महाराष्ट्र के किलो की ख़ास बात
यह वह भूमि है जहाँ पर लड़ी गई लड़ाईयों की गूँज को आप अभी भी सुन सकते हैं। इस जगह पर आकर आप मराठों और मुगलों के गौरवशाली अतीत को देख सकते हैं।
Forts In Maharashtra: महाराष्ट्र का शाब्दिक अर्थ महान राष्ट्र होता है जोकि शिवाजी महाराज की भूमि है। जिसकी वजह से इसका एक बहुत ही बड़ा एतिहासिक महत्व है। यह वह भूमि है जहाँ पर लड़ी गई लड़ाईयों की गूँज को आप अभी भी सुन सकते हैं। इस जगह पर आकर आप मराठों और मुगलों के गौरवशाली अतीत को देख सकते हैं। इस जगह की समृद्ध संस्कृति को महसूस कर सकते हैं। यह वह समय था जब दोनों साम्राज्यों ने कई स्मारक और वास्तुकला के अजूबे बनाए जो आज भी समय की कहानी बताने के लिए आज भी मौजूद हैं।
1. लोहागढ़ किला, लोनावाला

लोहागढ़ किला महाराष्ट्र के प्रमुख क़िलों में आता है। लोनावाला की पहाड़ी पर स्थित यह किला वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है। मुख्य शहर पुणे से 52 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह एक बहुत ही ख़ूबसूरत किला है। उसमुद्र तल से 1,033 मीटर की ऊँचाई पर स्थित इस किले पर शिवाजी से लेकर मुगलों तक ने शासन किया। शिवाजी महाराज ने सूरत से लूटे गए अपने खजाने को इसी जगह पर रखा था।
2. जंजीरा किला, मुरुड

जंजीरा किला महाराष्ट्र का एक भव्य और ख़ूबसूरत क़िला है। इस किले को कुछ लोग मुरुद गांव में होने के नाते मुरुद किले के नाम से भी जानते हैं। यह किला पुणे के पास बने सबसे शानदार किलों में गिना जाता है। 17वीं शताब्दी के अंत में बना यह किला वास्तुकला का अद्भुत नमूना माना जाता है। यह किला 40 फीट की ऊंचाई पर खड़ा है, जो सदियों से समुद्र की लहरों के थपेड़ों को झेल रहा है।
3. दौलताबाद किला, दौलताबाद

औरंगाबाद में स्थित दौलताबाद किला हमारे देश के सबसे भव्य किलो में आता है। 14वीं शताब्दी में बनाये गए इस किले को कुछ लोग देवगिरी के नाम से भी जानते हैं। यह इतना भव्य और ख़ूबसूरत है कि इसे महाराष्ट्र के सात अजूबों में से एक माना जाता है। इस किले पर मराठों, मुगलों और पेशवाओं सहित कई शासकों ने शासन किया। बाद में यह क़िला हैदराबाद के निज़ामों के अधीन आ गया था। इस किले तक पहुँचने के लिए 750 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।
4. पन्हाला किला, पन्हाला

मुख्य शहर कोल्हापुर से लगभग 20 किमी की दूरी पर स्थित पन्हाला किला महाराष्ट्र के प्रमुख किलो में आता है। यह एक दर्रे पर स्थित होने के नाते रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रहा है। यह कभी बीजापुर से राजसी सह्याद्री पर्वत श्रृंखला में एक प्रमुख व्यापार मार्ग था। ताराबाई जोकि कोल्हापुर की रानी थी उन्होंने अपने जीवन के प्रारंभिक वर्ष इसी किले में बिताए थे। यह क़िला समय के थपेड़ों की वजह से अपने अंतिम दिन जिन रहा है। लेकिन वास्तुकला के प्रति उत्साही लोगों के लिए अद्भुत जगह है।
5. रायगढ़ किला, रायगढ़

महाराष्ट्र में स्थित रायगढ़ किला हमारे देश के प्रमुख किलो में गिना जाता है। यह किला हरी-भरी सह्याद्री पर्वत श्रृंखला पर स्थित है। जिसकी वजह से देश भर से सैलानी इस जगह को देखने के लिए आते हैं। इस किले तक पहुँचना जितना मुश्किल है, उतना ही रोमांचक। लगभग 1737 सीढ़ियाँ चढ़ने के बाद किले पर हम पहुंचते हैं। इस जगह से नीचे एक बहुत ही ख़ूबसूरत घाटी का नज़ारा दिखाई देता है। इस किले को पूरे क्षेत्र में सबसे भव्य और सुरक्षित किले के रूप में देखा जाता था।
