दोबारा चालू करवाने के लिए बैंक के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
एक से ज्यादा बैंक अकाउंट रखें या नहीं
एक से ज्यादा बैंक अकाउंट रखने में समस्या नहीं है। कोशिश करें कि आप 2-3 से ज्यादा बैंक अकाउंट ना रखें। साथ ही, कुछ बातों का ध्यान रखें। मसलन-
- जीरो बैलेंस अकाउंट खुलवाएं, ताकि आपको मिनिमम बैलेंस रखने का झंझट ना हो।
- हर अकाउंट को किसी खास मकसद के लिए रखें, ताकि आप उसे आसानी से ट्रैक कर पाएं।
- साल में एक बार अपने अकाउंट का रिव्यू जरूर करें और जिस अकाउंट की आपको जरूरत ना हो, उसे बंद करवा दें।
