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रिश्ते में चुप्पी कई तरह की होती है। कई बार यह चुप्पी रिश्ते को समय देने के लिए जरूरी होती है। यह आपके रिश्ते को सहज बनाती है। लड़ाई, गुस्से और नाराजगी को दूर करती है। यह मौन एक उपचार का काम भी करता है।
सुनीता और साहिल की लव लाइफ में अचानक से एक अजीब सा सन्नाटा छा गया है। वर्किंग होने के कारण सुनीता दिनभर के काम, बच्चों और परिवार की देखभाल से थकान महसूस करती है। वहीं साहिल को यह सब बहुत ही नॉर्मल लगता है। वह इन सारे कामों को सुनीता की ही जिम्मेदारी मान बैठा था। धीरे-धीरे सुनीता और साहिल के बीच लड़ाइयां बढ़ने लगीं। सुनीता जहां खुलकर अपनी बातें कहती, वहीं साहिल ने चुप्पी की राह चुनी। उसने सुनीता से बिलकुल बात करना बंद कर दिया। ऑफिस से घर आकर भी वो परिवार के हर सदस्य से बात करता। खाली समय में मोबाइल देखता, लेकिन सुनीता से आगे बढ़कर कुछ नहीं बोलता। बस जरूरत की बात कहना या पूछना। साहिल की यह चुप्पी सुनीता को अंदर ही अंदर खाने लगी। सुनीता को परेशान करने लगी या यूं कहे कि उसके गुस्से को और ट्रिगर करने लगी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि रिश्तों में चुप्पी कितनी सही है और इसके क्या मायने हैं।
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रिश्ते में कई तरह की होती है चुप्पी

रिश्ते में चुप्पी कई तरह की होती है। कई बार यह चुप्पी रिश्ते को समय देने के लिए जरूरी होती है। यह आपके रिश्ते को सहज बनाती है। लड़ाई, गुस्से और नाराजगी को दूर करती है। यह मौन एक उपचार का काम भी करता है। आपको स्थितियों की प्रतिक्रियाओं से बचाता है। इससे आप खुद और सामने वाले को चोट पहुंचने से बच पाते हैं। कई बार मौन संघर्षों को छिपाने का एक तरीका भी होता है। लेकिन आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि ज्यादा देर का अनावश्यक मौन रिश्ते में दूरी का कारण भी बन सकता है। इससे आपका आपसी संवाद खत्म हो जाता है और रिश्ते में दूरियां आने लगती हैं।
महिलाओं को आहत करती है चुप्पी
मनोचिकित्सक डॉ. मनीषा गौड़ कहती हैं कि किसी भी रिश्ते में महिलाओं और पुरुषों की जरूरतें और प्रतिक्रियाएं अलग-अलग होती हैं। पार्टनरशिप में इस अंतर को समझना बहुत जरूरी है। लड़ाई-झगड़े के समय किसी भी एक पार्टनर का चुप रहना अच्छा है। लेकिन कुछ ही समय बात दोनों को खुलकर आपस में बातें शांति से साफ कर लेनी चाहिए। महिलाएं चाहती हैं कि जब वे नाराज हैं तो पार्टनर उन्हें मनाए। एक इमोशनल सपोर्ट दे। लेकिन जब ऐसा नहीं होता और पार्टनर चुप्पी साध लेता है तो यह उन्हें अंदर से तोड़ देता है। इससे उनकी भावनाएं आहत होती हैं। लेकिन पुरुषों के साथ ऐसा नहीं होता।
चुप्पी नहीं है कोई हल
डॉ. गौड़ के अनुसार चुप्पी किसी भी रिश्ते में आपको किसी समाधान तक नहीं पहुंचा सकती है। रिश्ते के सफल होने के लिए एक दूसरे को समझना और संवाद करना बहुत जरूरी है। इसके बिना रिश्ता दूर तक चलना मुश्किल है। कई बार लंबे समय तक रखा गया मौन रिश्ते पर नकारात्मक असर करता है। इससे दो लोगों के बीच सिर्फ दूरियां बढ़ती हैं, प्यार नहीं। कई बार एक पार्टनर यह समझ जाता है कि उसके चुप रहने से सामने वाला परेशान रहता है, ऐसे में वह इस मौन को हथियार के रूप में काम में लेता है। लेकिन इससे रिश्ते की नींव कमजोर हो सकती है।
