Pigeon Feeding Benefits
Pigeon Feeding Benefits

Pigeon Problem: कबूतरों का सदियों से मैसेंजर यानी संदेशवाहक के तौर पर उपयोग किया जा रहा है। कई लोगों का मानना है कि कबूतरों को दाना डालने से पुण्‍य की प्राप्‍ति होती है। वहीं कुछ लोग इन्‍हें अपनी बालकनी में घोंसला बनाने की जगह भी दे देते हैं। लेकिन आपको बता दें कि खिड़की, बालकनी और छत पर बैठे ये कबूतर आपकी जान के दुश्‍मन हो सकते हैं। जी हां, पिछले कुछ सालों में कबूतरों के संपर्क से जुड़ी श्‍वांस संबंधित समस्‍याओं में लगभग 10 से 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं महानगरों में कबूतर की बीट से फैलने वाले इंफेक्‍शन के कई मामले भी सामने आए हैं। कबूतर की बीट क्रिप्‍टोकॉकोसिस, हिस्‍टोप्‍लाज्‍मोसिस और सिटाकोसिस जैसी बीमारियों के लिए जिम्‍मेदार हो सकती है। कबूतरों के मल और मूत्र को साफ करते समय जो धूल और मिट्टी उड़ती है वह सीधे आपकी सांस नली में जाती है जिससे लंग्‍स से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए कबूतरों को घर से दूर रखने में ही भलाई है। लेकिन कबूतरों को बालकनी और छत से कैसे दूर रखा जाए, चलिए जानते हैं इसके बारे में।

कबूतर की बीट क्‍यों है खतरनाक

Pigeon Problem-ऐसे करें कबूतरों को दूर
Why is pigeon droppings dangerous

कबूतर के पंख और बीट में क्रिएटर-वायरस होते हैं जो सांस के माध्‍यम से लंग्‍स में प्रवेश कर जाते हैं। लंबे समय तक कबूतरों की बीट के संपर्क में रहने से लंग्‍स से संबंधित समस्‍याएं हो सकती हैं।

कबूतर की बीट से बढ़ सकती हैं परेशानियां

– कबूतर की बीट से क्रिप्‍टोकॉकोसिस, सिटाकोसिस और हिस्‍टोप्‍लाज्‍मोसिस हो सकता है।

– कबूतर की बीट में मौजूद कैमिकल इंम्‍यून सिस्‍टम को भी कमजोर बना देता है।

– कबूतर की बीट के संपर्क में आने से लंग टिशू डैमेज हो सकते हैं साथ ही ये इंटरनेशनल लैंग्‍वेज डिजीज का भी कारण बन सकता है। 

– अस्‍थमा के मरीजों को इनकी बीट से अधिक परेशानी हो सकती है। बीट से निकलने वाली धूल और बदबू अस्‍थमा को ट्रिगर कर सकती है। साथ ही सांस लेने में भी परेशानी आ सकती है।

– कबूतर की बीट से पालतू जानवर भी बीमार हो सकते हैं। उन्‍हें भी संक्रमण का खतरा होता है।

कबूतरों को इन उपायों से रखें घर से दूर

ऐसे करें कबूतरों को दूर
Keep pigeons away from home with these measures

लगाएं जाली: कबूतरों को बालकनी से दूर रखने के लिए आप कबूतर जाली का उपयोग कर सकते हैं। शहरों में अधिकांश लोग कबूतर जाली का इस्‍तेमाल करते हैं। ये जाली प्‍लास्टिक और सिंथेटिक वायर की होती है जो किसी भी मौसम में खराब नहीं होती है।

प्‍लास्टिक की बोतल: कबूतरों को बालकनी से भगाने के लिए आप प्‍लास्टिक की बोतल का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक पुरानी प्‍लास्टिक की बोतल लेनी है जिसमें पानी भरकर बालकनी में टांग देना है। जब बोतल पर धूप पड़ेगी तो बोतल चमकने लगेगी जिसके प्रतिबिंब से डरकर कबूतर भाग जाएंगे।

पूरानी सीडी लगाएं: आपके पास पुरानी सीडी तो रखी ही होंगी। कबूतरों को भगाने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। एक रस्‍सी में 4-5 सीडीज को बांधकर बालकनी में लटका दें। सीडी पर पड़ने वाली धूप और रोशनी से चमक निकलती है जिससे कबूतर डरते हैं।

कबूतरों को बनाएं उल्‍लू: कबूतरों को डराने और उल्‍लू बनाने के लिए बालकनी में आप जानवरों या खतरनाक पक्षियों के खिलौने रख सकते हैं। कबूतर अपने से बड़े पक्षियों को बालकनी में देखकर डर जाएंगे और वहां दोबारा नहीं आएंगे।