नाज़नीन के किरदार को निभाने में किस तरह की चुनौती थी?
सबसे बड़ा चुनौति यही था कि आप कैसे किसी ऐसी औरत का रोल निभाएंगे जो बंदी युद्ध की है। उसके इमोशन को पर्दे पर उतारने के लिए आपको नाज़नीन बनना पड़ेगा। ये सोचना कि एक औरत का पति 17 साल से गायब है और ये नहीं पता है कि वो ज़िन्दा है या मर चुका है। जिसके बच्चे अपने पापा को पहचानते नहीं हैं। वैसे इस कैरेक्टर से सीखने के लिए बहुत कुछ है।
आप इस किरदार से कितना रिलेट कर पाई?
मेरे लिए इस किरदार से रिलेट करना आसान था क्योंकि मुझे इस कैरेक्टर में अपनी मम्मी की झलक मिलती है। नाज़नीन की ही तरह मैंने देखा हे कि मेरी मम्मी भी सबकी भावनाएं को ख्याल रखती हैं। मेरे पापा का देहांत बहुत पहले ही हो गया था, उसके बाद जिस तरह से मेरी मम्मी ने हम भाई-बहनों को बड़ा किया और परिवार का ख्याल रखा वो मुझे नाजनीन के किरदार में भी वो गुण दिखता है।
अपने रोल्स को लेकर आप बहुत चूज़ी हैं, कोई खास वजह?
एक्टिंग मेरा पैशन है। मैं कोई भी रोल इसलिए नहीं करती क्योंकि मैं एक्टिंग के साथ चीटिंग नहीं कर सकती। मैं एक्टिंग पैसों के लिए नहीं करती, सिर्फ इसलिए करती हूं कि मुझे एक्टिंग करना पसंद है।
शूटिंग के बाद रिलैक्स कैसे करती हैं?
मुझे जल्दी पैकअप करना पसंद है क्योंकि घर आकर मैं फ्रेश होकर, मेकअप उतार कर कुछ देर बैठने के बाद, मैं मेडिटेशन जरूर करती हूं।
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…म्यूज़िक के बगैर मैं कुछ नहीं कर सकती। मैं कार में बैठती हूं और अपने मूड के हिसाब से गाना सुनती हूं। सुबह मैं योगा निद्रा चलाती हूं और कम से कम 10 मिनट के लिए प्राणायाम जरूर करती हूं।
म्यूज़िक के अलावा क्या पसंद करती हैं आप?
योगा और आयुर्वेदा मेरी हॉबि और पैशन दोनों है। इनके लिए मैं कहीं भी जा सकती हूं और मैं इस पर हमेशा पढ़ती भी रहती हूं।
आप कहां-कहां घूमना पसंद करती हैं?
मैं एक रेस्टलेस सोल हूं। मैं योगा आश्रम जाकर ही चैन से बैठती हूं। मैं नेचर लवर हूं और मुझे बड़े शहरों में रहना पसंद नहीं हूं। लद्दाख की शांति मुझे बेहद पसंद है। मैं आदिल हुस्सैन के साथ लद्दाख एक फिल्म की शूटिंग करने गई थी। तब वहां के लोगों ने मुझे सीखाया था कि वहां के बातावरण में एडजस्ट करने के लिए फ्लाइट से उतरों तो धीरे से उठना, धीरे चलना और मैंने महसूस किया है हमारा एटीट्यूड भी वहां के वातावरण की तरह शांत हो जाता है।
सोलो ट्रैवलिंग पसंद करती हैं या ग्रुप में?
सोलो ट्रेवलिंग मैं सिर्फ योगा के लिए करती हूं। अगर मैं किसी योगा आश्रम में जा रही हूं तो मैं अकेले जाती हूं। अगर मैं छुट्टियां मनाने जा रही हूं तो मैं किसी ऐसे के साथ जाना चाहूंगी जिसके साथ मुझे टाइम स्पेंड करना पसंद हो। मैं अपनी गर्ल फ्रेंड्स के साथ अक्सर घूमने जाती हूं।
आपका सेविंग मंत्र क्या है?
सेविंग में मैं ज्यादा विश्वास नहीं करती। मैं खर्चो, जीयो, खाओ, पीयो और खुश रहो में विश्वास रखती हूं। ट्रैवलिंग के दौरान मैं इस बात का ध्यान रखती हूं कि एक ऐसी दोस्त जरूर हो जो बजटिंग अच्छी करती हो।
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