कम उम्र में बच्चों की आंखें हो रही हैं कमजोर, अपनाएं ये आसान से टिप्स
Eye Health for Kids : आज के समय में कम उम्र में ही बच्चों की आंखें कमजोर हो रही हैं। इस स्थिति में आपको कुछ आसान से टिप्स को फॉलो करने की जरूरत है, जिससे बच्चों की आंखों को बेहतर किया जा सके। आइए जानते हैं इन टिप्स के बारे में-
Eye Health for Kids आसान और प्रभावी उपाय अपनाकर बच्चों की आंखों की रोशनी को मजबूत किया जा सकता है। इस लेख में हम आपको बच्चों की आंखों की देखभाल के लिए कुछ टिप्स बताएंगे। आइए जानते हैं इस बारे में-
संतुलित और पोषक आहार
आहार का बच्चों की आंखों की सेहत पर गहरा असर पड़ता है। उन्हें हरी सप्जियां और फल खिलाएं, जैसे – गाजर, पालक, ब्रोकली और पपीता इत्यादि। इस तरह के फूड्स में विटामिन ए और ल्यूटिन भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आंखों के लिए फायदेमंद हैं।
आंखों की मजबूती के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड जरूरी होता है, इसके लिए मछली, अखरोट और अलसी के बीज जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन कराएं। यह आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं। इतना ही नहीं, डेयरी उत्पाद जैसे- दूध और दही से मिलने वाला विटामिन डी और कैल्शियम आंखों की सेहत में सुधार करता है।
स्क्रीन टाइम सीमित करें
आजकल बच्चे स्मार्टफोन, टीवी और लैपटॉप पर अधिक समय बिताते हैं, जिससे उनकी आंखों पर जोर पड़ता है। च्चों को हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज को देखने के लिए प्रेरित करें।

स्क्रीन पर ब्लू लाइट ब्लॉकिंग चश्मे का इस्तेमाल करें और स्क्रीन ब्राइटनेस को कम रखें। इसके साथ ही बच्चों को रोजाना कम से कम 1 घंटे तक आउटडोर खेलों में शामिल करें। सूरज की प्राकृतिक रोशनी आंखों के लिए फायदेमंद होती है।
नियमित आंखों की जांच
बच्चों की आंखों की समय-समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है। आंखों की कमजोरियों को जल्दी पकड़ने के लिए नियमित चेकअप कराएं। यदि बच्चे को चश्मा पहनने की जरूरत है, तो उसे सही समय पर इस्तेमाल करना सुनिश्चित करें।
आंखों की एक्सरसाइज कराएं
आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए व्यायाम बेहद उपयोगी होता है। इसके लिए आप कुछ एक्सरसाइज करा सकते हैं, जैसे-
पामिंग – बच्चे को अपनी हथेलियों को गर्म करके आंखों पर रखें। यह आंखों को आराम देता है।
पेंसिल पुशअप – बच्चे को एक पेंसिल पर ध्यान केंद्रित करने को कहें और इसे धीरे-धीरे आंखों के करीब लाएं।
रोटेशन -बच्चों को आंखों को दाएं-बाएं और ऊपर-नीचे घुमाने को कहें।

आंखों की स्वच्छता का ध्यान रखें
स्वच्छता का अभाव भी आंखों की समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे में आंखों की स्वच्छता का ध्यान रखें। इसके लिए उन्हें गंदे हाथों से आंखों को न छूने दें। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है। नियमित रूप से आंखों की गुनगुने पानी से सफाई कराने की आदत डलवाएं। बाहर जाते समय बच्चों को धूप का चश्मा पहनने के लिए प्रेरित करें।
बचपन में आंखों की कमजोरी को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम दे सकता है। संतुलित आहार, स्क्रीन टाइम का प्रबंधन, नियमित जांच, और स्वच्छता जैसी आदतों को अपनाकर बच्चों की आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। यह ध्यान रखें कि छोटे-छोटे बदलाव से ही बच्चों की दृष्टि बेहतर और उनकी जिंदगी उज्जवल बन सकती है।
