ऊंचे पहाड़ पर बसे हैं देवी माता के ये फेमस मंदिर: Famous Temple in the Mountains :
नवरात्रि में माता रानी से जो भी मांग की जाती है, वह सभी मुरादों को पूरा करती है।
Famous Temple in the Mountains : नवरात्रि के नौ दिनों तक माता रानी की खूब धूमधाम से पूजा की जाती है। कहते हैं नवरात्रि में माता रानी से जो भी मांग की जाती है, वह सभी मुरादों को पूरा करती है। भक्त माता के दर्शन के लिए अलग-अलग मंदिर भी जाते हैं। आप दुर्गा मां के कई मंदिर गए होंगे लेकिन आपको पता है कि माता रानी के ऐसे कई मंदिर भी है जो ऊंचे पहाड़ पर स्थित है। चलिए जानते हैं उन मंदिरों की बारे में।
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मनसा देवी मंदिर, उत्तराखंड

उत्तराखंड के मनसा देवी मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह मंदिर हरिद्वार से सिर्फ 3 किमी की दूरी पर शिवालिक पहाड़ियों के बिल्वा पर्वत पर स्थित है। यह शक्तिपीठ हरिद्वार में स्थित अन्य पीठ-चंदा देवी मंदिर और माया देवी मंदिर की ही भांति काफी लोकप्रिय है। यहां जाने वाले भक्तों का कहना है कि यहां के पेड़ पर धागा बांधने से मनोकामना जरूर पूरी होती है।
वैष्णो देवी, जम्मू कश्मीर

भारत में सर्वाधिक लोकप्रिय माता का तीर्थस्थल वैष्णो देवी मंदिर, त्रिकूट पर्वत पर 5300 फीट की ऊंचाई पर बना है। इस मंदिर की दूरी जम्मू-कश्मीर स्थित कटरा से लगभग 12 किलोमीटर है। मंदिर के गर्भ गृह तक जाने के लिए एक प्राचीन गुफा थी, जिसे अब बंद करके दूसरा रास्ता बना दिया गया है। कहते हैं कि इसके गुफा में माता ने भैरव को अपने त्रिशूल से मारा था।
अधर देवी मंदिर, राजस्थान
राजस्थान के माउंट आबू से 3 किलोमीटर दूरी पर स्थित इस मंदिर में मां कात्यायनी की षष्ठी रूप की पूजा की जाती है। भक्त नवरात्रि के नौ दिनों के लिए नौ रूपों की देवी दुर्गा की पूजा करते हैं। यहां के आरबुदा देवी के चरण पादुका मंदिर भी स्थित हैं। यहां मां ने राक्षस बसकाली को अपने पैरों के नीचे कुचल दिया था इसलिए उनके पैर यहां पूजे जाते हैं।
चामुंडेश्वरी मंदिर, कर्नाटक

देवी दुर्गा का ही एक अन्य रूप चामुंडेश्वरी देवी है। इस मंदिर की ऊंचाई लगभग 34000 फिट है। यह मैसूर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर है, आप यहां मैसूर रेल या उड़ान से पहुंच सकते हैं।
सप्तश्रृंगी देवी मंदिर, महाराष्ट्र
यहां की देवी मूर्ती लगभग 10 फीट ऊंची है। देवी मूर्ति के 18 हाथ है जिनसे वे अलग-अलग अस्त्र-शस्त्र पकड़े हुए है। यह मंदिर छोटे-बड़े सात पर्वतों से घिरा हुआ है इसलिए यहां की देवी को सप्तश्रृंगी यानी सात पर्वतों की देवी भी कहते हैं।
बम्लेश्वरी देवी मंदिर, छत्तीसगढ़
यह मंदिर राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ शहर में स्थित है। ये मंदिर 1,600 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको 1100 सीढ़ियों को चढ़ना होगा। मंदिर का खुलने का समय सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक है।
