Deepika Padukone
Deepika Padukone Credit: Instagram/Deepika Padukone

Summary: दीपिका पादुकोण से जानें मानसिक स्वास्थ्य के संघर्ष और उनसे निपटने के तरीके

बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने अपने डिप्रेशन के अनुभव साझा करके मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात की। उन्होंने थेरेपी, सपोर्ट सिस्टम और सेल्फ-केयर की अहमियत को समझाया और लोगों को मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

Ways to Fight Depression: मानसिक स्वास्थ्य हमारे लिए किसी टैबू से कम नहीं है, खासकर अपने देश में जहां मानसिक सेहत पर बातचीत करना अभी भी सही नहीं माना जाता है। लेकिन बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संघर्षों पर खुलकर बोलना शुरू कर दिया है। खुद डिप्रेशन की शिकार रह चुकी दीपिका मानसिक स्वास्थ्य पर लोगों को शिक्षित, प्रेरित और सपोर्ट करने के लिए आगे आ चुकी हैं। आइए जानते हैं कि दीपिका पादुकोण ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कौन सी अच्छी और मददगार बातें कही है। 

2015 में ही दीपिका ने खुलकर डिप्रेशन से जुड़े अपने अनुभव को लोगों से शेयर किया और कहा कि सफलता और प्रसिद्धि पाए हुए इंसानों को भी इस तरह की चुनौतियां झेलनी पड़ती हैं। अपनी यात्रा को शेयर करते हुए दीपिका ने हजारों लाखों की संख्या में लोगों को यह संदेश दिया कि जब मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है तो अकेले घुटकर रहने की बजाय मदद के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाना ही समझदारी है। इसके साथ ही दीपिका ने यह समझने में भी लोगों की मदद की कि मेंटल हेल्थ इश्यू किसी को भी प्रभावित कर सकते हैं फिर चाहे वह किसी भी स्टेटस या पृष्ठभूमि से हो। 

दीपिका ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे पर प्रोफेशनल मदद लेने के महत्व को उजागर किया है। उन्होंने थेरेपी को अपनी रिकवरी का क्रेडिट देते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को उतनी ही गंभीरता से लेना चाहिए जितना की शारीरिक रोगों को लिया जाता है। थेरेपी और दवाइयां को सामान्य बताते हुए दीपिका ने साइकोलॉजिकल मदद से जुड़े टैबू को सामान्य बनाने की कोशिश की है। 

दीपिका की यात्रा से हमें यह भी सीखने को मिलता है कि सबके पास एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम होना चाहिए। वह हमेशा अपने परिवार और दोस्तों की बातें करती हैं और उन्होंने यह बताया भी है कि उनकी रिकवरी में किस तरह इन्होंने उनकी मदद की। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी परिवार और दोस्तों ने डिप्रेशन से लड़ने में न सिर्फ उनकी मदद की बल्कि उन्हें  प्रोत्साहित भी किया है। 

दीपिका हमेशा सेल्फ केयर पर जोर देती हैं, फिर चाहे इसके लिए फिजिकल एक्टिविटी करनी हो या माइंडफुलनेस की प्रैक्टिस करनी हो या खुद के लिए सीमाओं का निर्धारण करना हो। वह इस बात पर जोर देती हैं कि हर व्यक्ति को सबसे पहले अपने लिए समय निकालने की जरूरत है। इसके साथ ही वह हेल्दी लाइफटाइम चॉइस को भी महत्ता देती हैं, जिसमें बैलेंस्ड डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और पर्याप्त आराम शामिल है। 

दीपिका ने हमेशा मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बातचीत पर जोर दिया है। उनका मानना है कि किसी व्यक्ति के संघर्ष पर बात करने से ही होने में मदद मिलती है और जज किए जाने का डर भी खत्म होता है। उन्होंने हमेशा मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहे लोगों के प्रति अधिक सहानुभूति, समझदार और मददगार होने के लिए प्रोत्साहित किया है। 

स्पर्धा रानी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज ने हिन्दी में एमए और वाईएमसीए से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। बीते 20 वर्षों से वे लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट लेखन में सक्रिय हैं। अपने करियर में कई प्रमुख सेलिब्रिटीज़ के इंटरव्यू...