protein for children growth
protein for children growth Credit: Istock

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एबॉट न्यूट्रिशन के एक शोध में सामने आया कि स्कूल जाने वाले सात में से एक बच्चा अपने दैनिक प्रोटीन सेवन के लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाता है। यानी उसके शरीर में प्रोटीन की कमी है। इन बच्चों की उम्र 6 से 13 साल के बीच थी।

Protein for Children Growth: जंक फूड और डिब्बा बंद स्नैक्स के इस दौर में बच्चों को स्वस्थ रखना और पूरा पोषण देना, हर माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती है। ऐसा ही एक जरूरी पोषक तत्व है प्रोटीन। यह बच्चों के शारीरिक ही नहीं मानसिक विकास के लिए भी जरूरी है। एबॉट न्यूट्रिशन के एक शोध में सामने आया कि स्कूल जाने वाले सात में से एक बच्चा अपने दैनिक प्रोटीन सेवन के लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाता है। यानी उसके शरीर में प्रोटीन की कमी है। इन बच्चों की उम्र 6 से 13 साल के बीच थी। चिंता की बात ये है कि इसी उम्र में बच्चों को प्रोटीन की ज्यादा जरूरत होती है। प्रोटीन की यह कमी बच्चों के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। क्योंकि बढ़ते बच्चों के लिए प्रोटीन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। राहत की बात यह है कि बच्चों को प्रोटीन युक्त डाइट देना बहुत ही आसान है। बच्चों के लिए क्यों है पर्याप्त प्रोटीन जरूरी, किस उम्र में कितना प्रोटीन खाना चाहिए और आप इसे बच्चों की डाइट का हिस्सा कैसे बना सकते हैं, ये सभी जरूरी जानकारियां आज जानते हैं इस लेख से।

बच्चों के लिए इसलिए जरूरी है प्रोटीन

Protein for Children Growth-प्रोटीन एक मैक्रोन्यूट्रिएंट है जो बच्चों के विकास के लिए बहुत ही जरूरी है।
makhProtein is a macronutrient that is very important for the growth of children.

प्रोटीन एक मैक्रोन्यूट्रिएंट है जो बच्चों के विकास के लिए बहुत ही जरूरी है। अगर कोई बच्चा अपनी उम्र के हिसाब से विकसित नहीं हो रहा है या उसका विकास बहुत ही धीमा है तो इसका मतलब है कि उसे प्रोटीन सहित अन्य पोषक तत्व नहीं मिल पा रहे हैं। दरअसल, प्रोटीन कई शारीरिक कार्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मांसपेशियां, त्वचा, अंगों, रक्त, बालों और नाखूनों में ऊतकों की मरम्मत के लिए प्रोटीन जरूरी होता है। प्रोटीन बनाने वाले 20 अमीनो एसिड में से शरीर 11 का उत्पादन कर सकता है, लेकिन बाकी नौ बच्चों को भोजन से लेने होते हैं। प्रोटीन से भरपूर भोजन बच्चों को सिर्फ प्रोटीन ही नहीं देता बल्कि विटामिन ई, विटामिन बी, आयरन, मैग्नीशियम और जिंक जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी इसका हिस्सा होते हैं। ऐसे में आप इसे संपूर्ण आहार बोल सकते हैं। जिन बच्चों की डाइट में सही मात्रा में प्रोटीन शामिल नहीं होता वे अक्सर थकान, धीमे विकास, खराब फोकस, कमजोर हड्डियों, जोड़ों में दर्द और कमजोर इम्यूनिटी की समस्या से जूझते रहते हैं।

प्रोटीन की कमी से हो सकते हैं ये नुकसान

प्रोटीन शारीरिक ही नहीं मानसिक विकास के लिए भी बहुत जरूरी है। इसका मुख्य काम है बच्चों के संपूर्ण विकास में मदद करना। यह सिर्फ ऊतकों का निर्माण और मरम्मत ही नहीं करता, बल्कि एंजाइम और हार्मोन उत्पादन में भी मददगार होता है। प्रोटीन बच्चों की सिनैप्टिक ताकत के लिए महत्वपूर्ण होता है। इससे उनकी सीखने और याद करने की क्षमता प्रभावित होती है। प्रोटीन में मौजूद अमीनो एसिड न्यूरोट्रांसमीटर बनाने में मदद करते हैं, जिससे याददाश्त बढ़ती है। जब बच्चे प्रोटीन का सेवन कम करते हैं तो ये सभी विकास प्रभावित होने लगते हैं।

हर उम्र के लिए अलग है प्रोटीन की जरूरत

प्रोटीन शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी है इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है कि आप इसका बिना सोचे समझे सेवन करें। हर उम्र में प्रोटीन की अलग-अलग मात्रा की आवश्यकता होती है। द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस के अनुसार यह मात्रा इस प्रकार है। 1 से 3 साल के बच्चे को प्रतिदिन 13 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। वहीं 4 से 8 साल के बच्चों के विकास के लिए यह मात्रा 19 ग्राम है। बच्चे की उम्र अगर 9 से 13 साल के बीच है तो उसे प्रतिदिन 34 ग्राम प्रोटीन डाइट में देना चाहिए। किशोरावस्था में बच्चों का विकास तेजी से होता है। इसलिए इस उम्र में उन्हें प्रोटीन की जरूरत भी ज्यादा होती है। 14 से 18 साल के किशोरों को 52 ग्राम और किशोरियों को करीब 46 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।

ये पांच सुपरफूड है प्रोटीन से लबालब

बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उनकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना बहुत जरूरी है।
It is very important to increase the amount of protein in the diet of children for their better health.

बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उनकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना बहुत जरूरी है। हालांकि यह कोई मुश्किल काम नहीं है। बच्चों की डाइट में ये सुपर टेस्टी फूड शामिल करके आप उनका प्रोटीन इनटेक आसानी से बढ़ा सकते हैं। इन हेल्दी प्रोटीन से भरी टेस्टी डिशेज से बच्चों को स्वाद और सेहत दोनों मिलेंगी।

1. मूंग दाल ढोकला

हरी मूंग दाल और पालक दोनों ही पोषण का भंडार हैं। लेकिन अक्सर बच्चे इन दोनों को ही पसंद नहीं करते। ऐसे में आप मूंग दाल ढोकला बना सकते हैं। 100 ग्राम मूंग दाल में करीब 25 ग्राम प्रोटीन होता है। वहीं इतने ही पालक में 2.9 ग्राम और बेसन में 22 ग्राम प्रोटीन होता है। इन तीनों का कॉम्बिनेशन मूंग दाल ढोकला को एक सुपर हेल्दी प्रोटीन डिश बनाता है। इसे आप नॉर्मल ढोकला की तरह बना सकते हैं। बस इसमें भीगी हुई मूंग दाल और उबले हुए पालक को पीसकर मिलाना है।

2. राजमा और चावल

शायद ही कोई ऐसा बच्चा हो जिसे राजमा चावल पसंद नहीं होता है। राजमा चावल लगभग हर बच्चे की फेवरेट लिस्ट में शामिल होता है। यह डिश भी प्रोटीन से लबालब है। 100 ग्राम राजमा में करीब 24 ग्राम प्रोटीन होता है। वहीं इतने ही चावल में करीब 3 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। ऐसे में यह एक प्रोटीन रिच डाइट है। जिसे आप बिना किसी मेहनत के बच्चों को खिला सकते हैं।

3. रोस्टेड मखाना

हर बच्चे को स्नैक्स खाना पसंद होता है, लेकिन यह माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे इसमें भी सेहतमंद विकल्प बच्चों को दें। रोस्टेड मखाना एक ऐसा ही शानदार विकल्प है। 100 ग्राम रोस्टेड मखाना ने करीब 15 ग्राम प्रोटीन होता है। साथ ही इसमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम भी होते हैं। आप मखाने को हल्के से घी में सेके और उसमें नमक व काली मिर्च मिलाएं। अपने बच्चों को नियमित रूप से स्नैक्स में इन्हें दें। मखाने के कई अन्य फायदे भी हैं।

4. बेसन चीला

बेसन प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है। 100 ग्राम बेसन में करीब 22 ग्राम प्रोटीन होता है। ऐसे में आप बच्चों के एक मील में बेसन चीला शामिल कर सकते हैं। इसमें कई सब्जियां मिलाने से यह और भी पौष्टिक हो जाएगा। आप इसमें पनीर डालें और दही के साथ बच्चों को खिलाएं। इससे इसके गुण तीन गुना बढ़ जाएंगे, क्योंकि पनीर और दही भी प्रोटीन से भरपूर होते हैं। 100 ग्राम पनीर में करीब 18 से 25 ग्राम प्रोटीन होता है। वहीं इतने ही दही में 10 ग्राम प्रोटीन होता है।

5. सोया टिक्की

सोयाबीन बच्चों के साथ ही बड़ों की सेहत के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होता है। बच्चों को आप सोयाबीन ​बड़ी की टिक्की बनाकर खिला सकते हैं। 100 ग्राम सोयाबीन बड़ी में करीब 36 ग्राम प्रोटीन होता है। इन्हें बनाना भी बहुत आसान है। आप जरूरत के अनुसार सोयाबीन की बड़ियां लें और उन्हें करीब 1 घंटे के लिए ​पानी में भिगो दें। फिर इसे अच्छे से उबालकर छान लें। अब इन्हें अच्छे से बारीक पीस लें और इसमें उबला हुआ आलू, बेसन, नमक मिलाकर टिक्की बना लें। तवे पर घी डालकर टिक्की सेक लें। ये टेस्टी और हेल्दी​ टिक्की आप चटनी या सॉस से बच्चों को खिला सकती हैं।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...